Biomolecules Class 12 Notes PDF in English & Hindi | Free Download.

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Looking for comprehensive, high-quality, and visually structured Biomolecules Class 12 Notes? Prepared by experienced subject experts, these resources cover fundamental concepts, carbohydrate classifications, protein structures, nucleic acids, and exam-winning tips for CBSE, UP Board, Bihar Board, NEET, JEE, and CUET aspirants.

English Medium Biomolecules Class 12 Notes हिंदी माध्यम जैव अणु कक्षा 12 नोट्स

Get comprehensive, expert-prepared Biomolecules Class 12 notes covering carbohydrates, amino acids, peptide bonds, protein denaturation, DNA and RNA structures, and vitamins. Designed for CBSE, NEET, JEE, and State Boards with step-by-step NCERT solutions and free PDF downloads.

NCERT के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित अध्याय: जैव अणु (Biomolecules) के विस्तृत नोट्स। इसमें कार्बोहाइड्रेट, ऐमीनो अम्ल, पेप्टाइड बंध, प्रोटीन की संरचना, न्यूक्लिक अम्ल (DNA/RNA) तथा विटामिन की सरल व्याख्या के साथ बोर्ड परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण प्रश्न व अभ्यास हल PDF में उपलब्ध हैं।

Full Chapter Notes PDF (Concepts, Structures & Reactions)
जैव अणु: Complete Chapter Notes (बेसिक से एडवांस)
Detailed NCERT Solutions: In-Text, Examples & Full Exercise PDF
NCERT संपूर्ण हल: इन-टेक्स्ट, उदाहरण एवं बैक एक्सरसाइज PDF
Formula Sheet & Quick Revision Notes (Structures & Classifications)
क्विक रिवीजन चार्ट (संरचनाएँ, वर्गीकरण एवं मुख्य अभिक्रियाएँ)
Board Exam Special: Most Repeated Questions & Top Topics
बोर्ड परीक्षा स्पेशल: बार-बार पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
NEET & CUET Corner: Important Topics & Targeted MCQ Bank
NEET एवं CUET स्पेशल: हाई-वेटेज टॉपिक्स व महत्वपूर्ण MCQs
JEE Main Practice: Chapter-wise PYQs with Step-by-Step Solutions
JEE Main स्पेशल: विगत वर्षों के सॉल्व्ड प्रश्न (PYQs बैंक)
JEE Advanced Challenge: Multi-Concept & Structural Problems PDF
JEE Advanced स्पेशल: महत्वपूर्ण संरचनात्मक प्रश्न व अभिक्रियाएँ

Biomolecules Class 12 Short Notes for Quick Revision

यह अध्याय मुख्य रूप से सीधे थ्योरी, जैव-रासायनिक संरचनाओं और वर्गीकरण पर आधारित है। क्विक रिवीजन के लिए तैयार किए गए ये शॉर्ट नोट्स Glucose की चक्रीय संरचना, Peptide Linkage ($-\text{CO}-\text{NH}-$), प्रोटीन की प्राथमिक व द्वितीयक संरचनाएँ, तथा DNA और RNA के न्यूक्लियोटाइड घटकों को तेज़ी से दोहराने में मदद करते हैं। परीक्षा से ठीक पहले कार्बोहाइड्रेट के वर्गीकरण और महत्वपूर्ण रासायनिक परीक्षणों के त्वरित अभ्यास के लिए यह सबसे उपयोगी साधन है।

How to Prepare Biomolecules for Board Exams (CBSE/State Board)

बोर्ड परीक्षाओं में इस चैप्टर का वेटेज आमतौर पर 5 से 7 marks तक का होता है। बोर्ड पेपर्स में यहाँ से सीधे मानक रासायनिक अभिक्रियाएँ, संरचनाएँ और परिभाषाएँ पूछी जाती हैं। पूरे अंक प्राप्त करने के लिए ग्लूकोस की मुख्य रासायनिक अभिक्रियाओं का लिख-लिखकर अभ्यास करें:

  • Hydrogen Iodide के साथ अभिक्रिया:$$\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6 + \text{HI} \xrightarrow{\Delta} \text{n-Hexane}$$
  • Bromine Water के साथ ऑक्सीकरण:$$\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6 + \text{Br}_2\text{/H}_2\text{O} \rightarrow \text{Gluconic Acid}$$
  • Nitric Acid के साथ ऑक्सीकरण:$$\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6 + \text{HNO}_3 \rightarrow \text{Saccharic Acid}$$

इसके साथ-साथ Denaturation of Proteins, ऐमीनो अम्लों के बीच पेप्टाइड बंध का निर्माण, तथा डीएनए व आरएनए के संरचनात्मक अंतरों को नियमित रूप से लिखकर तैयार करें।

How to Prepare Biomolecules for NEET & CUET

NEET और CUET जैसी परीक्षाओं में जैव अणु अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका सीधा संबंध केमिस्ट्री और बायोलॉजी दोनों विषयों से है। यहाँ से सामान्यतः 2 से 3 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं। आवश्यक व अनावश्यक ऐमीनो अम्ल (Essential & Non-essential Amino Acids), ज़्विटर आयन संरचना:

$$\text{R}-\text{CH}(\text{NH}_3^+)\text{COO}^-$$

न्यूक्लिक एसिड में बेस-पेयरिंग (A = T तथा G ≡ C), और जल में घुलनशील (B, C) व वसा में घुलनशील (A, D, E, K) विटामिन्स की कमी से होने वाले रोगों पर विशेष ध्यान दें।

How to Prepare Biomolecules for JEE Main & Advanced

JEE Main & Advanced में इस अध्याय के संरचनात्मक और स्टीरियोकेमिकल पहलुओं पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। पूरे अंक प्राप्त करने के लिए Reducing and Non-reducing Sugars, ग्लाइकोसिडिक लिंकेज की सटीक स्थिति (α-1,4 या β-1,4), एनोमेरिक कार्बन (C-1), Mutarotation, ऐमीनो अम्ल का आइसोइलेक्ट्रिक पॉइंट:

$$\text{pI} = \frac{\text{pK}_{a1} + \text{pK}_{a2}}{2}$$

तथा न्यूक्लिक एसिड के फॉस्फोडाइएस्टर बैकबोन के मैकेनिज्म का गहन अभ्यास करें।

Biomolecules Weightage & Important Topics for CBSE Board Exam 2026–2027

CBSE और अन्य सभी राज्य बोर्ड परीक्षाओं में Biomolecules का वेटेज औसतन 5 से 7 marks निर्धारित रहता है। इस चैप्टर के सबसे महत्वपूर्ण और बार-बार पूछे जाने वाले टॉपिक्स में ग्लूकोस की खुली व बंद शृंखला की पुष्टि करने वाली रासायनिक अभिक्रियाएँ, Tollens’ Reagent व Fehling’s Solution परीक्षण, रेशेदार व कणिकामय प्रोटीन्स, एंजाइमों की विशिष्टता, और विटामिन्स का वर्गीकरण शामिल हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

प्र. 1. सीबीएसई, यूपी बोर्ड और एमपी बोर्ड परीक्षा में Biomolecules का कुल वेटेज कितना होता है?

बोर्ड परीक्षाओं में Biomolecules (जैव अणु) का सामान्यतः 5 से 7 अंक का वेटेज रहता है। CBSE Board में यह लगभग 7 अंक, UP Board में 5 से 6 अंक, और MP Board में भी 5 से 6 अंक के बीच पूछा जाता है। चूँकि इसमें न्यूमेरिकल्स नहीं होते, इसलिए यह सीधे थ्योरी, रासायनिक समीकरणों और संरचनाओं पर पूरे अंक दिलाने वाला चैप्टर है।

प्र. 2. नीट (NEET) परीक्षा के लिए Biomolecules क्यों बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है?

NEET परीक्षा में यह चैप्टर केमिस्ट्री और बायोलॉजी दोनों विषयों में कॉमन होने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें केमिस्ट्री सेक्शन से कम से कम 2 प्रश्न पूछे जाते हैं। मुख्य रूप से आवश्यक व अनावश्यक ऐमीनो अम्ल (Amino Acids), पेप्टाइड बंध, विटामिन्स की कमी से होने वाले रोग, तथा DNA/RNA की संरचना व बेस-पेयरिंग (A = T और G ≡ C) से सीधे NCERT आधारित प्रश्न आते हैं।

प्र. 3. जेईई मेन और एडवांस्ड में इस चैप्टर से किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?

JEE Main और Advanced में इस चैप्टर से संरचनात्मक और तार्किक प्रश्न पूछे जाते हैं। विशेष रूप से अपचायक व अनपचायक शर्करा (Reducing vs Non-reducing Sugars), ग्लूकोस के एनोमर्स, प्रोटीन्स के प्राथमिक व द्वितीयक बंध (हाइड्रोजन बॉन्ड एवं डाइसल्फाइड लिंकेज), और बायोमोलेक्यूल्स के रासायनिक परीक्षणों (Tollens’ व Fehling’s टेस्ट) पर आधारित प्रश्न आते हैं।

Chemical Kinetics Class 12 Notes PDF in English & Hindi | Free Download.

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English Medium Chemical Kinetics Class 12 Notes हिंदी माध्यम रासायनिक बलगतिकी कक्षा 12 नोट्स

Get comprehensive, expert-prepared Chemical Kinetics Class 12 notes covering average and instantaneous rate, order and molecularity, integrated rate laws, and Arrhenius activation energy. Designed for CBSE, NEET, JEE, and State Boards with step-by-step NCERT solutions and free PDF downloads.

NCERT के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित अध्याय 3: रासायनिक बलगतिकी (Chemical Kinetics) के विस्तृत नोट्स। इसमें अभिक्रिया का वेग, कोटि और आणविकता, समाकलित वेग समीकरण तथा अर्द्ध-आयु काल की सरल व्याख्या के साथ बोर्ड परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण प्रश्न व अभ्यास हल PDF में उपलब्ध हैं।

Full Chapter Notes PDF (Concepts, Formulas & Derivations)
रासायनिक बलगतिकी: Complete Chapter Notes (बेसिक से एडवांस)
Detailed NCERT Solutions: In-Text, Examples & Full Exercise PDF
NCERT संपूर्ण हल: इन-टेक्स्ट, उदाहरण एवं बैक एक्सरसाइज PDF
Formula Sheet & Quick Revision Notes (All Laws & Equations)
क्विक रिवीजन फॉर्मूला शीट (सभी नियम, सूत्र एवं इकाइयाँ)
Board Exam Special: Most Repeated Questions & Top Topics
बोर्ड परीक्षा स्पेशल: बार-बार पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
NEET & CUET Corner: Important Topics & Targeted MCQ Bank
NEET एवं CUET स्पेशल: हाई-वेटेज टॉपिक्स व महत्वपूर्ण MCQs
JEE Main Practice: Chapter-wise PYQs with Step-by-Step Solutions
JEE Main स्पेशल: विगत वर्षों के सॉल्व्ड प्रश्न (PYQs बैंक)
JEE Advanced Challenge: Multi-Concept & Numerical Problems PDF
JEE Advanced स्पेशल: महत्वपूर्ण कठिन न्यूमेरिकल्स व डेरिवेशन्स

Chemical Kinetics Class 12 Notes in Hindi

Chemical Kinetics क्लास 12 केमिस्ट्री का एक बेहद स्कोरिंग और महत्वपूर्ण चैप्टर है। यहाँ इस पेज पर हिंदी और इंग्लिश दोनों माध्यमों के विद्यार्थियों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले नोट्स PDF फॉर्मेट में उपलब्ध कराए गए हैं। छात्र अपनी सुविधा के अनुसार संबंधित माध्यम के नोट्स डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, अपनी तैयारी को मजबूत करने के लिए यहाँ विस्तृत अभ्यास सामग्री, फॉर्मूला शीट्स और महत्वपूर्ण प्रश्नों का संकलन भी प्रदान किया गया है।

Chemical Kinetics Class 12 Short Notes for Quick Revision

यह चैप्टर मुख्य रूप से सीधे फॉर्मूलों और बेसिक न्यूमेरिकल्स पर आधारित है। क्विक रिवीजन के लिए तैयार किए गए ये शॉर्ट नोट्स Zero Order और First Order Reactions, उनके Half-Life Period (t1/2)), तथा Arrhenius Equation के मुख्य सूत्रों को तेज़ी से दोहराने में मदद करते हैं। परीक्षा से ठीक पहले सभी महत्वपूर्ण समीकरणों, यूनिट्स और सिद्धांतों का त्वरित अभ्यास करने के लिए यह सबसे उपयोगी साधन है।

How to Prepare Chemical Kinetics for Board Exams (CBSE/State Board)

बोर्ड परीक्षाओं में इस चैप्टर का वेटेज आमतौर पर 4 से 6 अंक का होता है। बोर्ड पेपर्स में पूछे जाने वाले प्रश्न सीधे और फॉर्मूला आधारित होते हैं, जिनका कठिनाई स्तर काफी आसान रहता है। परीक्षा में पूरे अंक प्राप्त करने के लिए Order of Reaction, Molecularity के बीच अंतर, प्रथम कोटि की अभिक्रियाओं के समाकलित वेग समीकरण (Integrated Rate Laws) और उनकी अर्द्ध-आयु पर आधारित डायरेक्ट न्यूमेरिकल्स का लिख-लिखकर अभ्यास करें।

How to Prepare Chemical Kinetics for NEET & CUET

NEET और CUET जैसी परीक्षाओं में केमिकल काइनेटिक्स से पूछे जाने वाले प्रश्नों का स्तर आसान और मुख्य रूप से NCERT पर आधारित होता है। यहाँ से प्रायः 1 से 2 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं। इन प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुख्य रूप से First Order Kinetics, अर्द्ध-आयु की गणनाओं, तथा विभिन्न कोटियों के Graphical Representations पर विशेष ध्यान दें ताकि समय सीमा के भीतर सटीकता से उत्तर दिया जा सके।

How to Prepare Chemical Kinetics for JEE Main & Advanced

JEE Main & Advanced में इस चैप्टर का ओवरऑल डिफिकल्टी लेवल ‘Easy to Moderate’ ही रहता है, लेकिन यहाँ प्रश्नों में थोड़ा कैलकुलेटिव हिस्सा बढ़ा दिया जाता है। इस स्तर की तैयारी के लिए Temperature Dependence of Reaction Rates, संघट्ट सिद्धांत (Collision Theory), मॉलिक्यूल्स की गतिज ऊर्जा वितरण (Maxwell-Boltzmann Distribution) तथा काइनेटिक्स के एडवांस ग्राफ-आधारित प्रश्नों की गहन प्रैक्टिस करें।

Chemical Kinetics Weightage & Important Topics for CBSE Board Exam 2026–2027

CBSE और अन्य बोर्ड परीक्षाओं में Chemical Kinetics का वेटेज 4 से 6 अंक के मध्य निर्धारित रहता है। इस चैप्टर के सबसे महत्वपूर्ण और बार-बार पूछे जाने वाले टॉपिक्स में शून्य और प्रथम कोटि की अभिक्रियाएँ, उनकी हाफ-लाइफ के सूत्र, आरहेनियस समीकरण तथा अभिक्रिया की दर को प्रभावित करने वाले कारक (तापमान और उत्प्रेरक) शामिल हैं, जहाँ से सीधे ऑब्जेक्टिव और न्यूमेरिकल प्रश्न बनते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

प्र. 1. सीबीएसई, यूपी बोर्ड और एमपी बोर्ड परीक्षा में केमिकल काइनेटिक्स का कुल वेटेज कितना होता है?

रासायनिक बलगतिकी (Chemical Kinetics) का बोर्ड परीक्षाओं में सामान्यतः 4 से 6 अंक का वेटेज रहता है। CBSE Board में यह लगभग 5 से 6 अंक, UP Board में 4 से 5 अंक, और MP Board में भी 4 से 5 अंक के बीच पूछा जाता है। यह फिजिकल केमिस्ट्री का एक बेहद स्कोरिंग चैप्टर है जहाँ से सीधे फॉर्मूला आधारित प्रश्न आते हैं।

प्र. 2. नीट (NEET) परीक्षा में केमिकल काइनेटिक्स से किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?

NEET परीक्षा में इस चैप्टर से प्रश्न मुख्य रूप से आसान और NCERT-based होते हैं। इसमें आमतौर पर First Order Reactions, अर्द्ध-आयु काल (t1/2) की गणना, अभिक्रिया की कोटि (Order of Reaction) और बेसिक ग्राफिकल एनालिसिस पर आधारित 1 से 2 सीधे ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाते हैं।

प्र. 3. जेईई मेन और एडवांस्ड में इस चैप्टर से कैसे प्रश्न आते हैं?

JEE Main और Advanced में प्रश्नों का डिफ़िकल्टी लेवल ‘Easy to Moderate’ होता है, लेकिन यहाँ थोड़ा कैलकुलेशन का स्तर बढ़ा दिया जाता है। मुख्य रूप से Arrhenius Equation, तापमान पर निर्भरता, विभिन्न कोटियों के Rate Laws, और काइनेटिक्स के एडवांस ग्राफिकल व मल्टी-स्टेप मैकेनिज्म पर आधारित न्यूमेरिकल्स पूछे जाते हैं।

Electrochemistry Class 12 Notes in Hindi & English | Free Download.

Download expert-prepared Electrochemistry Class 12 notes PDF in English and Hindi medium. Includes NCERT solutions, handwritten notes, short tricks, and board PYQs.

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English Medium Electrochemistry Class 12 Notes हिंदी माध्यम वैद्युत रसायन कक्षा 12 नोट्स

Get comprehensive, expert-prepared Electrochemistry Class 12 notes covering fundamental concepts, Nernst equation derivations, Kohlrausch’s law, and numerical tricks. Designed for CBSE, NEET, JEE, and State Boards with step-by-step NCERT solutions and free PDF downloads.

NCERT ke navintam pathyakram par aadharit adhyay 2: vaidyut rasayan (Electrochemistry) ke vistrit notes. Ismein galvanic cell, manak electrode vibhav aur Faraday ke niyamon ki saral vyakhya ke saath board pariksha hetu mahatvapurna prashna va abhyas hal PDF mein uplabdh hain.

Full Chapter Notes PDF (Concepts, Formulas & Derivations)
वैद्युत रसायन: Complete Chapter Notes (बेसिक से एडवांस)
Detailed NCERT Solutions: In-Text, Examples & Full Exercise PDF
NCERT संपूर्ण हल: इन-टेक्स्ट, उदाहरण एवं बैक एक्सरसाइज PDF
Formula Sheet & Quick Revision Notes (All Laws & Equations)
क्विक रिवीजन फॉर्मूला शीट (सभी नियम, सूत्र एवं इकाइयाँ)
Board Exam Special: Most Repeated Questions & Top Topics
बोर्ड परीक्षा स्पेशल: बार-बार पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
NEET & CUET Corner: Important Topics & Targeted MCQ Bank
NEET एवं CUET स्पेशल: हाई-वेटेज टॉपिक्स व महत्वपूर्ण MCQs
JEE Main Practice: Chapter-wise PYQs with Step-by-Step Solutions
JEE Main स्पेशल: विगत वर्षों के सॉल्व्ड प्रश्न (PYQs बैंक)
JEE Advanced Challenge: Multi-Concept & Numerical Problems PDF
JEE Advanced स्पेशल: महत्वपूर्ण कठिन न्यूमेरिकल्स व डेरिवेशन्स

Electrochemistry Class 12 Notes in Hindi

ऊपर दिए गए सभी पीडीएफ और नोट्स विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए हैं। इनमें हस्तलिखित और डिजिटल प्रिंटेड नोट्स एक समान ही उपयोगी हैं। वर्तमान में हाथ से लिखने की तुलना में डिजिटल नोट्स बनाना अधिक सुगम रहता है। विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए जाने के कारण इनकी गुणवत्ता किसी भी हस्तलिखित नोट्स से कम नहीं है। टाइपिंग या फॉर्मेट से कोई अंतर नहीं पड़ता; ये डिजिटल नोट्स भी हाथ से लिखे गए नोट्स जितने ही प्रामाणिक और विश्वसनीय हैं।

Electrochemistry Class 12 Short Notes for Quick Revision

Once you strengthen your fundamental concepts from NCERT and comprehensive class notes, these short notes serve as an ideal tool for rapid revision. They bring together key formulas such as Faraday’s Laws, the Nernst Equation, and the EMF of a Cell into a single place, helping you review the entire chapter efficiently right before examinations.

How to Prepare Electrochemistry for Board Exams (CBSE/State Board)

With a consistent weightage of around 5 to 7 marks, this chapter is too significant to ignore in board examinations. To secure maximum marks, focus on standard derivations, precise measurements of cell potential (EMF of a Cell), and numerical problems based on Electrode Potential and Molar Conductivity through regular, written practice.

How to Prepare Electrochemistry for NEET & CUET

For competitive exams like NEET and CUET, focus on clear concepts and formula application. Emphasize calculations involving Faraday’s Laws and cell EMF determinations, and consistently practice previous years’ questions (PYQs) to build both speed and precision.

How to Prepare Electrochemistry for JEE Main & Advanced

This topic holds substantial weightage in JEE Main & Advanced, where multi-concept numerical problems dominate the paper. Pay close attention to advanced numericals involving the Variation of Molar Conductivity in strong and weak electrolytes, challenging applications of the Nernst Equation, and the operational chemistry behind modern Batteries.

Electrochemistry Weightage & Important Topics for CBSE Board Exam 2026–2027

In the CBSE Class 12 board examination, Electrochemistry typically carries an estimated weightage of 5 to 7 marks, making it a reliable scoring area in Physical Chemistry. The most critical focus areas include numerical problems on the Nernst Equation, definitions and applications of Electrode Potential, Faraday’s Laws, and conductance trends.

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FAQs

Q1. What is the total weightage of Electrochemistry in Class 12 Chemistry board exam?

In CBSE and major State Boards (such as UP Board and Bihar Board), Electrochemistry generally carries a weightage of 7 to 9 marks, making it one of the highest-scoring chapters in Physical Chemistry.

Q2. What are the most important topics in Class 12 Electrochemistry?

The most frequently tested topics across board and competitive exams include numerical problems on the Nernst Equation, applications of Kohlrausch’s Law, variation of molar conductivity with dilution, and Faraday’s laws of electrolysis.

Q3. Are NCERT exercises enough to score full marks in Electrochemistry?

For CBSE and State Boards, thoroughly solving NCERT in-text questions, chapter-end exercises, and previous 5 to 10 years’ board question papers (PYQs) is sufficient. For competitive examinations like NEET and JEE, additional practice from specialized question banks is recommended.

UP Board Class 10 English Model Paper 2027 PDF with solution Download.

UP Board Class 10 English Model Paper 2027 PDF with solution: यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2027 में अंग्रेज़ी का प्रश्नपत्र कुल 70 अंकों का होगा, जिसमें 20 अंक के 20 बहुविकल्पीय प्रश्न और शेष 50 अंकों की लिखित परीक्षा होगी। परीक्षा में कितने प्रश्न अति लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय तथा अन्य प्रकार के पूछे जाएंगे, इसका पूरा विस्तृत विश्लेषण नीचे इस पोस्ट में दिया गया है। इसके साथ ही, आधिकारिक मॉडल पेपर और उसका हल (सॉल्यूशन) डाउनलोड करने की सुविधा भी नीचे उपलब्ध है।

Key Highlights

  • पूर्णांक एवं समय अवधि: लिखित परीक्षा कुल 70 अंकों की होगी. पूरा प्रश्न हल करने के लिए कुल 3 घंटे 15 मिनट का समय मिलेगा। जिसमें शुरुआती 15 मिनट प्रश्न पत्र को पढ़ने के लिए निर्धारित हैं।
  • दो स्पष्ट खंड: प्रश्न पत्र को दो भागों में बांटा गया है—Part A (20 अंक OMR बहुविकल्पीय) और Part B (50 अंक वर्णनात्मक)।
  • ओएमआर (OMR) उत्तर पत्रक: Part A के 20 प्रश्नों के उत्तर नीले या काले बॉलपॉइंट पेन से OMR शीट पर सही गोले को पूरी तरह भरकर देने हैं। इस पर व्हाइटनर या कटिंग नहीं करनी।
  • पाठ्यक्रम का संतुलित समावेश: पेपर में अपठित गद्यांश (Reading), रचनात्मक लेखन (Writing Skills), व्यावहारिक व्याकरण (Applied Grammar), हिंदी से अंग्रेजी अनुवाद (Translation) तथा लिटरेचर (First Flight एवं Footprints without Feet) के सभी अध्यायों को अंकों का विवरण नीचे टेबल मे दिया गया है।

UP Board Class 10 English Model Paper 2027 PDF with solution

यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं के मॉडल पेपर में दो भाग हैं:

  • भाग ‘अ’ (Part A): इसमें 20 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होगा, यानी यह पूरा भाग 20 अंकों का रहेगा।
  • भाग ‘ब’ (Part B): इसमें वर्णनात्मक प्रश्न होंगे, जिनमें अति लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल रहेंगे। यह पूरा भाग 50 अंकों का होगा।

यूपी बोर्ड कक्षा 10 की मुख्य बोर्ड परीक्षा 2027 से पहले प्रश्नपत्र के स्वरूप और प्रश्नों के प्रकार को समझाने के लिए बोर्ड द्वारा प्रतिवर्ष यह आधिकारिक मॉडल पेपर (सैंपल पेपर) जारी किया जाता है। परीक्षा में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि वे इस मॉडल पेपर को एक बार अवश्य हल करें और अपने अंग्रेज़ी विषय की पूरी तैयारी इसी पैटर्न के अनुसार करें। इससे वे बोर्ड परीक्षा में अधिकतम अंक प्राप्त कर सकेंगे।

UP Board 10th English 2027: Question Category & Marks Distribution

Paper Part & Question Type Section & Topics Covered Questions Marks
Part A
(OMR Based MCQs)
• Unseen Passage MCQs (Q1-3)
• Grammar & Vocabulary MCQs (Q4-8)
• Prose Extract MCQs (Q9-10)
• Prose Lesson MCQs (Q11-13)
• Poetry Stanza MCQs (Q14-15)
• Footprints Supplementary MCQs (Q16-20)
20 20 Marks
Part B: Reading
(Short / Very Short)
अपठित गद्यांश (Unseen Passage) पर आधारित 3 समझ-आधारित प्रश्न (प्रत्येक 2 अंक) + 1 शब्दावली/पर्यायवाची प्रश्न (1 अंक) 4 उप-प्रश्न 07 Marks
Part B: Writing Skills
(Long Answer)
• अनौपचारिक पत्र (Letter) अथवा औपचारिक प्रार्थना पत्र (Application) (4 अंक)
• चित्र आधारित अनुच्छेद (Picture Composition) अथवा निबंध/लेख (Article) (6 अंक)
2 10 Marks
Part B: Grammar & Translation • अप्रत्यक्ष कथन (Indirect Speech) (2 अंक)
• कर्मवाच्य (Passive Voice) (2 अंक)
• विराम चिह्न प्रयोग (Punctuation) (2 अंक)
• हिंदी से अंग्रेजी अनुवाद (Translation) (4 अंक)
4 10 Marks
Part B: Literature
(Prose, Poetry, Supplementary)
• First Flight गद्य लघु उत्तरीय प्रश्न (3+3 अंक)
• First Flight गद्य दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
• कविता आधारित प्रश्न अथवा 4 पंक्तियों की कविता (3 अंक)
• कविता का केंद्रीय भाव (Central Idea) (3 अंक)
• Footprints पूरक पुस्तिका लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक)
• Footprints पूरक पुस्तिका दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (4 अंक)
6 23 Marks
कुल लिखित पूर्णांक (Total Written Marks): 36 प्रश्न 70 Marks
UP Board 2027 Free Study Material

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Detailed Section-Wise Breakdown: किस खंड से क्या पूछा जाएगा?

Part A: बहुविकल्पीय प्रश्न (20 Marks)

इस खंड के सभी 20 प्रश्न 1-1 अंक के होते हैं और इनमें वस्तुनिष्ठ समझ का परीक्षण किया जाता है:

Q1 से Q3 (Unseen Passage MCQs – 3 अंक): एक अज्ञात गद्यांश (जैसे स्वामीनाथन और आमों वाले गणित के सवाल की कहानी) दिया जाता है। इस पर आधारित मुख्य पात्र के स्वभाव, घटना के निष्कर्ष और शब्दार्थ (Vocabulary जैसे ‘to obtain’ का अर्थ) से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।

Q4 से Q8 (Grammar & Vocabulary MCQs – 5 अंक): व्यावहारिक व्याकरण और शब्दावली पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं:

  • वाक्यों की सही रचना एवं शर्त वाले वाक्य (Conditional Sentences)
  • प्रीपोजिशन (Preposition) का सटीक प्रयोग (जैसे घड़ी के समय के लिए ‘by’ का प्रयोग)
  • अव्यवस्थित शब्दों को सही क्रम में रखकर सार्थक वाक्य बनाना (Sentence Reordering)
  • वर्तनी शुद्धि (Spelling Check – जैसे अशुद्ध शब्द ‘acceptible’ की पहचान)
  • शब्द भेद (Parts of Speech – संज्ञा, क्रिया, विशेषण आदि की पहचान)

Q9 से Q10 (First Flight गद्य अवतरण – 2 अंक): पाठ्यपुस्तक के गद्य पाठ (जैसे ‘Madam Rides the Bus’) का एक छोटा अंश देकर विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं।

Q11 से Q13 (First Flight गद्य पाठ आधारित प्रश्न – 3 अंक): पाठों के तथ्यात्मक विवरण पर सीधे सवाल पूछे जाते हैं (जैसे लैंचो का घर कहाँ था, पायलट के हवाई जहाज का नाम, आदि)।

Q14 से Q15 (Poetry पद्यांश-आधारित प्रश्न – 2 अंक): पाठ्यक्रम की कविता (जैसे ‘Amanda’) की पंक्तियाँ देकर वक्ता की पहचान और विलोम शब्द (Antonym जैसे ‘restriction’ का उल्टा ‘freedom’) पूछे जाते हैं।

Q16 से Q20 (Footprints without Feet पूरक पुस्तिका – 5 अंक): पूरक पुस्तिका के पाठों (जैसे ट्रिकी की बीमारी, हरि सिंह की माँग, होरेस डैनबी, भोली तथा थिंक-टैंक) के घटनाक्रमों पर आधारित 5 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं।

Part B: वर्णनात्मक प्रश्न (50 Marks)

Section 1: Reading (07 Marks)

Q1 (अपठित गद्यांश): एक ज्ञानवर्धक या ऐतिहासिक गद्यांश दिया जाता है (जैसे इंग्लैंड के सराय और रेस्टोरेंट का इतिहास)। इसके अंतर्गत कुल 4 प्रश्न पूछे जाते हैं:

  • दो विषय-समझ आधारित प्रश्न (2 + 2 = 4 अंक)
  • घटनाओं को कालक्रम के अनुसार व्यवस्थित करने वाला प्रश्न (2 अंक)
  • शब्द-खोज प्रश्न (जैसे ‘light food and drink’ के लिए गद्यांश से शब्द खोजना) (1 अंक)

Section 2: Writing Skills (10 Marks)

Q2 (पत्र अथवा प्रार्थना पत्र – 4 अंक): इसमें छात्रों को आंतरिक विकल्प मिलता है।

  • मित्र को छुट्टियों में न आ पाने की असमर्थता जताते हुए अनौपचारिक पत्र (Letter), अथवा
  • विद्यालय के पुस्तकालय अध्यक्ष (Librarian) को नई अंग्रेजी डिक्शनरी मँगवाने हेतु औपचारिक प्रार्थना पत्र (Application)

Q3 (अनुच्छेद अथवा लेख लेखन – 6 अंक): इसमें भी विकल्प उपलब्ध रहता है:

  • दिए गए चित्र (जैसे कक्षा 10 उत्तीर्ण करने के बाद करियर चयन) को देखकर लगभग 100 शब्दों में ‘The Big Decision of My Life’ पर पैराग्राफ लिखना
  • अथवा दिए गए 5 रूपरेखा बिंदुओं के आधार पर ‘A Farewell Party’ विषय पर 80 से 100 शब्दों का एक व्यवस्थित लेख (Article) लिखना

Section 3: Grammar & Translation (10 Marks) यह खंड व्यावहारिक नियमों और अनुवाद कौशल पर केंद्रित है:

  • Q4 (a) Indirect Speech (2 अंक): प्रत्यक्ष कथन को अप्रत्यक्ष कथन में बदलना (Tense और Pronoun परिवर्तन के नियम)।
  • Q4 (b) Passive Voice (2 अंक): सकर्मक क्रिया वाले वाक्यों को पैसिव वॉइस में रूपांतरित करना।
  • Q4 (c) Punctuation (2 अंक): वाक्य में कैपिटल लेटर्स, कॉमा, इनवर्टेड कॉमा और प्रश्नवाचक चिह्नों का सही प्रयोग।
  • Q4 (d) Translation (4 अंक): लगभग 4 वाक्यों का एक हिंदी गद्यांश (जैसे वृक्षों और पर्यावरण के महत्व पर) दिया जाता है, जिसका सही व्याकरण के साथ अंग्रेजी में सटीक अनुवाद करना होता है।

Section 4: Literature (23 Marks) साहित्य खंड सबसे अधिक 23 अंकों का भार वहन करता है:

  • Q5 (First Flight गद्य लघु उत्तरीय प्रश्न – 3 + 3 = 6 अंक): गद्य पाठों से दो लघु उत्तरीय प्रश्न (30–40 शब्द) हल करने होते हैं। दोनों प्रश्नों में आंतरिक विकल्प (OR) दिए जाते हैं।
  • Q6 (First Flight गद्य दीर्घ उत्तरीय प्रश्न – 4 अंक): किसी एक प्रश्न का लगभग 60 शब्दों में विस्तृत उत्तर लिखना होता है।
  • Q7 (कविता आधारित प्रश्न अथवा 4 पंक्तियाँ – 3 अंक): कविता पर आधारित प्रश्न का उत्तर दें या फिर अपने पाठ्यक्रम की किसी भी कविता की 4 पंक्तियाँ लिखें (ध्यान रहे कि वे पंक्तियाँ प्रश्न पत्र में न दी गई हों)।
  • Q8 (Central Idea – 3 अंक): दी गई तीन कविताओं (जैसे ‘A Tiger in the Zoo’, ‘The Trees’, ‘For Anne Gregory’) में से किसी एक का 40–50 शब्दों में केंद्रीय भाव लिखना होता है।
  • Q9 (Footprints पूरक पुस्तिका लघु उत्तरीय प्रश्न – 3 अंक): पूरक पुस्तिका के पाठों से किसी एक प्रश्न का 30–40 शब्दों में संक्षिप्त उत्तर देना होता है।
  • Q10 (Footprints पूरक पुस्तिका दीर्घ उत्तरीय प्रश्न – 4 अंक): पूरक पुस्तिका से किसी एक विचारोत्तेजक प्रश्न का लगभग 60 शब्दों में तार्किक उत्तर देना होता है।

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UP Board Class 10th English Model Paper 2027 PDF


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  1. Part A के 20 अंकों को पूर्णतः सुरक्षित करें: वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में पूरे 20 में से 20 अंक प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके लिए पाठ्यपुस्तकों के सभी अध्यायों के मुख्य पात्र, लेखक के नाम और बैकग्राउंड की घटनाओं को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
  2. प्रार्थना पत्र (Application) का प्रारूप सही रखें: औपचारिक पत्र में भेजने वाले का पता, दिनांक, संबोधन, विषय (Subject) और समापन का प्रारूप यदि सही हो, तो पूरे 4 अंक प्राप्त होते हैं।
  3. कविता की पंक्तियाँ और Central Idea पहले से तैयार रखें: परीक्षा के लिए कम से कम दो अलग-अलग कविताओं की 4-4 पंक्तियाँ और 3 प्रमुख कविताओं के केंद्रीय भाव लिखकर याद कर लें। यह आपके 6 अंक पहले ही सुनिश्चित कर देता है।
  4. उत्तर पुस्तिका में स्पष्ट प्रस्तुतीकरण दें: वर्णनात्मक खंड में प्रत्येक प्रश्न संख्या को पृष्ठ के मध्य में स्पष्ट रूप से लिखें, दो उत्तरों के मध्य दो पंक्तियों का स्थान छोड़ें और व्याकरण तथा वर्तनी की गलतियों से बचें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

प्रश्न 1: यूपी बोर्ड 2027 कक्षा 10 अंग्रेजी पेपर में ओएमआर (OMR) पर कितने प्रश्न आते हैं?

उत्तर: प्रश्न पत्र के Part A में कुल 20 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) आते हैं, जिनके उत्तर ओएमआर उत्तर पत्रक पर नीले या काले पेन से गोले भरकर देने होते हैं।

प्रश्न 2: क्या यूपी बोर्ड 10वी परीक्षा 2027 में वही 4 पंक्तियों की कविता लिख सकते हैं जो पेपर में आई हो?

उत्तर: बिल्कुल नहीं। प्रश्न पत्र के निर्देशानुसार आपको अपने पाठ्यक्रम की ऐसी कविता की 4 पंक्तियाँ लिखनी होती हैं जो उस प्रश्न पत्र में न पूछी गई हों।

प्रश्न 3: यूपी बोर्ड 10वी परीक्षा 2027 के लिखित पेपर में उत्तीर्ण होने के लिए कितने अंक अनिवार्य हैं?

उत्तर: 70 अंकों की लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 23 अंक (33%) प्राप्त करना आवश्यक होता है। शेष 30 अंक विद्यालय स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन के होते हैं।

प्रश्न 4: यूपी बोर्ड 10वीं परीक्षा 2027 मे लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की शब्द सीमा क्या होनी चाहिए?

उत्तर: लघु उत्तरीय प्रश्नों के लिए 30 से 40 शब्द (लगभग 4 से 5 पंक्तियाँ) तथा दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के लिए लगभग 60 शब्द (लगभग 7 से 8 पंक्तियाँ) लिखना सबसे उपयुक्त माना जाता है।

कक्षा 10 विज्ञान नोट्स: Class 10 Scienc Notes in Hindi

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 1 ‘रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण’ के सम्पूर्ण पुनरीक्षण नोट्स, संतुलित रासायनिक समीकरण, NCERT अभ्यास प्रश्न और बोर्ड परीक्षा उपयोगी सम्पूर्ण हल सरल हिंदी में।

भाग 1: सम्पूर्ण पुनरीक्षण नोट्स (Complete Revision Notes)

1.1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं उनके लक्षण (Chemical Reactions & Characteristics)

परिभाषा एवं अवधारणा (Definition)

जब कोई रासायनिक परिवर्तन घटित होता है, तो उसे रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction) कहा जाता है। इस प्रक्रिया में मूल अथवा प्रारंभिक पदार्थ की रासायनिक प्रकृति तथा पहचान पूर्णतः बदल जाती है और सर्वथा नए भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्मों वाले नए पदार्थों की उत्पत्ति होती है।

दैनिक जीवन में रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रमुख उदाहरण:

  • गर्मियों के दिनों में कमरे के सामान्य तापमान पर दूध का खट्टा होना या फट जाना।
  • लोहे के तवे, कील अथवा तसले को नम वायुमंडल (आर्द्रता) में खुला छोड़ देने पर उन पर जंग लगना।
  • अंगूर के रस का किण्वन (Fermentation) होना।
  • रसोई में भोजन का पकाया जाना तथा जीवधारियों के शरीर में पाचन तंत्र द्वारा भोजन का पचना।
  • श्वसन (Respiration) की प्रक्रिया, जिसमें कोशिकाओं में ग्लूकोज का विखंडन होता है।

रासायनिक अभिक्रिया के प्रमुख प्रेक्षण (Characteristics)

किसी भी प्रक्रिया में रासायनिक अभिक्रिया घटित हुई है या नहीं, इसका निर्धारण निम्नलिखित चार भौतिक व रासायनिक प्रेक्षणों के आधार पर किया जाता है:

  1. अवस्था में परिवर्तन (Change in State): पदार्थों की भौतिक अवस्था (ठोस, द्रव, गैस) का बदलना।
  2. रंग में परिवर्तन (Change in Colour): अभिकारकों और उत्पादों के रंग में अंतर आना।
  3. गैस का उत्सर्जन (Evolution of Gas): रासायनिक प्रक्रिया के दौरान किसी नई गैस का निष्कासन।
  4. तापमान में परिवर्तन (Change in Temperature): तंत्र द्वारा ऊष्मा का उत्सर्जन अथवा अवशोषण।

महत्वपूर्ण क्रियाकलाप (NCERT Laboratory Activities)

  • क्रियाकलाप 1.1: मैग्नीशियम रिबन का दहन (Combustion of Magnesium Ribbon)लगभग 3-4 cm लंबे मैग्नीशियम रिबन को बर्नर की लौ में जलाने से पूर्व रेगमाल (sandpaper) से भली-भांति रगड़कर साफ़ किया जाता है। इसका कारण यह है कि सामान्य वायुमंडल में मैग्नीशियम की सतह पर एक सुरक्षात्मक मैग्नीशियम ऑक्साइड ($\text{MgO}$) की पतली परत जम जाती है, जिसे हटाना आवश्यक होता है। जब साफ़ किए गए रिबन को चिमटे से पकड़कर बर्नर पर गर्म किया जाता है, तो यह अत्यंत चमकदार श्वेत (Dazzling White) लौ के साथ जलता है और एक श्वेत रंग का महीन चूर्ण बनाता है, जो मैग्नीशियम ऑक्साइड होता है:$$\text{2Mg(s)} + \text{O}_2\text{(g)} \rightarrow \text{2MgO(s)}$$
  • क्रियाकलाप 1.3: दानेदार जस्ते (जिंक) पर तनु अम्ल की क्रियाएक शंक्वाकार फ्लास्क में कुछ दानेदार जिंक ($\text{Zn}$) लेकर उसमें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल ($\text{H}_2\text{SO}_4$) मिलाया जाता है। अभिक्रिया प्रारंभ होते ही जस्ते के टुकड़ों के चारों ओर तीव्र बुदबुदाहट के साथ हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) के बुलबुले निकलते हैं। यदि फ्लास्क को बाहर से स्पर्श किया जाए, तो वह गर्म महसूस होता है, जो तापमान में वृद्धि (ऊष्माक्षेपी प्रकृति) को दर्शाता है:$$\text{Zn(s)} + \text{H}_2\text{SO}_4\text{(aq)} \rightarrow \text{ZnSO}_4\text{(aq)} + \text{H}_2\text{(g)}\uparrow$$

1.2 रासायनिक समीकरण एवं संतुलन (Chemical Equations & Balancing)

रासायनिक समीकरण (Chemical Equation)

किसी रासायनिक अभिक्रिया का प्रतीकों, रासायनिक सूत्रों और अवस्था संकेतों द्वारा संक्षिप्त व सटीक निरूपण रासायनिक समीकरण कहलाता है।

  • अभिकारक (Reactants): वे रासायनिक पदार्थ जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेते हैं अथवा जिनमें रासायनिक बदलाव होता है। इन्हें रासायनिक समीकरण में तीर के बाईं ओर (Left Hand Side – LHS) लिखा जाता है।
  • उत्पाद (Products): रासायनिक अभिक्रिया के फलस्वरूप निर्मित होने वाले नए गुणधर्मों वाले पदार्थ। इन्हें तीर के दाईं ओर (Right Hand Side – RHS) लिखा जाता है।
  • कंकाली (ढांचा) समीकरण (Skeletal Equation): यदि तीर के दोनों ओर (LHS तथा RHS) विभिन्न तत्वों के परमाणुओं की संख्या समान न हो, तो ऐसा समीकरण ढांचा या असंतुलित समीकरण कहलाता है।उदाहरण: $\text{Mg} + \text{O}_2 \rightarrow \text{MgO}$।

द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass)

भौतिकी एवं रसायन विज्ञान के मूलभूत नियमानुसार, किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन (निर्माण) किया जा सकता है और न ही विनाश (विघटन)।

इसका तात्पर्य यह है कि किसी रासायनिक अभिक्रिया में उत्पादों का कुल द्रव्यमान अभिकारकों के कुल द्रव्यमान के सदैव बराबर होना चाहिए। अतः अभिक्रिया के पहले और उसके पश्चात प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की कुल संख्या समान रहनी चाहिए, इसी कारणवश रासायनिक समीकरणों को संतुलित करना अनिवार्य होता है।

हिट एंड ट्रायल विधि द्वारा समीकरण संतुलन (Step-by-step Balancing)

अभिक्रिया का उदाहरण: $\text{Fe} + \text{H}_2\text{O} \rightarrow \text{Fe}_3\text{O}_4 + \text{H}_2$

  • चरण 1: रासायनिक सूत्रों के चारों ओर बॉक्स बनानासंतुलन करते समय रासायनिक सूत्रों के मूल संघटन में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता, इसलिए प्रत्येक सूत्र के चारों ओर बॉक्स बना लें:$$[\text{Fe}] + [\text{H}_2\text{O}] \rightarrow [\text{Fe}_3\text{O}_4] + [\text{H}_2]$$
  • चरण 2: तत्वों के परमाणुओं की संख्या की सूची तैयार करना
    • लोहा ($\text{Fe}$): LHS = $1$, RHS = $3$
    • हाइड्रोजन ($\text{H}$): LHS = $2$, RHS = $2$
    • ऑक्सीजन ($\text{O}$): LHS = $1$, RHS = $4$
  • चरण 3: सर्वाधिक परमाणु वाले तत्व (ऑक्सीजन) को संतुलित करनाLHS में $\text{O}$ का केवल $1$ परमाणु है, जबकि RHS में $4$ हैं। अतः LHS में $\text{H}_2\text{O}$ के आगे गुणांक $4$ लगाते हैं:$$\text{Fe} + 4\text{H}_2\text{O} \rightarrow \text{Fe}_3\text{O}_4 + \text{H}_2$$
  • चरण 4: हाइड्रोजन ($\text{H}$) परमाणुओं का संतुलनअब LHS में $4 \times 2 = 8$ हाइड्रोजन परमाणु हो गए हैं, जबकि RHS में केवल $2$ हैं। RHS के $\text{H}_2$ को $4$ से गुणा करते हैं:$$\text{Fe} + 4\text{H}_2\text{O} \rightarrow \text{Fe}_3\text{O}_4 + 4\text{H}_2$$
  • चरण 5: आयरन ($\text{Fe}$) परमाणुओं का संतुलनRHS में लोहे के $3$ परमाणु उपस्थित हैं। अतः LHS में $\text{Fe}$ के आगे गुणांक $3$ जोड़ते हैं:$$3\text{Fe} + 4\text{H}_2\text{O} \rightarrow \text{Fe}_3\text{O}_4 + 4\text{H}_2$$
  • चरण 6: भौतिक अवस्थाओं के संकेत जोड़नासमीकरण को अधिक सूचनाप्रद बनाने के लिए पदार्थों की भौतिक अवस्थाओं ठोस (s), द्रव (l), गैस (g) तथा जलीय विलयन (aq) को दर्शाया जाता है:$$3\text{Fe(s)} + 4\text{H}_2\text{O(g)} \rightarrow \text{Fe}_3\text{O}_4\text{(s)} + 4\text{H}_2\text{(g)}$$(नोट: यहाँ $\text{H}_2\text{O(g)}$ का प्रयोग यह स्पष्ट करता है कि अभिक्रिया में जल द्रव रूप में नहीं, बल्कि भाप (Steam) के रूप में प्रयुक्त हुआ है।)

1.3 रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार (Types of Chemical Reactions)

1. संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction)

ऐसी रासायनिक अभिक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक अभिकारक परस्पर संयोग करके एकल उत्पाद (Single Product) का निर्माण करते हैं, संयोजन अभिक्रिया कहलाती है।

  • बिना बुझा चूना तथा जल की क्रिया:$$\text{CaO(s)} + \text{H}_2\text{O(l)} \rightarrow \text{Ca(OH)}_2\text{(aq)} + \text{ऊष्मा}$$यहाँ कैल्सियम ऑक्साइड ($\text{CaO}$) जल से तीव्रता से क्रिया करके बुझा हुआ चूना [कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड – $\text{Ca(OH)}_2$] बनाता है।
  • कोयले (कार्बन) का दहन:$$\text{C(s)} + \text{O}_2\text{(g)} \rightarrow \text{CO}_2\text{(g)}$$
  • जल का संश्लेषण:$$2\text{H}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)} \rightarrow 2\text{H}_2\text{O(l)}$$

दीवारों पर सफेदी का रासायनिक विज्ञान:

दीवारों पर पुताई के लिए बुझे हुए चूने के विलयन [$\text{Ca(OH)}_2$] का उपयोग किया जाता है। पुताई के बाद यह वायुमंडल में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड गैस ($\text{CO}_2$) के साथ धीमी गति से क्रिया करता है। दो से तीन दिनों में दीवारों पर कैल्सियम कार्बोनेट ($\text{CaCO}_3$) की एक पतली, चमकदार और कड़ी परत बन जाती है, जिससे दीवारों में चमक आ जाती है। उल्लेखनीय है कि संगमरमर (Marble) का रासायनिक सूत्र भी $\text{CaCO}_3$ ही होता है।

$$\text{Ca(OH)}_2\text{(aq)} + \text{CO}_2\text{(g)} \rightarrow \text{CaCO}_3\text{(s)} + \text{H}_2\text{O(l)}$$

ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ (Exothermic Reactions)

जिन रासायनिक अभिक्रियाओं में उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ प्रचुर मात्रा में ऊष्मा (ऊर्जा) भी विमुक्त होती है, उन्हें ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएं कहते हैं।

  • प्राकृतिक गैस (मीथेन) का दहन:$$\text{CH}_4\text{(g)} + 2\text{O}_2\text{(g)} \rightarrow \text{CO}_2\text{(g)} + 2\text{H}_2\text{O(g)} + \text{ऊर्जा}$$
  • श्वसन (Respiration) प्रक्रिया:पाचन क्रिया के दौरान खाए गए खाद्य पदार्थ ग्लूकोज में टूटते हैं। यह ग्लूकोज हमारे शरीर की कोशिकाओं में उपस्थित ऑक्सीजन से मिलकर ऊर्जा मुक्त करता है:$$\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6\text{(aq)} + 6\text{O}_2\text{(aq)} \rightarrow 6\text{CO}_2\text{(aq)} + 6\text{H}_2\text{O(l)} + \text{ऊर्जा}$$
  • शाक-सब्जियों व वनस्पतियों का विघटित होकर कंपोस्ट खाद बनना भी ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया का एक आदर्श उदाहरण है।

2. वियोजन या अपघटन अभिक्रिया (Decomposition Reaction)

वह रासायनिक प्रक्रिया जिसमें एक एकल अभिकारक ऊष्मा, विद्युत अथवा प्रकाश ऊर्जा पाकर टूटता है और दो या दो से अधिक सरल उत्पादों का निर्माण करता है, वियोजन अभिक्रिया कहलाती है। यह अभिक्रिया संयोजन के सर्वथा विपरीत होती है।

ऊर्जा के स्रोत के आधार पर वियोजन तीन प्रकार का होता है:

(क) ऊष्मीय वियोजन (Thermal Decomposition)

जब किसी पदार्थ का अपघटन ऊष्मा (ताप) देने से होता है:

  • फेरस सल्फेट का तापन:$$2\text{FeSO}_4\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} \text{Fe}_2\text{O}_3\text{(s)} + \text{SO}_2\text{(g)} + \text{SO}_3\text{(g)}$$(हरे रंग के फेरस सल्फेट क्रिस्टल गर्म करने पर भूरे फेरिक ऑक्साइड में बदल जाते हैं तथा जलते हुए सल्फर जैसी विशिष्ट गंधयुक्त गैसें निकलती हैं।)
  • चूना पत्थर (कैल्सियम कार्बोनेट) का अपघटन:$$\text{CaCO}_3\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} \text{CaO(s)} + \text{CO}_2\text{(g)}$$
  • लेड नाइट्रेट का तापन:$$2\text{Pb(NO}_3)_2\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} 2\text{PbO(s)} + 4\text{NO}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)}$$(गर्म करने पर परखनली से भूरे रंग का नाइट्रोजन डाइऑक्साइड ($\text{NO}_2$) का धुआँ निकलता है।)
(ख) वैद्युत अपघटन (Electrolytic Decomposition / Electrolysis)

जब किसी यौगिक के द्रवित या जलीय रूप में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर उसका अपघटन होता है:

  • जल का वैद्युत अपघटन:$$2\text{H}_2\text{O(l)} \xrightarrow{\text{विद्युत धारा}} 2\text{H}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)}$$विद्युत अपघटन के दौरान कैथोड (ऋण ध्रुव) पर हाइड्रोजन गैस तथा एनोड (धन ध्रुव) पर ऑक्सीजन गैस एकत्रित होती है। जल के अणु में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का अनुपात $2:1$ होने के कारण कैथोड पर एकत्रित गैस की मात्रा एनोड की तुलना में ठीक दोगुनी होती है।
(ग) प्रकाश-रासायनिक वियोजन (Photolytic Decomposition)

जब अपघटन की प्रक्रिया सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा द्वारा संपन्न होती है:

  • सिल्वर क्लोराइड का अपघटन:$$2\text{AgCl(s)} \xrightarrow{\text{सूर्य का प्रकाश}} 2\text{Ag(s)} + \text{Cl}_2\text{(g)}$$(सूर्य के प्रकाश में खुला रखने पर श्वेत रंग का सिल्वर क्लोराइड धूसर/ग्रे रंग के धात्विक सिल्वर में परिवर्तित हो जाता है।)
  • सिल्वर ब्रोमाइड का अपघटन:$$2\text{AgBr(s)} \xrightarrow{\text{सूर्य का प्रकाश}} 2\text{Ag(s)} + \text{Br}_2\text{(g)}$$महत्वपूर्ण अनुप्रयोग: इस प्रकाश-रासायनिक अभिक्रिया का उपयोग पारंपरिक श्याम-श्वेत (Black & White) फोटोग्राफी में किया जाता है।
ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ (Endothermic Reactions)

जिन रासायनिक अभिक्रियाओं में अभिकारकों के रासायनिक बंधों को तोड़ने के लिए ऊर्जा (ऊष्मा, प्रकाश अथवा विद्युत के रूप में) का अवशोषण होता है, उन्हें ऊष्माशोषी अभिक्रियाएं कहते हैं। सभी वियोजन अभिक्रियाएं सामान्यतः ऊष्माशोषी प्रक्रम होती हैं।

3. विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)

ऐसी अभिक्रिया जिसमें अधिक अभिक्रियाशील तत्व किसी कम अभिक्रियाशील तत्व को उसके जलीय लवण विलयन में से विस्थापित (हटा) देता है, विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।

  • लोहे की कील और कॉपर सल्फेट की अभिक्रिया:$$\text{Fe(s)} + \text{CuSO}_4\text{(aq)} \rightarrow \text{FeSO}_4\text{(aq)} + \text{Cu(s)}$$जब कॉपर सल्फेट के गहरे नीले विलयन में लोहे की कील डाली जाती है, तो लोहा कॉपर से अधिक सक्रिय होने के कारण उसे हटा देता है। विलयन का रंग नीले से बदलकर हल्का हरा (फेरस सल्फेट बनने के कारण) हो जाता है और कील पर लाल-भूरे रंग के तांबे की परत जम जाती है।
  • जिंक और कॉपर सल्फेट की अभिक्रिया:$$\text{Zn(s)} + \text{CuSO}_4\text{(aq)} \rightarrow \text{ZnSO}_4\text{(aq)} + \text{Cu(s)}$$
  • लेड और कॉपर क्लोराइड की अभिक्रिया:$$\text{Pb(s)} + \text{CuCl}_2\text{(aq)} \rightarrow \text{PbCl}_2\text{(aq)} + \text{Cu(s)}$$

4. द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction)

वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें अभिकारकों के बीच आयनों का परस्पर विनिमय (आदान-प्रदान) होता है, द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

  • अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction):द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में प्रायः एक ऐसा उत्पाद बनता है जो जल में अघुलनशील होता है। इस अघुलनशील ठोस पदार्थ को अवक्षेप (Precipitate) कहते हैं और ऐसी अभिक्रिया को अवक्षेपण अभिक्रिया कहा जाता है।$$\text{Na}_2\text{SO}_4\text{(aq)} + \text{BaCl}_2\text{(aq)} \rightarrow \text{BaSO}_4\text{(s)}\downarrow + 2\text{NaCl(aq)}$$(सोडियम सल्फेट तथा बेरियम क्लोराइड के जलीय विलयनों को मिलाने पर बेरियम सल्फेट [$\text{BaSO}_4$] का अविलेय श्वेत अवक्षेप प्राप्त होता है।)

5. उपचयन एवं अपचयन / रेडॉक्स अभिक्रिया (Oxidation, Reduction & Redox)

  • उपचयन (Oxidation):
    • किसी पदार्थ में ऑक्सीजन ($\text{O}$) का योग होना।
    • किसी पदार्थ से हाइड्रोजन ($\text{H}$) का ह्रास (निष्कासन) होना।उदाहरण: कॉपर के चूर्ण को गर्म करने पर ऑक्सीजन जुड़ने से काली परत बनती है:$$2\text{Cu} + \text{O}_2 \xrightarrow{\text{तापन}} 2\text{CuO}$$
  • अपचयन (Reduction):
    • किसी पदार्थ में ऑक्सीजन ($\text{O}$) का ह्रास होना।
    • किसी पदार्थ में हाइड्रोजन ($\text{H}$) का योग होना।उदाहरण: गर्म $\text{CuO}$ पर हाइड्रोजन गैस प्रवाहित करने पर कॉपर पुनः प्राप्त होता है:$$\text{CuO} + \text{H}_2 \xrightarrow{\text{तापन}} \text{Cu} + \text{H}_2\text{O}$$
  • रेडॉक्स अभिक्रिया (Redox Reaction):ऐसी रासायनिक अभिक्रिया जिसमें एक अभिकारक का उपचयन (ऑक्सीकरण) तथा दूसरे अभिकारक का अपचयन एक साथ घटित होता है, उपचयन-अपचयन अथवा रेडॉक्स अभिक्रिया कहलाती है।$$\text{CuO} + \text{H}_2 \rightarrow \text{Cu} + \text{H}_2\text{O}$$
    • यहाँ $\text{CuO}$ से ऑक्सीजन हट रही है $\rightarrow$ इसका अपचयन कॉपर ($\text{Cu}$) में हो रहा है।
    • $\text{H}_2$ में ऑक्सीजन का योग हो रहा है $\rightarrow$ इसका उपचयन जल ($\text{H}_2\text{O}$) में हो रहा है।

अन्य प्रमुख रेडॉक्स उदाहरण:

  1. $\text{ZnO} + \text{C} \rightarrow \text{Zn} + \text{CO}$($\text{ZnO}$ अपचयित होकर $\text{Zn}$ बनाता है तथा कार्बन $\text{C}$ उपचयित होकर $\text{CO}$ बनाता है।)
  2. $\text{MnO}_2 + 4\text{HCl} \rightarrow \text{MnCl}_2 + 2\text{H}_2\text{O} + \text{Cl}_2$($\text{MnO}_2$ का अपचयन $\text{MnCl}_2$ में तथा $\text{HCl}$ का उपचयन $\text{Cl}_2$ में होता है।)

1.4 दैनिक जीवन में उपचयन अभिक्रियाओं के प्रभाव (Effects of Oxidation)

1. संक्षारण (Corrosion)

जब कोई धातु अपने आस-पास के वायुमंडल की नमी (आर्द्रता), ऑक्सीजन, अम्लों या गैसों के संपर्क में आती है, तो उसकी ऊपरी सतह धीरे-धीरे उपचयित होकर क्षयग्रस्त होने लगती है। इस विनाशकारी प्रक्रम को संक्षारण कहा जाता है।

  • दैनिक जीवन में संक्षारण के उदाहरण:
    • लोहे पर लालिमायुक्त भूरे रंग की परत का जमना (जंग लगना – Rusting)।
    • खुली हवा में रखने पर चांदी के आभूषणों पर काली परत ($\text{Ag}_2\text{S}$) का चढ़ना।
    • नम वातावरण में तांबे के बर्तनों पर क्षारीय कॉपर कार्बोनेट की हरी परत का जमना।
  • संक्षारण से बचाव के उपाय: धातुओं की सतह पर पेंट करना, तेल अथवा ग्रीस लगाना, विद्युत लेपन (Electroplating) करना तथा यशदलेपन (Galvanisation)—अर्थात लोहे और इस्पात को जंग से सुरक्षित रखने के लिए उन पर जस्ते (जिंक) की बारीक परत चढ़ाना।

2. विकृतगंधिता (Rancidity)

वसायुक्त तथा तैलीय खाद्य पदार्थ जब लंबे समय तक वायु के संपर्क में रहते हैं, तो वायु की ऑक्सीजन द्वारा उनका उपचयन (ऑक्सीकरण) हो जाता है। इस प्रक्रिया के फलस्वरूप उनके स्वाद और गंध में अप्रिय बदलाव आ जाता है और वे खाने योग्य नहीं रहते; इसे विकृतगंधिता कहते हैं।

  • विकृतगंधिता से बचाव के प्रमुख तरीके:
    • प्रति-ऑक्सीकारक (Antioxidants) मिलाना: जो ऑक्सीकरण की दर को अत्यंत धीमा कर देते हैं।
    • अक्रिय गैस का उपयोग: आलू के चिप्स और नमकीन की थैलियों में से ऑक्सीजन निकालकर नाइट्रोजन ($\text{N}_2$) जैसी कम सक्रिय गैस भरी जाती है, जिससे चिप्स का उपचयन नहीं होता।
    • वायुरोधी डिब्बों का प्रयोग: खाद्य सामग्री को एयर-टाइट कंटेनरों में रखने से उपचयन की गति धीमी हो जाती है।
    • रेफ्रिजरेटर में कम तापमान पर खाद्य पदार्थों का भंडारण करना।

रासायनिक अभिक्रियाओं की तुलनात्मक सारांश सारणी

अभिक्रिया का प्रकारमुख्य पहचान / वैज्ञानिक लक्षणमानक रासायनिक समीकरण
संयोजन (Combination)दो या अधिक अभिकारक मिलकर एकल उत्पाद बनाते हैं।$\text{CaO} + \text{H}_2\text{O} \rightarrow \text{Ca(OH)}_2$
वियोजन (Decomposition)एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक सरल उत्पाद देता है।$\text{CaCO}_3 \xrightarrow{\Delta} \text{CaO} + \text{CO}_2$
विस्थापन (Displacement)अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व को अलग करता है।$\text{Fe} + \text{CuSO}_4 \rightarrow \text{FeSO}_4 + \text{Cu}$
द्विविस्थापन (Double Displacement)अभिकारकों के बीच आयनों की परस्पर अदला-बदली होती है।$\text{Na}_2\text{SO}_4 + \text{BaCl}_2 \rightarrow \text{BaSO}_4\downarrow + 2\text{NaCl}$
रेडॉक्स (Redox)एक अभिकारक का उपचयन तथा दूसरे का अपचयन साथ-साथ होता है।$\text{CuO} + \text{H}_2 \xrightarrow{\Delta} \text{Cu} + \text{H}_2\text{O}$

भाग 2: पाठ्यनिहित एवं अभ्यास प्रश्नों के सम्पूर्ण हल (NCERT Solutions)

2.1 NCERT पाठ्यनिहित प्रश्नों के उत्तर (In-Text Questions & Answers)

प्रश्नावली – पृष्ठ संख्या 6

प्रश्न 1: वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ़ क्यों किया जाता है?

उत्तर: मैग्नीशियम एक अत्यधिक क्रियाशील धातु है। जब यह सामान्य वायु के संपर्क में रहती है, तो वायुमंडलीय ऑक्सीजन से धीमी क्रिया करके अपने ऊपर एक पतली एवं स्थिर मैग्नीशियम ऑक्साइड ($\text{MgO}$) की सुरक्षात्मक परत बना लेती है। यह ऑक्साइड परत मैग्नीशियम को ऑक्सीजन के प्रत्यक्ष संपर्क में आने से रोकती है, जिससे रिबन का जलना कठिन हो जाता है। अतः इसे जलाने से पूर्व रेगमाल से रगड़कर साफ किया जाता है ताकि यह परत हट सके और मैग्नीशियम सुगमतापूर्वक जल सके।

प्रश्न 2: निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए:

  1. हाइड्रोजन + क्लोरीन $\rightarrow$ हाइड्रोजन क्लोराइड$$\text{H}_2\text{(g)} + \text{Cl}_2\text{(g)} \rightarrow 2\text{HCl(g)}$$
  2. बेरियम क्लोराइड + एल्युमिनियम सल्फेट $\rightarrow$ बेरियम सल्फेट + एल्युमिनियम क्लोराइड$$3\text{BaCl}_2\text{(aq)} + \text{Al}_2(\text{SO}_4)_3\text{(aq)} \rightarrow 3\text{BaSO}_4\text{(s)}\downarrow + 2\text{AlCl}_3\text{(aq)}$$
  3. सोडियम + जल $\rightarrow$ सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन$$2\text{Na(s)} + 2\text{H}_2\text{O(l)} \rightarrow 2\text{NaOH(aq)} + \text{H}_2\text{(g)}\uparrow$$

प्रश्न 3: निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए उनकी अवस्था के संकेतों के साथ संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए:

  1. जल में बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फेट के विलयन परस्पर अभिक्रिया करके अविलेय बेरियम सल्फेट का अवक्षेप तथा सोडियम क्लोराइड का विलयन बनाते हैं:$$\text{BaCl}_2\text{(aq)} + \text{Na}_2\text{SO}_4\text{(aq)} \rightarrow \text{BaSO}_4\text{(s)}\downarrow + 2\text{NaCl(aq)}$$
  2. सोडियम हाइड्रॉक्साइड का जलीय विलयन हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के जलीय विलयन से क्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा जल बनाते हैं:$$\text{NaOH(aq)} + \text{HCl(aq)} \rightarrow \text{NaCl(aq)} + \text{H}_2\text{O(l)}$$

प्रश्नावली – पृष्ठ संख्या 11

प्रश्न 1: किसी पदार्थ ‘X’ के विलयन का उपयोग सफेदी करने के लिए होता है:

  1. पदार्थ ‘X’ का नाम तथा इसका सूत्र लिखिए।उत्तर: पदार्थ ‘X’ का रासायनिक नाम कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना – Quicklime) है। इसका रासायनिक सूत्र $\text{CaO}$ है।
  2. पदार्थ ‘X’ की जल के साथ अभिक्रिया लिखिए।उत्तर: कैल्सियम ऑक्साइड जल के साथ तीव्रता से क्रिया करके बुझा हुआ चूना [कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड – $\text{Ca(OH)}_2$] बनाता है तथा अत्यधिक मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करता है:$$\text{CaO(s)} + \text{H}_2\text{O(l)} \rightarrow \text{Ca(OH)}_2\text{(aq)} + \text{ऊष्मा}$$

प्रश्न 2: क्रियाकलाप 1.7 (जल का वैद्युत अपघटन) में एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी क्यों होती है? उस गैस का नाम लिखिए।

उत्तर: जल का रासायनिक सूत्र $\text{H}_2\text{O}$ होता है, जिसका अर्थ है कि जल के निर्माण में हाइड्रोजन के दो परमाणु और ऑक्सीजन का एक परमाणु परस्पर संयुक्त होते हैं ($2:1$ का स्थिर परमाण्विक अनुपात)।

जब जल में अम्लीकृत विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो इसका वैद्युत अपघटन होता है:

$$2\text{H}_2\text{O(l)} \xrightarrow{\text{विद्युत}} 2\text{H}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)}$$

समीकरण के अनुसार, जल के $2$ अणु विघटित होकर हाइड्रोजन गैस के $2$ आयतन तथा ऑक्सीजन गैस का केवल $1$ आयतन उत्पन्न करते हैं। यही कारण है कि कैथोड पर एकत्रित होने वाली हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) का आयतन एनोड पर एकत्रित होने वाली ऑक्सीजन गैस की तुलना में ठीक दोगुना होता है।

प्रश्नावली – पृष्ठ संख्या 15

प्रश्न 1: जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है, तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?

उत्तर: विद्युत रासायनिक सक्रियता श्रेणी के अनुसार, लोहा ($\text{Fe}$) कॉपर ($\text{Cu}$) की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील तत्व है। जब लोहे की कील को नीले रंग के कॉपर सल्फेट ($\text{CuSO}_4$) विलयन में रखा जाता है, तो लोहा कॉपर को विलयन से विस्थापित कर देता है और हल्के हरे रंग का फेरस सल्फेट ($\text{FeSO}_4$) बना लेता है। कॉपर आयनों के हटने और फेरस आयनों के बनने के कारण विलयन का नीला रंग गायब होकर हल्का हरा हो जाता है:

$$\text{Fe(s)} + \text{CuSO}_4\text{(aq) [नीला]} \rightarrow \text{FeSO}_4\text{(aq) [हल्का हरा]} + \text{Cu(s) [लाल-भूरा]}$$

प्रश्न 2: द्विविस्थापन अभिक्रिया का कोई एक अन्य उदाहरण दीजिए (बेरियम सल्फेट निर्माण के अतिरिक्त)।

उत्तर: जब सिल्वर नाइट्रेट के विलयन में सोडियम क्लोराइड का विलयन मिलाया जाता है, तो आयनों के परस्पर विनिमय से सिल्वर क्लोराइड का सफेद अवक्षेप तथा सोडियम नाइट्रेट का विलयन प्राप्त होता है:

$$\text{AgNO}_3\text{(aq)} + \text{NaCl(aq)} \rightarrow \text{AgCl(s)}\downarrow \text{(श्वेत अवक्षेप)} + \text{NaNO}_3\text{(aq)}$$

प्रश्न 3: निम्न अभिक्रियाओं में उपचयित तथा अपचयित पदार्थों की पहचान कीजिए:

  1. $4\text{Na(s)} + \text{O}_2\text{(g)} \rightarrow 2\text{Na}_2\text{O(s)}$
    • उपचयित पदार्थ: सोडियम ($\text{Na}$), क्योंकि इसमें ऑक्सीजन का योग हो रहा है।
    • अपचयित पदार्थ: ऑक्सीजन ($\text{O}_2$), क्योंकि यह सोडियम के साथ जुड़कर अपचयित होती है।
  2. $\text{CuO(s)} + \text{H}_2\text{(g)} \rightarrow \text{Cu(s)} + \text{H}_2\text{O(l)}$
    • उपचयित पदार्थ: हाइड्रोजन ($\text{H}_2$), क्योंकि इसमें ऑक्सीजन जुड़कर $\text{H}_2\text{O}$ बन रहा है।
    • अपचयित पदार्थ: कॉपर ऑक्साइड ($\text{CuO}$), क्योंकि इससे ऑक्सीजन का ह्रास होकर $\text{Cu}$ बन रहा है।

2.2 NCERT अभ्यास के प्रश्नों के सम्पूर्ण उत्तर (Exercise Solutions)

प्रश्न 1: नीचे दी गई अभिक्रिया के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?

$$2\text{PbO(s)} + \text{C(s)} \rightarrow 2\text{Pb(s)} + \text{CO}_2\text{(g)}$$

(a) सीसा अपचयित हो रहा है।

(b) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रही है।

(c) कार्बन उपचयित हो रहा है।

(d) लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है।

विकल्प: (i) (a) एवं (b) | (ii) (a) एवं (c) | (iii) (a), (b) एवं (c) | (iv) सभी

उत्तर: (i) (a) एवं (b)

स्पष्टीकरण: अभिक्रिया में $\text{PbO}$ (लेड ऑक्साइड) अपचयित होकर $\text{Pb}$ बना रहा है और कार्बन ($\text{C}$) उपचयित होकर $\text{CO}_2$ बना रहा है। अतः कथन (a) और (b) असत्य हैं।

प्रश्न 2: $\text{Fe}_2\text{O}_3 + 2\text{Al} \rightarrow \text{Al}_2\text{O}_3 + 2\text{Fe}$ ऊपर दी गई अभिक्रिया किस प्रकार की है?

(a) संयोजन अभिक्रिया

(b) द्विविस्थापन अभिक्रिया

(c) वियोजन अभिक्रिया

(d) विस्थापन अभिक्रिया

उत्तर: (d) विस्थापन अभिक्रिया

स्पष्टीकरण: यहाँ एल्युमिनियम ($\text{Al}$) आयरन ($\text{Fe}$) से अधिक क्रियाशील होने के कारण उसे आयरन ऑक्साइड से विस्थापित कर रहा है।

प्रश्न 3: लौह-चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? सही उत्तर पर निशान लगाइए।

(a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।

(b) क्लोरीन गैस एवं आयरन हाइड्रॉक्साइड बनता है।

(c) कोई अभिक्रिया नहीं होती।

(d) आयरन लवण एवं जल बनता है।

उत्तर: (a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।

रासायनिक समीकरण: $\text{Fe(s)} + 2\text{HCl(aq)} \rightarrow \text{FeCl}_2\text{(aq)} + \text{H}_2\text{(g)}\uparrow$

प्रश्न 4: संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?

उत्तर:

  • संतुलित रासायनिक समीकरण: वह रासायनिक समीकरण जिसमें तीर के दोनों ओर (अभिकारक एवं उत्पाद पक्षों में) प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या पूर्णतः समान होती है, संतुलित रासायनिक समीकरण कहलाता है।
  • संतुलन की आवश्यकता: द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार, किसी भी रासायनिक प्रक्रम में द्रव्यमान का न तो सृजन हो सकता है और न ही विनाश। अतः दोनों पक्षों का कुल द्रव्यमान समान रखने के लिए अभिकारकों और उत्पादों के परमाणुओं की संख्या को संतुलित करना आवश्यक होता है।

प्रश्न 5: निम्न कथनों को रासायनिक समीकरण के रूप में परिवर्तित कर उन्हें संतुलित कीजिए:

(a) नाइट्रोजन गैस हाइड्रोजन गैस से संयोग करके अमोनिया बनाती है:

$$\text{N}_2\text{(g)} + 3\text{H}_2\text{(g)} \rightarrow 2\text{NH}_3\text{(g)}$$

(b) हाइड्रोजन सल्फाइड गैस का वायु में दहन होने पर जल एवं सल्फर डाइऑक्साइड बनता है:

$$2\text{H}_2\text{S(g)} + 3\text{O}_2\text{(g)} \rightarrow 2\text{H}_2\text{O(l)} + 2\text{SO}_2\text{(g)}$$

(c) बेरियम क्लोराइड के साथ अभिक्रिया करके एल्युमिनियम सल्फेट, एल्युमिनियम क्लोराइड एवं बेरियम सल्फेट का अवक्षेप देता है:

$$\text{Al}_2(\text{SO}_4)_3\text{(aq)} + 3\text{BaCl}_2\text{(aq)} \rightarrow 2\text{AlCl}_3\text{(aq)} + 3\text{BaSO}_4\text{(s)}\downarrow$$

(d) पोटैशियम धातु जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड एवं हाइड्रोजन गैस देती है:

$$2\text{K(s)} + 2\text{H}_2\text{O(l)} \rightarrow 2\text{KOH(aq)} + \text{H}_2\text{(g)}\uparrow$$

प्रश्न 6: निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए:

(a) $\text{HNO}_3 + \text{Ca(OH)}_2 \rightarrow \text{Ca(NO}_3)_2 + \text{H}_2\text{O}$

$$2\text{HNO}_3 + \text{Ca(OH)}_2 \rightarrow \text{Ca(NO}_3)_2 + 2\text{H}_2\text{O}$$

(b) $\text{NaOH} + \text{H}_2\text{SO}_4 \rightarrow \text{Na}_2\text{SO}_4 + \text{H}_2\text{O}$

$$2\text{NaOH} + \text{H}_2\text{SO}_4 \rightarrow \text{Na}_2\text{SO}_4 + 2\text{H}_2\text{O}$$

(c) $\text{NaCl} + \text{AgNO}_3 \rightarrow \text{AgCl} + \text{NaNO}_3$

$$\text{NaCl} + \text{AgNO}_3 \rightarrow \text{AgCl} + \text{NaNO}_3 \quad \text{(यह समीकरण पहले से ही संतुलित है)}$$

(d) $\text{BaCl}_2 + \text{H}_2\text{SO}_4 \rightarrow \text{BaSO}_4 + \text{HCl}$

$$\text{BaCl}_2 + \text{H}_2\text{SO}_4 \rightarrow \text{BaSO}_4 + 2\text{HCl}$$

प्रश्न 7: निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए:

(a) कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड $\rightarrow$ कैल्सियम कार्बोनेट + जल

$$\text{Ca(OH)}_2 + \text{CO}_2 \rightarrow \text{CaCO}_3 + \text{H}_2\text{O}$$

(b) जिंक + सिल्वर नाइट्रेट $\rightarrow$ जिंक नाइट्रेट + सिल्वर

$$\text{Zn} + 2\text{AgNO}_3 \rightarrow \text{Zn(NO}_3)_2 + 2\text{Ag}$$

(c) एल्युमिनियम + कॉपर क्लोराइड $\rightarrow$ एल्युमिनियम क्लोराइड + कॉपर

$$2\text{Al} + 3\text{CuCl}_2 \rightarrow 2\text{AlCl}_3 + 3\text{Cu}$$

(d) बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फेट $\rightarrow$ बेरियम सल्फेट + पोटैशियम क्लोराइड

$$\text{BaCl}_2 + \text{K}_2\text{SO}_4 \rightarrow \text{BaSO}_4\downarrow + 2\text{KCl}$$

प्रश्न 8: निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए एवं प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए:

(a) पोटैशियम ब्रोमाइड (aq) + बेरियम आयोडाइड (aq) $\rightarrow$ पोटैशियम आयोडाइड (aq) + बेरियम ब्रोमाइड (s)

$$2\text{KBr(aq)} + \text{BaI}_2\text{(aq)} \rightarrow 2\text{KI(aq)} + \text{BaBr}_2\text{(s)}$$

प्रकार: द्विविस्थापन एवं अवक्षेपण अभिक्रिया।

(b) जिंक कार्बोनेट (s) $\rightarrow$ जिंक ऑक्साइड (s) + कार्बन डाइऑक्साइड (g)

$$\text{ZnCO}_3\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} \text{ZnO(s)} + \text{CO}_2\text{(g)}$$

प्रकार: ऊष्मीय वियोजन अभिक्रिया।

(c) हाइड्रोजन (g) + क्लोरीन (g) $\rightarrow$ हाइड्रोजन क्लोराइड (g)

$$\text{H}_2\text{(g)} + \text{Cl}_2\text{(g)} \rightarrow 2\text{HCl(g)}$$

प्रकार: संयोजन अभिक्रिया।

(d) मैग्नीशियम (s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (aq) $\rightarrow$ मैग्नीशियम क्लोराइड (aq) + हाइड्रोजन (g)

$$\text{Mg(s)} + 2\text{HCl(aq)} \rightarrow \text{MgCl}_2\text{(aq)} + \text{H}_2\text{(g)}$$

प्रकार: विस्थापन अभिक्रिया।

प्रश्न 9: ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया का क्या अर्थ है? उदाहरण दीजिए।

उत्तर:

  1. ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया: वे अभिक्रियाएँ जिनमें उत्पादों के बनने के साथ ऊष्मा ऊर्जा बाहर निकलती है।उदाहरण: प्राकृतिक गैस का दहन:$$\text{CH}_4\text{(g)} + 2\text{O}_2\text{(g)} \rightarrow \text{CO}_2\text{(g)} + 2\text{H}_2\text{O(g)} + \text{ऊष्मा}$$
  2. ऊष्माशोषी अभिक्रिया: वे अभिक्रियाएँ जिनमें अभिकारकों को तोड़ने के लिए बाह्य ऊष्मा ऊर्जा का अवशोषण होता है।उदाहरण: चूना पत्थर का अपघटन:$$\text{CaCO}_3\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} \text{CaO(s)} + \text{CO}_2\text{(g)}$$

प्रश्न 10: श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए।

उत्तर: जीवित रहने के लिए हमें ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जो हमें भोजन से मिलती है। पाचन के दौरान चावल, आलू जैसी कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य सामग्रियां टूटकर ग्लूकोज ($\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6$) बनाती हैं। यह ग्लूकोज हमारे शरीर की कोशिकाओं में उपस्थित श्वसन द्वारा ग्रहण की गई ऑक्सीजन से संयोजित होकर धीरे-धीरे जलकर विघटित होता है और प्रचुर मात्रा में जैविक ऊर्जा मुक्त करता है:

$$\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6\text{(aq)} + 6\text{O}_2\text{(aq)} \rightarrow 6\text{CO}_2\text{(aq)} + 6\text{H}_2\text{O(l)} + \text{ऊर्जा}$$

चूँकि इस प्रक्रिया में ऊर्जा का निकास होता है, अतः श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहा जाता है।

प्रश्न 11: वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए।

उत्तर:

संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक अभिकारक आपस में जुड़कर केवल एक ही उत्पाद बनाते हैं:

$$2\text{H}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)} \rightarrow 2\text{H}_2\text{O(l)}$$

इसके विपरीत, वियोजन अभिक्रिया में एक एकल अभिकारक बाह्य ऊर्जा की उपस्थिति में विघटित होकर दो या अधिक सरल उत्पादों में टूट जाता है:

$$2\text{H}_2\text{O(l)} \xrightarrow{\text{विद्युत}} 2\text{H}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)}$$

अतः दोनों अभिक्रियाओं की क्रियाविधि एक-दूसरे के सर्वथा उल्टी होने के कारण इन्हें परस्पर विपरीत माना जाता है।

प्रश्न 12: उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखिए जिनमें ऊष्मा, प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है:

  1. ऊष्मा द्वारा वियोजन (ऊष्मीय अपघटन):$$\text{CaCO}_3\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} \text{CaO(s)} + \text{CO}_2\text{(g)}$$
  2. प्रकाश द्वारा वियोजन (प्रकाश अपघटन):$$2\text{AgCl(s)} \xrightarrow{\text{सूर्य का प्रकाश}} 2\text{Ag(s)} + \text{Cl}_2\text{(g)}$$
  3. विद्युत द्वारा वियोजन (वैद्युत अपघटन):$$2\text{H}_2\text{O(l)} \xrightarrow{\text{विद्युत}} 2\text{H}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)}$$

प्रश्न 13: विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।

उत्तर:

  • विस्थापन अभिक्रिया: इसमें एक अधिक सक्रिय तत्व किसी अन्य कम सक्रिय तत्व को उसके लवण विलयन से हटाकर स्वयं उसका स्थान ले लेता है। इसमें केवल एकल प्रतिस्थापन होता है।$$\text{Fe(s)} + \text{CuSO}_4\text{(aq)} \rightarrow \text{FeSO}_4\text{(aq)} + \text{Cu(s)}$$
  • द्विविस्थापन अभिक्रिया: इसमें दो अलग-अलग यौगिक अपने घटकों/आयनों का पारस्परिक विनिमय (Mutual Exchange) करके दो सर्वथा नए यौगिक बनाते हैं।$$\text{Na}_2\text{SO}_4\text{(aq)} + \text{BaCl}_2\text{(aq)} \rightarrow \text{BaSO}_4\text{(s)}\downarrow + 2\text{NaCl(aq)}$$

प्रश्न 14: सिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।

उत्तर: कॉपर ($\text{Cu}$) सिल्वर ($\text{Ag}$) से अधिक क्रियाशील होने के कारण उसे विस्थापित कर देता है:

$$\text{Cu(s)} + 2\text{AgNO}_3\text{(aq)} \rightarrow \text{Cu(NO}_3)_2\text{(aq)} + 2\text{Ag(s)}$$

प्रश्न 15: अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।

उत्तर: जब दो द्रवों अथवा जलीय विलयनों को मिलाने पर रासायनिक अभिक्रिया के फलस्वरूप एक ऐसा ठोस उत्पाद बनता है जो जल में अविलेय (अघुलनशील) होकर नीचे बैठ जाता है, तो उसे अवक्षेप कहते हैं और इस पूरी अभिक्रिया को अवक्षेपण अभिक्रिया कहा जाता है।

उदाहरण:

$$\text{AgNO}_3\text{(aq)} + \text{NaCl(aq)} \rightarrow \text{AgCl(s)}\downarrow \text{(श्वेत अवक्षेप)} + \text{NaNO}_3\text{(aq)}$$

प्रश्न 16: ऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर निम्न पदों की व्याख्या कीजिए। प्रत्येक के लिए दो उदाहरण दीजिए:

  • (a) उपचयन (Oxidation): जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का योग होता है।उदाहरण 1: $2\text{Cu} + \text{O}_2 \xrightarrow{\text{तापन}} 2\text{CuO}$उदाहरण 2: $\text{C} + \text{O}_2 \rightarrow \text{CO}_2$
  • (b) अपचयन (Reduction): जब किसी रासायनिक अभिक्रिया में किसी यौगिक से ऑक्सीजन का ह्रास (निकलना) होता है।उदाहरण 1: $\text{CuO} + \text{H}_2 \xrightarrow{\text{तापन}} \text{Cu} + \text{H}_2\text{O}$उदाहरण 2: $\text{ZnO} + \text{C} \rightarrow \text{Zn} + \text{CO}$

प्रश्न 17: एक भूरे रंग का चमकदार तत्व ‘X’ को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है। इस तत्व ‘X’ एवं उस काले रंग के यौगिक का नाम बताइए।

उत्तर:

  • चमकदार भूरे रंग का तत्व ‘X’ कॉपर धातु ($\text{Cu}$) है।
  • जब कॉपर को हवा में गर्म किया जाता है, तो यह ऑक्सीजन से क्रिया करके उपचयित होता है और उस पर काले रंग की कॉपर ऑक्साइड की परत जम जाती है।
  • काले रंग का बनने वाला यौगिक कॉपर (II) ऑक्साइड ($\text{CuO}$) है।$$\text{समीकरण:} \quad 2\text{Cu(s)} + \text{O}_2\text{(g)} \xrightarrow{\text{तापन}} 2\text{CuO(s)}$$

प्रश्न 18: लोहे की वस्तुओं को हम पेंट क्यों करते हैं?

उत्तर: लोहे की धातु वायुमंडल में उपस्थित नमी (आर्द्रता) तथा ऑक्सीजन के सीधे संपर्क में आकर उपचयित हो जाती है, जिससे उस पर जंग लग जाता है और लोहा धीरे-धीरे नष्ट होने लगता है। जब लोहे की सतह पर पेंट का लेप कर दिया जाता है, तो पेंट की परत लोहे और वायुमंडलीय नमी व गैसों के बीच एक सुरक्षात्मक अवरोधक (Barrier) का कार्य करती है। इससे लोहा संपर्क में नहीं आ पाता और जंग लगने से सुरक्षित रहता है।

प्रश्न 19: तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से प्रभावित क्यों किया जाता है?

उत्तर: तेल और वसायुक्त खाद्य पदार्थ यदि वायुमंडल की ऑक्सीजन के संपर्क में रहें, तो वे आसानी से उपचयित (ऑक्सीकृत) हो जाते हैं, जिससे उनका स्वाद व गंध बिगड़ जाती है (विकृतगंधिता)। नाइट्रोजन एक अत्यंत कम क्रियाशील (अक्रिय) गैस है। जब पैकिंग थैलियों में ऑक्सीजन को हटाकर नाइट्रोजन गैस भर दी जाती है, तो खाद्य सामग्री का उपचयन नहीं हो पाता और वे लंबे समय तक ताजे व कुरकुरे बने रहते हैं।

प्रश्न 20: निम्न पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए:

  • (a) संक्षारण (Corrosion): जब कोई धातु अपने आस-पास के वातावरण में उपस्थित नमी, अम्ल अथवा वायु के संपर्क में आकर धीरे-धीरे रासायनिक रूप से नष्ट होती है।उदाहरण: लोहे की कीलों या औजारों पर नमी के कारण लाल-भूरे रंग का जंग लगना।
  • (b) विकृतगंधिता (Rancidity): तेल एवं वसा से निर्मित भोजन का वायु की ऑक्सीजन द्वारा उपचयित हो जाना, जिससे उसमें दुर्गंध आने लगती है तथा स्वाद खट्टा या कसैला हो जाता है।उदाहरण: खुले में रखे मक्खन या कई दिनों तक खुले पैकेट में रखे चिप्स का स्वाद व महक बिगड़ जाना।

HBSE Class 10 Math Sample Paper 2027 PDF Download With Solution

HBSE Class 10 Math Sample Paper 2027 डाउनलोड करें। हरियाणा बोर्ड कक्षा 10वीं गणित का नया प्रश्न पत्र प्रारूप, 80 अंक लिखित + 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन का पूरा विभाजन और चैप्टर अनुसार ब्लूप्रिंट देखें।

हरियाणा बोर्ड (HBSE) कक्षा 10वीं गणित की मुख्य परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी, जिसमें 80 अंकों की वार्षिक लिखित परीक्षा और 20 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) शामिल है। लिखित परीक्षा के लिए 3 घंटे का समय मिलेगा और पूरे पेपर में 5 अलग-अलग सेक्शन में कुल 38 प्रश्न पूछे जाएंगे। इस पेपर में सबसे बड़ा हिस्सा वस्तुनिष्ठ प्रश्नों (Section-A) का होगा जिसमें 1-1 अंक वाले 20 प्रश्न (MCQ, एक शब्द वाले उत्तर, रिक्त स्थान और अभिकथन-कारण) होंगे। इसके अलावा अति लघु उत्तरात्मक (2 अंक के 5 प्रश्न), लघु उत्तरात्मक (3 अंक के 6 प्रश्न), दीर्घ उत्तरात्मक (5 अंक के 4 प्रश्न) और 3 केस-आधारित प्रश्न (4-4 अंक के) शामिल किए गए हैं। गणित की तैयारी के लिए सबसे ज्यादा वेटेज बीजगणित (20 अंक), ज्यामिति (15 अंक) और त्रिकोणमिति (12 अंक) का है। छात्र अपनी बोर्ड परीक्षा की सटीक तैयारी के लिए नीचे दिए गए विस्तृत प्रश्न पत्र प्रारूप को समझ सकते हैं।

Question Paper Design & Marks Distribution

1. Question Paper Pattern & Marks Overview

Section Question Type Marks per Question Number of Questions Description Total Marks
अनुभाग – क वस्तुनिष्ठ प्रश्न 1 20 12 बहुविकल्पीय, 3 एक शब्दीय उत्तर वाले, 3 खाली स्थान भरो, 02 अभिकथन-कारण प्रश्न होंगे 20
अनुभाग – ख अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न 2 5 किन्ही दो प्रश्नों में आंतरिक विकल्प उपलब्ध होगा। 10
अनुभाग – ग लघु उत्तरात्मक प्रश्न 3 6 किन्ही दो प्रश्नों में आंतरिक विकल्प उपलब्ध होगा। 18
अनुभाग – घ दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न 5 4 सभी प्रश्नों में आंतरिक विकल्प होगा। 20
अनुभाग – ड़ केस आधारित प्रश्न 4 3 03 केस आधारित / सोर्स आधारित प्रश्न होंगे जिनमें से प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का होगा। 12
वार्षिक परीक्षा (कुल प्रश्न) 38 — 80
आंतरिक मूल्यांकन (SAT, अर्ध-वार्षिक, प्री-बोर्ड, CRP, परियोजना कार्य, उपस्थिति) 20
कुल योग 100

2. Unit-wise / Chapter Marks Breakdown

Unit No. Unit Name Chapter Marks
I संख्या पद्धति अध्याय 1: वास्तविक संख्याएँ 06
II बीजगणित अध्याय 2: बहुपद
अध्याय 3: दो चर वाले रैखिक समीकरण युग्म
अध्याय 4: द्विघात समीकरण
अध्याय 5: समानांतर श्रेढ़ीयाँ
20
III निर्देशांक ज्यामिति अध्याय 7: निर्देशांक ज्यामिति 06
IV ज्यामिति अध्याय 6: त्रिभुज
अध्याय 10: वृत्त
15
V त्रिकोणमिति अध्याय 8: त्रिकोणमिति का परिचय
अध्याय 9: त्रिकोणमिति के कुछ अनुप्रयोग
12
VI क्षेत्रमिति अध्याय 11: वृत्त से सम्बंधित क्षेत्रफल
अध्याय 12: पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन
10
VII सांख्यिकी एवं प्रायिकता अध्याय 13: सांख्यिकी
अध्याय 14: प्रायिकता
11
योग (लिखित परीक्षा) 80
आंतरिक मूल्यांकन 20
कुल योग 100

HBSE Board 10th 2027 Free Study Material

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HBSE Class 10 Math Model Paper & Solution 2027

नीचे दिए गए लिंक से आधिकारिक मॉडल पेपर और संपूर्ण उत्तर कुंजी (हल सहित) PDF डाउनलोड करें:

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: HBSE कक्षा 10वीं गणित की वार्षिक परीक्षा कुल कितने अंकों की होगी?

उत्तर: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अनुसार कक्षा 10वीं गणित की मुख्य वार्षिक लिखित परीक्षा 80 अंकों की होगी और 20 अंक विद्यालय स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) के होंगे। इस प्रकार कुल पूर्णांक 100 अंक निर्धारित है।

प्रश्न 2: गणित के प्रश्न पत्र में कुल कितने प्रश्न और कितने अनुभाग (Sections) होंगे?

अनुभाग – क (Section-A): 20 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (1-1 अंक)
अनुभाग – ख (Section-B): 5 अति लघु उत्तरात्मक प्रश्न (2-2 अंक)
अनुभाग – ग (Section-C): 6 लघु उत्तरात्मक प्रश्न (3-3 अंक)
अनुभाग – घ (Section-D): 4 दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (5-5 अंक)
अनुभाग – ड़ (Section-E): 3 केस आधारित / सोर्स आधारित प्रश्न (4-4 अंक)

प्रश्न 3: केस-आधारित प्रश्न (Case-Based Questions) कितने अंकों के होंगे?

उत्तर: अनुभाग-ड़ में कुल 3 केस आधारित / सोर्स आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का होगा, यानी यह अनुभाग कुल 12 अंकों का होगा।

प्रश्न 4: गणित के पाठ्यक्रम में सबसे अधिक अंकों वाली यूनिट कौन-सी है?

उत्तर: पाठ्यक्रम में सबसे अधिक अंक वाली यूनिट बीजगणित (Algebra) है, जिससे कुल 20 अंकों के प्रश्न आएंगे। इसके बाद ज्यामिति (Geometry) से 15 अंक और त्रिकोणमिति (Trigonometry) से 12 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे।

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UK Board Class 12 Sample Paper 2027 PDF Download (Science, Commerce, Arts) Model Question Papers.

UK Board Class 12 Sample Paper 2027 PDF डाउनलोड करें। उत्तराखंड बोर्ड 12वीं साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स के सभी विषयों के मॉडल पेपर्स, क्वेश्चन बैंक और एग्जाम टिप्स यहाँ देखें।

Key Highlights

  • बोर्ड का नाम: उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (UBSE)
  • कुल पूर्णांक (Total Marks): बिना प्रैक्टिकल वाले विषयों के लिए 100 अंक (80 थ्योरी + 20 प्रोजेक्ट/इंटरनल); प्रैक्टिकल वाले विषयों (Physics, Chemistry, Biology) के लिए 70 अंक थ्योरी + 30 अंक प्रैक्टिकल
  • पासिंग मार्क्स: प्रत्येक विषय में कम से कम 33% अंक अनिवार्य (थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में अलग-अलग पास होना आवश्यक)
  • परीक्षा का समय: 3 घंटे की लिखित परीक्षा (15 मिनट का अतिरिक्त समय प्रश्न पत्र को ध्यान से पढ़ने के लिए)

उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद (UBSE) द्वारा आयोजित की जाने वाली 12वीं की इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा हर छात्र के करियर के लिए एक टर्निंग पॉइंट होती है। 12वीं के अंक न केवल उच्च शिक्षा के कॉलेज एडमिशन में अहम भूमिका निभाते हैं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी एक मजबूत आधार तैयार करते हैं। ऐसी महत्वपूर्ण परीक्षा में 90%+ स्कोर करने के लिए केवल किताबों का अध्ययन काफी नहीं है, बल्कि नए परीक्षा पैटर्न और मार्किंग स्कीम के अनुसार अभ्यास करना भी बेहद जरूरी है।

UK Board Class 12 Sample Paper 2027 छात्रों को इस बात का स्पष्ट रोडमैप देते हैं कि बोर्ड परीक्षा में किस अध्याय से कितने अंकों के सवाल पूछे जाएंगे, बहुविकल्पीय प्रश्न किस स्तर के होंगे और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों को हल करने का सही तरीका क्या होना चाहिए। नियमित रूप से आधिकारिक सैंपल पेपर्स और क्वेश्चन बैंक का अभ्यास करने से परीक्षा का तनाव दूर होता है और लिखने की गति में बड़ा सुधार आता है।

इस पेज पर उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए साइंस (Science), कॉमर्स (Commerce) और आर्ट्स (Arts) स्ट्रीम के सभी मुख्य विषयों के मॉडल पेपर्स और क्वेश्चन बैंक की सीधी PDF डाउनलोड लिंक दी गई है।

UK Board Class 12 Sample Paper 2027 for Science Stream

साइंस स्ट्रीम के छात्रों के लिए थ्योरी के साथ-साथ न्यूमेरिकल और डायग्राम-आधारित प्रश्नों का अभ्यास बहुत जरूरी होता है। नीचे दिए गए डाउनलोड लिंक से आप साइंस के सभी विषयों के आधिकारिक मॉडल पेपर्स प्राप्त कर सकते हैं.

Subject (विषय) Model Paper Solution / Key
Physics भौतिक विज्ञान Download PDF View Solution
Chemistry रसायन विज्ञान Download PDF View Solution
Biology जीव विज्ञान Download PDF View Solution
Mathematics गणित Download PDF View Solution
English अंग्रेजी Download PDF View Solution
Hindi हिंदी Download PDF View Solution

UK Board Class 12 Sample Paper 2027 for Commerce Stream

Subject (विषय) Model Paper Solution / Key
Accountancy लेखाशास्त्र Download PDF View Solution
Business Studies व्यवसाय अध्ययन Download PDF View Solution
Economics अर्थशास्त्र Download PDF View Solution
English अंग्रेजी Download PDF View Solution
Hindi हिंदी Download PDF View Solution
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UK Board Class 12 Sample Paper 2027 Art Stream

Subject (विषय) Model Paper Solution / Key
History इतिहास Download PDF View Solution
Political Science राजनीति विज्ञान Download PDF View Solution
Geography भूगोल Download PDF View Solution
Sociology समाजशास्त्र Download PDF View Solution
Hindi हिंदी Download PDF View Solution
English अंग्रेजी Download PDF View Solution

Are Questions Directly Asked from Sample Papers in Board Exams?

यह सवाल लगभग हर छात्र के मन में होता है। इसका सीधा जवाब है: मॉडल पेपर से सीधे हूबहू सवाल पूछे जाने की संभावना कम होती है, लेकिन पेपर का पूरा पैटर्न, डिफिकल्टी लेवल और कॉन्सेप्ट्स 100% मॉडल पेपर के आधार पर ही तैयार किए जाते हैं।

बोर्ड मॉडल पेपर इसलिए जारी करता है ताकि छात्रों को प्रश्नों की बनावट, अंकों के वेटेज और किस तरह के सवाल (केस स्टडी, न्यूमेरिकल, ऑब्जेक्टिव) पूछे जाएंगे, इसकी स्पष्ट जानकारी मिल सके। कई बार ऐसा भी देखा गया है कि मुख्य परीक्षा में मॉडल पेपर के प्रश्नों में केवल संख्यात्मक मान (Values) या थोड़ा सा भाषा का फेरबदल करके सीधे सवाल पूछ लिए जाते हैं। इसलिए मॉडल पेपर्स को पूरी गंभीरता से हल करना बहुत जरूरी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1. UK Board Class 12th Exams 2027 कब से शुरू होंगे और डेट शीट कब आएगी?

उत्तराखंड बोर्ड 12वीं की परीक्षाएं सामान्यतः फरवरी के आखिरी हफ्ते या मार्च 2027 में शुरू होती हैं। इसकी आधिकारिक डेट शीट दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 तक बोर्ड की वेबसाइट ubse.uk.gov.in पर जारी कर दी जाएगी।

Q2: UK Board 2027 12वीं का रिजल्ट कब तक जारी होता है?

Ans: बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने के बाद कॉपियों के मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट अप्रैल के आखिरी हफ्ते या मई के पहले हफ्ते में घोषित कर दिया जाता है।

Q3: क्या 12वीं बोर्ड में प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों में अलग-अलग पास होना जरूरी है?

A: हाँ, बिल्कुल! साइंस और जिन विषयों में प्रैक्टिकल होता है, उनमें थ्योरी (70 अंक) और प्रैक्टिकल (30 अंक) दोनों में अलग-अलग न्यूनतम 33% अंक लाना अनिवार्य है।

UP Board Class 12 Math Model Paper 2027 PDF Download And Exam Pattern.

UP Board Class 12 Math Model Paper 2027: उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2027 की 12वीं कक्षा के गणित का पेपर 100 अंकों का होगा, और पूरा पेपर हल करने के लिए 3 घंटे 15 मिनट का समय मिलेगा, लेकिन किस तरह के प्रश्न आएंगे? किस तरह के टॉपिक से ज्यादा प्रश्न आएंगे, तथा कितने-कितने अंकों के कितने प्रश्न आएंगे? जैसे कि बहुविकल्पीय प्रश्न कितने होंगे, लघु उत्तरीय, और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न कितने होंगे, तथा कितने अंकों के होंगे? UPMSP ने 2027 की बोर्ड परीक्षा के लिए कक्षा 12वीं के मॉडल पेपर जारी कर दिए हैं और गणित के पेपर का पूरा विश्लेषण और ऑफिसियल पीडीएफ़ डाउनलोड करने के लिए यहां पर दिया गया है। आप पीडीएफ भी डाउनलोड कर सकते हैं और अपनी बोर्ड परीक्षा से पहले बेहतरीन रणनीति बनाकर तैयारी कैसे करनी है, यह मॉडल पेपर आपको पूरी तरीके से मार्गदर्शन करता है।

  • बोर्ड एवं सत्र: माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (UPMSP), शैक्षणिक सत्र 2026-27।
  • कक्षा एवं विषय: कक्षा 12वीं – गणित (Mathematics – केवल प्रश्नपत्र)।
  • विषय कोड एवं संकेतांक: विषय कोड-131, संकेतांक-324।
  • कुल पूर्णांक एवं समय: लिखित परीक्षा 100 अंक तथा कुल समय 3 घंटे 15 मिनट।
  • प्रश्नों की कुल संख्या: प्रश्नपत्र में कुल 9 मुख्य प्रश्न दिए गए हैं (उप-प्रश्नों सहित कुल 26 प्रश्न हल करने होंगे)।
  • प्रश्नों के प्रकार: बहुविकल्पीय (1 अंक), अति लघु उत्तरीय (1 अंक), लघु उत्तरीय-I (2 अंक), लघु उत्तरीय-II (5 अंक) तथा विस्तृत उत्तरीय (8 अंक)।
  • आंतरिक विकल्प: प्रश्न संख्या 7, 8 और 9 (प्रत्येक 8 अंक) में शत-प्रतिशत आंतरिक विकल्प (अथवा / OR) उपलब्ध है।
UP Board 2027 10th & 12th Free study Materials

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UP Board 12th Math Model Paper 2027 Latest Exam Pattern

माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी कक्षा 12 गणित का यह मॉडल पेपर छात्रों के लिए है। छात्र इस मॉडल पेपर को देखकर समझ सकते हैं कि उनका असली पेपर कैसा होगा और उन्हें एग्जाम में पेपर को कैसे हल करना है। पेपर हल करने के लिए कुल 3 घंटे 15 मिनट का समय मिलेगा और यह पूरा पेपर 100 अंकों का होगा।

  1. प्रश्न 1 से 4: 1-1 और 2-2 अंक वाले कुल 26 अंकों के प्रश्न, जो सटीकता और गति की परीक्षा लेते हैं।
  2. प्रश्न 5 व 6: 5-5 अंक वाले कुल 10 प्रश्न, जो अकेले 50 अंकों (आधा प्रश्नपत्र) का भार संभालते हैं।
  3. प्रश्न 7 से 9: 8-8 अंकों के तीन बड़े प्रश्न (कुल 24 अंक), जिनमें से प्रत्येक में अथवा का विकल्प मिलता है।
Section / Question (प्रश्न संख्या) Question Type (प्रश्न प्रकार) Sub-Questions (उप-प्रश्न) To Attempt (हल करने योग्य) Marks per Question (अंक प्रति प्रश्न) Total Marks (कुल अंक)
प्रश्न संख्या 1 बहुविकल्पीय (MCQ) 5 (क से ङ) 5 (सभी अनिवार्य) 1 अंक 05 अंक
प्रश्न संख्या 2 अति लघु उत्तरीय (Very Short) 5 (क से ङ) 5 (सभी अनिवार्य) 1 अंक 05 अंक
प्रश्न संख्या 3 लघु उत्तरीय-I (Short-I) 4 (क से घ) 4 (सभी अनिवार्य) 2 अंक 08 अंक
प्रश्न संख्या 4 लघु उत्तरीय-I (Short-I) 4 (क से घ) 4 (सभी अनिवार्य) 2 अंक 08 अंक
प्रश्न संख्या 5 लघु उत्तरीय-II (Short-II) 5 (क से ङ) 5 (सभी अनिवार्य) 5 अंक 25 अंक
प्रश्न संख्या 6 लघु उत्तरीय-II (Short-II) 5 (क से ङ) 5 (सभी अनिवार्य) 5 अंक 25 अंक
प्रश्न संख्या 7 दीर्घ उत्तरीय (Long Answer) 2 (क, ख – अथवा सहित) 1 (कोई एक) 8 अंक 08 अंक
प्रश्न संख्या 8 दीर्घ उत्तरीय (Long Answer) 2 (क, ख – अथवा सहित) 1 (कोई एक) 8 अंक 08 अंक
प्रश्न संख्या 9 दीर्घ उत्तरीय (Long Answer) 2 (क, ख – अथवा सहित) 1 (कोई एक) 8 अंक 08 अंक
कुल योग (Grand Total) 26 प्रश्न हल करने हेतु – 100 अंक

UP Board 12th Math Model Paper 2027 Section-Wise Detailed Analysis

Question 1 – बहुविकल्पीय प्रश्न (5 अंक)

  • प्रश्नों की संख्या एवं अंक: 5 प्रश्न x 1 अंक = 5 अंक (प्रश्न 1 क से ङ)।
  • प्रश्नों का स्वरूप: इसमें फलन के प्रकार जैसे एकैकी (One-one) व आच्छादक (Onto), संबंध का स्वतुल्य (Reflexive) होना, अवकल समीकरण की घात (Degree of Differential Equation), दो सदिशों के बीच का कोण (Angle between Vectors) तथा सदिश त्रिक गुणन (Scalar Triple Product) के सीधे वैचारिक प्रश्न शामिल हैं।

Question 2 – अति लघु उत्तरीय प्रश्न (5 अंक)

  • प्रश्नों की संख्या एवं अंक: 5 प्रश्न × 1 अंक = 5 अंक (प्रश्न 2 क से ङ)।
  • प्रश्नों का स्वरूप: इन प्रश्नों के उत्तर सीधे 1-2 चरणों में दिए जाते हैं। इसमें प्रतिलोम त्रिकोणमिति में मुख्य मान (Principal Value), log cos(eˣ) का x के सापेक्ष अवकलन (Differentiation), दिक्-अनुपात से दिक्-कोसाइन (Direction Cosines), मात्रक सदिश (Unit Vector) तथा सप्रतिबंध प्रायिकता P(A/B) (Conditional Probability) के सूत्र आधारित सवाल शामिल हैं।

Question 3 एवं 4 – लघु उत्तरीय प्रश्न-I (8 + 8 = 16 अंक)

  • प्रश्नों की संख्या एवं अंक: 8 प्रश्न x 2 अंक = 16 अंक (प्रश्न 3 के 4 उप-प्रश्न तथा प्रश्न 4 के 4 उप-प्रश्न)।
  • प्रश्नों का स्वरूप:
    • प्रश्न 3: संयुक्त फलन (Composite Functions – gof व fog), आव्यूह की समानता से अज्ञात चरों के मान, sin³x का समाकलन (Integration) तथा दो समांतर सदिशों के घटकों की तुलना।
    • प्रश्न 4: प्राचलिक समीकरणों का अवकलन (Parametric Differentiation – dy/dx), बिंदु व समांतर सदिश से जाने वाली रेखा का सदिश व कार्तीय समीकरण, फलन की सांतत्यता की जाँच (Continuity) तथा स्वतंत्र घटनाओं की प्रायिकता (Independent Events)।

Question 5 एवं 6 – लघु उत्तरीय प्रश्न-II (25 + 25 = 50 अंक)

  • प्रश्नों की संख्या एवं अंक: 10 प्रश्न x 5 अंक = 50 अंक (प्रश्न 5 के 5 उप-प्रश्न और प्रश्न 6 के 5 उप-प्रश्न)।
  • प्रश्नों का स्वरूप: यह संपूर्ण प्रश्नपत्र का सबसे बड़ा भाग (50% भारांक) है:
    • प्रश्न 5: मूल बिंदु से दूरी वाले संबंध को तुल्यता संबंध (Equivalence Relation) सिद्ध करना, आंशिक भिन्नों या द्विघात रूप द्वारा समाकलन, आव्यूह समीकरण CD – AB = O से आव्यूह D ज्ञात करना, दो रेखाओं के बीच की न्यूनतम दूरी (Shortest Distance between Skew Lines), तथा स्वतंत्र घटनाओं का प्रमेय सिद्ध करना।
    • प्रश्न 6: स्थानीय उच्चतम और स्थानीय निम्नतम मान (Local Maxima & Minima), सदिशों की त्रिभुज असमिका (|a + b| ≤ |a| + |b|), द्वितीय कोटि का अवकलन सिद्ध करना, अवकल समीकरण का विशिष्ट हल (Particular Solution) तथा रैखिक प्रोग्रामन समस्या (Linear Programming Problem – LPP) का आलेखीय विधि से न्यूनतमीकरण।

Question 7, 8 एवं 9 – विस्तृत उत्तरीय प्रश्न (8 + 8 + 8 = 24 अंक)

  • प्रश्नों की संख्या एवं अंक: 3 प्रश्न x 8 अंक = 24 अंक (प्रत्येक प्रश्न में शत-प्रतिशत अथवा/OR का विकल्प उपलब्ध है)।
  • प्रश्नों का स्वरूप:
    • प्रश्न 7: आव्यूह समीकरण A² – 5A + 6I व सममित/विषम सममित प्रमेय अथवा 3-चर वाले रैखिक समीकरण निकाय को आव्यूह विधि (Matrix Method – X = A⁻¹B) से हल करना।
    • प्रश्न 8: अवकलन के अनुप्रयोग (Applications of Derivatives) — शंक्वाकार टंकी में पानी भरने पर जल स्तर में परिवर्तन की दर (Rate of Change) अथवा महत्तम आयतन वाले लम्बवृत्तीय शंकु का अर्धशीर्ष कोण सिद्ध करना।
    • प्रश्न 9: समाकलन के अनुप्रयोग (Applications of Integrals) — दीर्घवृत्त (x²/4 + y²/9 = 1) से घिरे क्षेत्र का क्षेत्रफल ज्ञात करना अथवा निश्चित समाकलन के प्रगुणों (Properties of Definite Integrals) द्वारा 0 से π/2 तक log sin x dx का मान निगमित करना।

Final Word

यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं गणित का यह प्रश्नपत्र उच्च स्तर की गणना और अवधारणात्मक स्पष्टता की मांग करता है। प्रश्न संख्या 5 और 6 मिलकर 50 अंक बनाते हैं, जबकि अंतिम तीन प्रश्न 24 अंक तय करते हैं। परीक्षार्थियों के लिए इन टोपिक्स जैसे कि आव्यूह व्युत्क्रम (Matrix Inversion), रेखाओं के बीच की न्यूनतम दूरी, उच्चिष्ठ-निम्निष्ठ और निश्चित समाकलन के प्रगुणों का चरणबद्ध लिखित अभ्यास करना अच्छा रहेगा, क्योंकि सही प्रक्रिया और सूत्र लिखने पर भी स्टेप-मार्किंग में पूरे अंक मिलते हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: यूपी बोर्ड कक्षा 12 2027 गणित का लिखित पेपर कितने अंकों का होगा?

उत्तर: यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं गणित का लिखित प्रश्नपत्र कुल 100 अंकों का होगा। इस विषय में कोई प्रयोगात्मक परीक्षा या आंतरिक मूल्यांकन नहीं होता, इसलिए पूरे 100 अंक केवल इस बोर्ड परीक्षा से निर्धारित होते हैं।

Q2: गणित के प्रश्नपत्र में कुल कितने प्रश्न हल करने होंगे?

उत्तर: प्रश्नपत्र में मुख्य रूप से 9 प्रश्न (प्रश्न संख्या 1 से 9) दिए गए हैं। सभी उप-प्रश्नों को मिलाकर कुल 26 प्रश्न हल करने होते हैं: 1-1 अंक के 10 प्रश्न, 2-2 अंक के 8 प्रश्न, 5-5 अंक के 10 प्रश्न तथा 8-8 अंक के 3 विस्तृत उत्तरीय प्रश्न।

Q3: क्या कक्षा 12 गणित के पेपर में प्रश्नों में विकल्प (Choices) मिलते हैं?

उत्तर: हाँ, प्रश्न संख्या 7, 8 और 9 (प्रत्येक 8 अंक) में शत-प्रतिशत आंतरिक विकल्प (अथवा / OR) दिया गया है। प्रत्येक 8-अंक वाले प्रश्न में दो प्रश्न दिए होते हैं, जिनमें से परीक्षार्थी को केवल एक प्रश्न हल करना होता है।

Q4: यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं गणित का पेपर हल करने के लिए कितना समय मिलेगा और परीक्षा की पाली क्या होगी?

उत्तर: परीक्षा हल करने के लिए कुल 3 घंटे 15 मिनट का समय मिलेगा (प्रारंभिक 15 मिनट प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए)। यूपी बोर्ड कक्षा 12वीं की परीक्षाएं सामान्यतः द्वितीय पाली (दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक) में आयोजित की जाती हैं।

UP Board Class 10 Math Model Paper 2027 PDF Download

UP Board Class 10 Math Model Paper 2027: UPMSP द्वारा सत्र 2027 के लिए जारी आधिकारिक मॉडल पेपर के अनुसार, यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं गणित (Mathematics) के नए परीक्षा पैटर्न, 70 अंकों की संपूर्ण मार्किंग स्कीम क्या है और कुल कितने प्रश्न इस वर्ष की मुख्य बोर्ड परीक्षा में 20 वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रश्न ओ०एम०आर० (OMR) शीट पर तथा 50 अंकों के वर्णनात्मक (Descriptive) प्रश्न उत्तर-पुस्तिका में हल करने होंगे।

Key Highlights

  • बोर्ड एवं सत्र: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP), शैक्षणिक सत्र 2026-27।
  • कक्षा एवं विषय: कक्षा 10वीं – गणित (Mathematics)।
  • विषय कोड एवं संकेतांक: विषय कोड-928, संकेतांक-822।
  • कुल पूर्णांक एवं समय: लिखित परीक्षा 70 अंक तथा हल करने के लिए कुल 3 घंटे 15 मिनट।
  • कुल खंड (Sections): प्रश्नपत्र दो मुख्य खंडों—खंड ‘अ’ (वस्तुनिष्ठ) और खंड ‘ब’ (वर्णनात्मक) में विभाजित है।
  • कुल प्रश्न संख्या: खंड ‘अ’ में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न तथा खंड ‘ब’ में 5 मुख्य प्रश्न (उप-प्रश्नों सहित कुल 17 प्रश्न हल करने होंगे)।
  • आंतरिक विकल्प (Internal Choices): खंड ‘ब’ के प्रश्न संख्या 2 में 6 में से 5 प्रश्न करने की छूट है, जबकि प्रश्न संख्या 3, 4 और 5 (प्रत्येक 6 अंक) में शत-प्रतिशत ‘अथवा’ (OR) का विकल्प उपलब्ध है।

UP Board Class 10 Math Model Paper 2027 Exam Pattern

माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा जारी कक्षा 10वीं गणित का यह मॉडल पेपर विद्यार्थियों की वैचारिक समझ, ज्यामितीय शुद्धता और बीजगणितीय गणना कौशल का संतुलित परीक्षण करता है। परीक्षार्थियों को प्रश्नपत्र पढ़ने और प्रश्नों के चयन के लिए आरंभिक 15 मिनट का समय दिया जाता है।

इस प्रश्नपत्र की संरचना पूर्णतः दोहरे प्रारूप (Dual Pattern) पर आधारित है:

  1. खंड ‘अ’ (20 अंक): इसमें शुद्ध रूप से वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं, जिनके उत्तर ओ०एम०आर० (OMR) शीट पर काले या नीले बॉल पॉइंट पेन से भरने होते हैं।
  2. खंड ‘ब’ (50 अंक): इसमें अति लघु उत्तरीय (Very Short Answer), लघु उत्तरीय (Short Answer) तथा दीर्घ उत्तरीय (Long Answer) प्रश्न शामिल हैं, जहाँ प्रत्येक चरण (Step-marking) के अंक निर्धारित हैं।
UP Board 2027 Free Study Material

बोर्ड परीक्षा की पूरी तैयारी BestFunda के साथ करें!

UP Board के नवीनतम Model Papers, Chapter-wise Solutions, Handwritten Notes और Latest Updates सीधे अपने फोन पर पाने के लिए हमारे ऑफिशियल ग्रुप्स से अभी जुड़ें:

UP Board Model Paper 2027 Class 10 Math Marks Distribution

Section / Question (खंड एवं प्रश्न) Question Type (प्रश्न प्रकार) Total Questions (कुल प्रश्न) Questions to Attempt (हल करने हेतु प्रश्न) Marks per Question (अंक प्रति प्रश्न) Total Marks (कुल अंक)
खंड ‘अ’ (प्र. 1 से 20) बहुविकल्पीय (MCQ) 20 20 1 अंक 20 अंक
खंड ‘ब’ – प्रश्न 1 अति लघु उत्तरीय (Very Short) 6 (क से च) 6 (सभी अनिवार्य) 2 अंक 12 अंक
खंड ‘ब’ – प्रश्न 2 लघु उत्तरीय (Short Answer) 6 (क से च) 5 (कोई पाँच) 4 अंक 20 अंक
खंड ‘ब’ – प्रश्न 3 दीर्घ उत्तरीय (Long Answer) 2 (अथवा सहित) 1 6 अंक 06 अंक
खंड ‘ब’ – प्रश्न 4 दीर्घ उत्तरीय (Long Answer) 2 (अथवा सहित) 1 6 अंक 06 अंक
खंड ‘ब’ – प्रश्न 5 दीर्घ उत्तरीय (Long Answer) 2 (अथवा सहित) 1 6 अंक 06 अंक
कुल योग (Grand Total) 38 प्रश्न 33 प्रश्न – 70 अंक

UP Board 10th Math Model Paper 2027 Section-wise Analysis

Section A (खंड ‘अ’) – बहुविकल्पीय प्रश्न (20 अंक)

  • प्रश्नों की संख्या एवं अंक: 20 प्रश्न × 1 अंक = 20 अंक।
  • विशेष निर्देश: ओएमआर (OMR) पर एक बार गोला भरने के बाद उसे काटना नहीं है और न ही व्हाइटनर या इरेज़र (Eraser) का प्रयोग करना है।
  • अध्यायों का प्रतिनिधित्व:
    • वास्तविक संख्याएँ (Real Numbers) से HCF/LCM व परिमेयता गुणधर्म।
    • बहुपद (Polynomials) से ग्राफिकल शून्यक (Zeros of Polynomial)।
    • दो चर वाले रैखिक समीकरण (Pair of Linear Equations) से रेखाओं की संगतता/असंगतता की शर्तें।
    • द्विघात समीकरण (Quadratic Equations) से विविक्तकर (Discriminant) व मूलों की प्रकृति।
    • समांतर श्रेढ़ी (Arithmetic Progression) से n-वाँ पद।
    • निर्देशांक ज्यामिति (Coordinate Geometry) एवं त्रिभुज (Triangles – थेल्स प्रमेय)।
    • त्रिकोणमिति (Trigonometry) के सूत्र, सर्वसमिकाएँ एवं ऊँचाई-दूरी (Heights & Distances) के सीधे मान।
    • वृत्त एवं पृष्ठीय क्षेत्रफल तथा आयतन (Surface Areas & Volumes)।
    • सांख्यिकी (Statistics) से माध्य, माध्यिका, बहुलक का संबंध और प्रायिकता (Probability)।

Section B (खंड ‘ब’) – वर्णनात्मक प्रश्न (50 अंक)

खंड ‘ब’ विस्तृत लिखित उत्तरों का मुख्य भाग है, जहाँ स्टेप-मार्किंग के आधार पर अंक मिलते हैं:

  • प्रश्न संख्या 1 (अति लघु उत्तरीय – 12 अंक):
    • इसमें कुल 6 उप-खंड (क से च) दिए गए हैं और सभी अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न 2 अंकों का है।
    • प्रश्नों के प्रकार: 3√2 की अपरिमेयता सिद्ध करना, रेखाखंड का सम-त्रिभाजन (Trisection of Line), sec A के मान का सत्यापन, वृत्त के चतुर्थांश (Quadrant) का क्षेत्रफल, प्रायिकता सूत्र P(E) + P(not E) = 1 तथा समदूरस्थ (Equidistant) बिंदुओं के निर्देशांक।
  • प्रश्न संख्या 2 (लघु उत्तरीय – 20 अंक):
    • इसमें कुल 6 उप-खंड (क से च) दिए गए हैं, जिनमें से परीक्षार्थियों को 5 उप-खंड हल करने हैं। प्रत्येक प्रश्न 4 अंकों का है।
    • प्रश्नों के प्रकार: संपूरक कोणों (Supplementary Angles) पर रैखिक समीकरण, समलम्ब चतुर्भुज (Trapezium) में समरूपता प्रमेय (OA/OC = OB/OD), द्विघात बहुपद 3x² – x – 4 के शून्यक व गुणांकों में संबंध, वृत्त की स्पर्श रेखा (Tangent to a Circle) पर प्रमेय, वर्गीकृत आंकड़ों से माध्यक भार (Median Weight) की गणना और कंचों पर आधारित प्रायिकता।
  • प्रश्न संख्या 3 (दीर्घ उत्तरीय – 6 अंक):
    • बीजगणित पर आधारित इबारती प्रश्न (Word Problem)।
    • इसमें जैकब और उसके पुत्र की आयु संबंधी रैखिक समीकरण अथवा रेलगाड़ी की चाल (Speed of Train) पर आधारित द्विघात समीकरण का आंतरिक विकल्प दिया गया है।
  • प्रश्न संख्या 4 (दीर्घ उत्तरीय – 6 अंक):
    • त्रिकोणमिति के अनुप्रयोग (Applications of Trigonometry – ऊँचाई और दूरी)।
    • 80 मीटर चौड़ी सड़क के दोनों ओर समान ऊँचाई के खंभों का उन्नयन कोण अथवा समुद्र तल से 75 मीटर ऊँचे लाइट हाउस से दो जहाजों के अवनमन कोण (Angles of Depression) के बीच की दूरी ज्ञात करने का प्रश्न।
  • प्रश्न संख्या 5 (दीर्घ उत्तरीय – 6 अंक):
    • पृष्ठीय क्षेत्रफल एवं आयतन (Mensuration / Surface Areas and Volumes)।
    • बेलन में से शंक्वाकार खोल (Conical Cavity) काटने के बाद शेष बचे ठोस का पृष्ठीय क्षेत्रफल अथवा दो बेलनों से बने लोहे के भारी स्तंभ का आयतन व द्रव्यमान (Mass Calculation) ज्ञात करने का प्रश्न।

Conclusion

यूपी बोर्ड कक्षा 10 गणित का यह प्रतिदर्श प्रश्नपत्र अत्यधिक स्कोरिंग है बशर्ते विद्यार्थी समय का सही बंटवारा करें। खंड ‘अ’ के 20 वस्तुनिष्ठ प्रश्न शुरुआती 35 से 40 मिनट में सावधानीपूर्वक ओ०एम०आर० पर हल किए जा सकते हैं। खंड ‘ब’ के 4-अंक और 6-अंक वाले प्रश्नों में रफ कार्य के लिए अलग स्थान रखें तथा ज्यामिति व त्रिकोणमिति के सवालों में स्वच्छ नामांकित चित्र अवश्य बनाएं, क्योंकि सही चित्र और सूत्र लिखने पर भी स्टेप-मार्किंग में पूरे अंक मिलते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Q1: यूपी बोर्ड कक्षा 10 2027 गणित का पेपर कितने अंकों का होगा?

उत्तर: यूपी बोर्ड कक्षा 10 गणित का लिखित बोर्ड पेपर कुल 70 अंकों का होगा। बाकी 30 अंक विद्यालय स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) और प्रोजेक्ट कार्य के लिए निर्धारित होते हैं।

Q2: गणित के पेपर में कितने प्रश्न कितने अंकों के पूछे जाएंगे?

उत्तर: प्रश्नपत्र में मुख्य रूप से दो खंड होंगे। खंड ‘अ’ में 1-1 अंक वाले 20 बहुविकल्पीय प्रश्न (कुल 20 अंक) होंगे। खंड ‘ब’ में 2-2 अंक वाले 6 अति लघु उत्तरीय प्रश्न (12 अंक), 4-4 अंक वाले 5 लघु उत्तरीय प्रश्न (20 अंक), तथा 6-6 अंक वाले 3 विस्तृत उत्तरीय प्रश्न (18 अंक) पूछे जाएंगे।

Q3: क्या गणित के पेपर में प्रश्नों में विकल्प (Choices) मिलेंगे?

उत्तर: हाँ, खंड ‘ब’ के प्रश्न संख्या 2 में दिए गए 6 प्रश्नों में से केवल 5 प्रश्न हल करने हैं। इसके अलावा प्रश्न संख्या 3, 4 और 5 में प्रत्येक प्रश्न में ‘अथवा’ (OR) का विकल्प उपलब्ध है।

Q4: यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं गणित का पेपर हल करने के लिए कितना समय मिलेगा और परीक्षा की पाली क्या होगी?

उत्तर: गणित का पेपर हल करने के लिए कुल 3 घंटे 15 मिनट का समय मिलेगा, जिसमें शुरुआती 15 मिनट प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए तय हैं। यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षाएं सामान्यतः सुबह की पाली (Morning Shift – सुबह 8:30 बजे से 11:45 बजे तक) में आयोजित की जाती हैं।

UP Board 12th Chemistry Model Paper 2027 Solution PDF Download.

UP Board 12th Chemistry Model Paper 2027: UPMSP ने ऑफिशियल यूपी बोर्ड मॉडल पेपर 2027 जारी कर दिया है। यहाँ पर कक्षा 12वीं के रसायन विज्ञान के मॉडल पेपर का हल विस्तार में दिया गया है, जिसे प्रैक्टिस कर अपनी परीक्षा की तैयारी और असरदार बना सकते हैं। सोल्यूशंस का पीडीएफ भी डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध है.

खण्ड ‘अ’ (Section A) – बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्र. 1 (क) KCl, NaCl और K2SO4 के वांटहॉफ कारक (van ‘t Hoff factor) के मान क्रमशः हैं:
(i) 2, 2 तथा 2
(ii) 2, 2 तथा 3
(iii) 1, 1 तथा 2
(iv) 1, 1 तथा 1
(ii) 2, 2 तथा 3

विस्तृत हल (Detailed Solution):

प्रबल वैद्युतअपघट्यों (Strong Electrolytes) के पूर्ण वियोजन (Complete Dissociation) की स्थिति में वांटहॉफ कारक (i) उत्पन्न आयनों की कुल संख्या के बराबर होता है:

  • KCl: K+ + Cl– ⟶ कुल 2 आयन (i = 2)
  • NaCl: Na+ + Cl– ⟶ कुल 2 आयन (i = 2)
  • K2SO4: 2 K+ + SO42- ⟶ कुल 3 आयन (i = 3)

अतः वांटहॉफ कारक के मान क्रमशः 2, 2 तथा 3 होंगे।

💡 Tips: असंगणित (Non-dissociating) अणुओं जैसे यूरिया या ग्लूकोज के लिए i = 1 होता है, जबकि लवणों में वियोजन के बाद प्राप्त आयनों को गिनकर ‘i’ का मान ज्ञात किया जाता है।
प्र. 1 (ख) निम्नलिखित में से अंतराकाशी यौगिकों (Interstitial Compounds) के अभिलाक्षणिक गुण हैं:

(A) उनके गलनांक शुद्ध धातुओं की तुलना में उच्च होते हैं।
(B) वे बहुत कठोर होते हैं।
(C) वे धात्विक कुचालक होते हैं।
(D) वे रासायनिक रूप से बहुत क्रियाशील होते हैं।

(i) उक्त सभी
(ii) केवल A, B, D
(iii) केवल A, B, C
(iv) केवल A, B
(iv) केवल A, B

विस्तृत हल (Detailed Solution):

संक्रमण धातुओं के अंतराकाशी स्थलों (Interstitial Sites) में छोटे अधातु परमाणु (H, C, N, B) फँस जाने से अंतराकाशी यौगिक बनते हैं। इनके मुख्य गुण निम्न हैं:

  • इनके गलनांक (Melting points) शुद्ध धातुओं की तुलना में अत्यधिक उच्च होते हैं। (कथन A सही)
  • ये अत्यधिक कठोर होते हैं (कुछ बोराइड्स हीरे जितने कठोर होते हैं)। (कथन B सही)
  • ये अपनी धात्विक चालकता (Metallic Conductivity) सुरक्षित रखते हैं, कुचालक नहीं बनते। (कथन C गलत)
  • ये रासायनिक रूप से अक्रिय (Chemically Inert) होते हैं। (कथन D गलत)

अतः केवल कथन A तथा B सत्य हैं।

💡 Tips: याद रखें कि अंतराकाशी यौगिक न तो पूरी तरह आयनिक होते हैं और न ही सहसंयोजी, परंतु ये अपनी धात्विक चालकता को बनाए रखते हैं।
प्र. 1 (ग) कॉलम I में दिए गए उपसहसंयोजन यौगिकों को कॉलम II में दिए गए उनके केन्द्रीय धात्विक परमाणु/आयन से सुमेलित कीजिए:
कॉलम I कॉलम II
(A) क्लोरोफिल (Chlorophyll)(a) रोडियम (Rhodium)
(B) रक्त वर्णक (Hemoglobin)(b) कोबाल्ट (Cobalt)
(C) विल्किंसन उत्प्रेरक (Wilkinson Catalyst)(c) आयरन (Iron)
(D) विटामिन B12 (Vitamin B12)(d) मैग्नीशियम (Magnesium)
(i) A – a, B – b, C – c, D – d
(ii) A – a, B – b, C – d, D – c
(iii) A – d, B – c, C – a, D – b
(iv) A – d, B – c, C – b, D – a
(iii) A – d, B – c, C – a, D – b

विस्तृत हल (Detailed Solution):

जैविक प्रणालियों एवं उद्योगों में महत्वपूर्ण उपसहसंयोजन यौगिकों के केंद्रीय धातु आयन निम्नलिखित हैं:

  • (A) क्लोरोफिल ⟶ (d) मैग्नीशियम (Mg2+): पौधों में प्रकाश-संश्लेषण हेतु जिम्मेदार हरा वर्णक है।
  • (B) रक्त वर्णक (हीमोग्लोबिन) ⟶ (c) आयरन (Fe2+): रक्त में ऑक्सीजन का परिवहन करने वाला सम्मिश्र है।
  • (C) विल्किंसन उत्प्रेरक [(PPh3)3RhCl] ⟶ (a) रोडियम (Rh): एल्कीन के हाइड्रोजनीकरण में प्रयुक्त होता है।
  • (D) विटामिन B12 (साइनोकोबालामिन) ⟶ (b) कोबाल्ट (Co3+): एंटी-पर्निशियस एनीमिया कारक है।
प्र. 1 (घ) अभिकथन (Assertion): एल्डिहाइड और कीटोन, दोनों ही टॉलेन अभिकर्मक के साथ रजत दर्पण बनाते हैं।
तर्क (Reason): एल्डिहाइड और कीटोन दोनों में कार्बोनिल समूह होता है।
(i) अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं तथा तर्क सही स्पष्टीकरण है।
(ii) अभिकथन और तर्क दोनों ही गलत हैं।
(iii) अभिकथन सही है परंतु तर्क गलत है।
(iv) अभिकथन गलत है परंतु तर्क सही है।
(iv) अभिकथन गलत है परंतु तर्क सही है।

विस्तृत हल (Detailed Solution):

अभिकथन की जाँच: टॉलेन अभिकर्मक [Ammoniacal Silver Nitrate, [Ag(NH3)2]+] एक दुर्बल आक्सीकारक है। यह केवल एल्डिहाइडों को आक्सीकृत करके रजत दर्पण (Silver Mirror) देता है; कीटोन इसका अपचयन नहीं कर पाते। अतः अभिकथन गलत (False) है。

तर्क की जाँच: एल्डिहाइड (R-CHO) एवं कीटोन (R-CO-R) दोनों में ही कार्बोनिल समूह (>C=O) उपस्थित होता है। अतः तर्क सही (True) है।

💡 Tips: टॉलेन परीक्षण एल्डिहाइड तथा कीटोन के बीच विभेद (Distinction) करने की अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयोगशाला विधि है।
प्र. 1 (ङ) श्रृंखला में कार्बन परमाणुओं की संख्या अपरिवर्तित रखते हुए ऐल्किल हैलाइडों से प्राथमिक ऐमीन बनाने की सर्वोत्तम विधि है:
(i) हॉफमान ब्रोमेमाइड अभिक्रिया
(ii) NH3 के साथ अभिक्रिया
(iii) गैब्रिएल थैलीमाइड संश्लेषण
(iv) सैंडमायर अभिक्रिया
(iii) गैब्रिएल थैलीमाइड संश्लेषण (Gabriel Phthalimide Synthesis)

विस्तृत हल (Detailed Solution):

गैब्रिएल थैलीमाइड संश्लेषण (Gabriel Phthalimide Synthesis) द्वारा ऐल्किल हैलाइड (R-X) से केवल शुद्ध प्राथमिक ऐमीन (Primary Amine, R-NH2) प्राप्त होती है। इस प्रक्रिया में कार्बन श्रृंखला की लंबाई में कोई परिवर्तन नहीं आता है।

  • हॉफमान ब्रोमेमाइड अभिक्रिया में एमाइड से 1 कार्बन कम वाला ऐमीन बनता है।
  • NH3 के साथ अमोनियाअपघटन करने पर 1°, 2°, 3° ऐमीन तथा चतुष्क लवण का मिश्रण बनता है।
प्र. 1 (च) निम्नलिखित में से α-D-फ्रक्टोफ्यूरेनोस (α-D-Fructofuranose) की सही चक्रीय संरचना है:
(i) संरचना (i)
(ii) संरचना (ii)
(iii) संरचना (iii)
(iv) संरचना (iv)
(iii) संरचना (iii)

विस्तृत हल (Detailed Solution):

D-फ्रक्टोज (D-Fructose) की फ्यूरेनोस (5-सदस्यीय वलय) हावर्थ संरचना में:

  • एनोमेरी कार्बन C-2 पर -OH समूह नीचे (Down) तथा -CH2OH समूह ऊपर (Up) होता है।
  • C-3 पर -OH समूह ऊपर (Up) तथा -H नीचे होता है।
  • C-4 पर -OH समूह नीचे (Down) तथा -H ऊपर होता है।
  • C-5 पर -CH2OH समूह ऊपर (Up) तथा -H नीचे होता है।

अतः यह विशिष्ट विन्यास संरचना (iii) द्वारा प्रदर्शित होता है।

💡 Tips: α-रूप में C-2 का -OH समूह C-5 के -CH2OH समूह के ट्रांस (Trans/विपरीत दिशीय) होता है।

खण्ड ‘ब’ एवं खण्ड ‘स’ (Section B & Section C) – अति लघु एवं लघु उत्तरीय प्रश्न

प्र. 2 (क) 2.5 g एथेनोइक अम्ल (CH3COOH) के 75 g बेंजीन में विलयन की मोललता (Molality) की गणना कीजिए।

दिया है (Given):

  • विलेय (CH3COOH) का द्रव्यमान (w) = 2.5 g
  • विलायक (बेंजीन) का द्रव्यमान (W) = 75 g = 75 / 1000 = 0.075 kg
  • CH3COOH का मोलर द्रव्यमान (M) = 12 + (3 × 1) + 12 + 16 + 16 + 1 = 60 g/mol
मोललता (m) = [ विलेय के मोल ] / [ विलायक का द्रव्यमान (kg में) ] = (w / M) / W(kg)

गणना (Calculation):

  • CH3COOH के मोल = 2.5 / 60 = 0.04167 mol
  • मोललता (m) = 0.04167 / 0.075 kg = 0.556 mol/kg (या 0.556 m)

अतः एथेनोइक अम्ल के विलयन की मोललता 0.556 m होगी।

💡 Tips: मोललता विलायक के द्रव्यमान (kg) पर आधारित होती है, इसलिए यह ताप परिवर्तन से प्रभावित नहीं होती।
प्र. 2 (ख) मिश्रधातु (Alloy) किसे कहते हैं? संक्रमण धातुओं से प्राप्त मिश्रधातुओं के कोई दो गुण लिखिए।

1. मिश्रधातु की परिभाषा (Definition):

दो या दो से अधिक धातुओं अथवा धातु एवं अधातु के समांगी मिश्रण (Homogeneous mixture) को मिश्रधातु (Alloy) कहते हैं।

2. संक्रमण धातुओं की मिश्रधातुओं के दो मुख्य गुण:

  • उच्च कठोरता एवं गलनांक (High Hardness & Melting Point): संक्रमण धातुओं के आकार लगभग समान होने के कारण एक धातु दूसरी धातु के क्रिस्टल जालक में आसानी से फिट हो जाती है, जिससे बनी मिश्रधातुएँ अत्यधिक कठोर व उच्च गलनांक वाली होती हैं (उदा. पीतल, कांस्य, स्टेनलेस स्टील)।
  • संक्षारण प्रतिरोधकता (Corrosion Resistance): मिश्रधातुएँ वायु, जल एवं अम्लों के प्रति अत्यधिक स्थायी होती हैं और इनमें आसानी से जंग नहीं लगता।
प्र. 2 (ग) निम्नलिखित उपसहसंयोजन यौगिकों के सूत्र लिखिए:

(a) डाइक्लोरोबिस (एथेन-1, 2-डाइऐमीन) प्लैटिनम (IV) नाइट्रेट
(b) टेट्राऐम्मीनएक्वाक्लोरिडोकॉबाल्ट (III) क्लोराइड

(a) डाइक्लोरोबिस (एथेन-1, 2-डाइऐमीन) प्लैटिनम (IV) नाइट्रेट:

  • केंद्रीय धातु = Pt4+, लिगैंड = 2 Cl–, 2 en (neutral), ऋणायन = NO3–
  • सुलभ संकुल आयन = [Pt(en)2Cl2]2+
[Pt(en)2Cl2](NO3)2

(b) टेट्राऐम्मीनएक्वाक्लोरिडोकॉबाल्ट (III) क्लोराइड:

  • केंद्रीय धातु = Co3+, लिगैंड = 4 NH3, 1 H2O, 1 Cl–, ऋणायन = Cl–
  • सुलभ संकुल आयन = [Co(NH3)4(H2O)Cl]2+
[Co(NH3)4(H2O)Cl]Cl2
प्र. 2 (घ) उभयदंती नाभिकरागी (Ambident Nucleophiles) क्या होते हैं? एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।

परिभाषा (Definition):

वे नाभिकरागी (Nucleophiles) जिनमें दो भिन्न परमाणु इलेक्ट्रॉन युग्म प्रदान (दाता परमाणु) कर सकते हैं, परंतु एक समय में केवल एक ही परमाणु उपसहसंयोजक बंध बनाता है, उभयदंती नाभिकरागी कहलाते हैं।

उदाहरण (Example): सायनाइड आयन (CN–)

सायनाइड आयन में C तथा N दोनों ही दाता परमाणु की भाँति कार्य कर सकते हैं:

  • जब कार्बन (C) परमाणु आक्रमण करता है, तो ऐल्किल सायनाइड (R-CN) बनता है।
  • जब नाइट्रोजन (N) परमाणु आक्रमण करता है, तो ऐल्किल आइसोसायनाइड (R-NC) बनता है।
R-X + KCN ⟶ R-CN + KX (मुख्य उत्पाद: नाइट्राइल)
R-X + AgCN ⟶ R-NC + AgX (मुख्य उत्पाद: आइसोसायनाइड)
प्र. 3 (क) एक प्रोटीन के 200 cm3 जलीय विलयन में 1.26 g प्रोटीन है। 300 K पर इस विलयन का परासरण दाब 2.57 × 10-3 bar पाया गया। प्रोटीन के मोलर द्रव्यमान का परिकलन कीजिए।

दिया है (Given):

  • विलेय (प्रोटीन) का भार (w2) = 1.26 g
  • विलयन का आयतन (V) = 200 cm3 = 0.200 L
  • ताप (T) = 300 K
  • परासरण दाब (π) = 2.57 × 10-3 bar
  • गैस नियतांक (R) = 0.083 L bar mol-1 K-1
परासरण दाब का सूत्र: π = (w2 × R × T) / (M2 × V) ⇒ M2 = (w2 × R × T) / (π × V)

गणना (Calculation):

M2 = (1.26 × 0.083 × 300) / (2.57 × 10-3 × 0.200)

M2 = 31.374 / (0.000514) = 61038.9 g/mol (या ≈ 61039 g/mol)

अतः प्रोटीन का मोलर द्रव्यमान 61,039 g/mol है।

💡 Tips: बृहदअणुओं (Proteins, Polymers) का आणविक द्रव्यमान ज्ञात करने के लिए परासरण दाब विधि ही सर्वाधिक उपयुक्त एवं सटीक विधि है।
प्र. 3 (ख) क्यूमीन (Cumene) से फीनॉल (Phenol) बनाने की अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।

व्याख्या एवं अभिक्रिया चरण (Process Steps):

क्यूमीन (आइसोप्रोपिलबेंजीन) को वायु की उपस्थिति में ऑक्सीकृत करने पर क्यूमीन हाइड्रोपरऑक्साइड बनता है, जो तनु अम्ल के साथ जलअपघटित होकर फीनॉल तथा एसीटोन देता है।

C6H5-CH(CH3)2 + O2 ⎯⎯⎯(वायु)⎯⎯⎯> C6H5-C(CH3)2-O-O-H (क्यूमीन हाइड्रोपरऑक्साइड)

C6H5-C(CH3)2-O-O-H ⎯⎯⎯(H+ / H2O)⎯⎯⎯> C6H5OH (फीनॉल) + CH3COCH3 (एसीटोन)

इस औद्योगिक विधि का मुख्य लाभ यह है कि इसमें उप-उत्पाद के रूप में मूल्यवान एसीटोन (Acetone) प्राप्त होता है।

प्र. 3 (ग) एल्डिहाइड तथा कीटोन के क्रमशः दो-दो महत्वपूर्ण उपयोग लिखिए।

1. एल्डिहाइडों के उपयोग (Uses of Aldehydes):

  • फॉर्मेलीन (Formalin): 40% फॉर्मेल्डिहाइड जलीय विलयन का उपयोग जीवविज्ञान प्रयोगशालाओं में जैविक नमूनों (Biological specimens) के परिरक्षण में होता है।
  • बैकेलाइट प्लास्टिक: फॉर्मेल्डिहाइड का उपयोग फीनॉल-फॉर्मेल्डिहाइड रेजिन (बैकेलाइट) बहुलक बनाने में होता है।

2. कीटोनों के उपयोग (Uses of Ketones):

  • औद्योगिक विलायक: प्रोपेनोन (एसीटोन) का उपयोग नेल पॉलिश रिमूवर, रबर, वार्निश तथा गोंद के उत्कृष्ट विलायक के रूप में होता है।
  • औषधि निर्माण: एसीटोन का उपयोग क्लोरोफॉर्म, आयोडोफॉर्म तथा सम्मोहक औषधियों के निर्माण में होता है।
प्र. 3 (घ) D.N.A. में पाए जाने वाले नाइट्रोजन युक्त क्षारकों (Bases) के नाम तथा उनकी रासायनिक श्रेणियाँ बताइए।

उत्तर:

D.N.A. में कुल 4 प्रकार के विषमचक्रीय नाइट्रोजन युक्त क्षारक पाए जाते हैं, जिन्हें दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है:

  • 1. प्यूरिन क्षारक (Purine Bases – द्विवलयीय):
    • (i) एडिनिन (Adenine – A)
    • (ii) ग्वानिन (Guanine – G)
  • 2. पिरिमिडिन क्षारक (Pyrimidine Bases – एकवलयीय):
    • (i) साइटोसिन (Cytosine – C)
    • (ii) थाइमिन (Thymine – T)
💡 Tips: R.N.A. में थाइमिन (T) के स्थान पर यूरैसिल (Uracil – U) क्षारक पाया जाता है।

खण्ड ‘द’ – लघु उत्तरीय प्रश्न (3-अंक एवं 4-अंक)

प्र. 4 (क) निम्नलिखित में अंतर स्पष्ट कीजिए: (i) आदर्श तथा अनादर्श विलयन, (ii) अतिपरासरी तथा अल्पपरासरी विलयन।

(i) आदर्श तथा अनादर्श विलयन में अंतर (Ideal vs Non-Ideal Solutions):

गुण धर्म आदर्श विलयन (Ideal Solution) अनादर्श विलयन (Non-Ideal Solution)
राऊल्ट का नियम सभी सांद्रताओं पर राऊल्ट के नियम का पालन करते हैं (P = PA + PB)। राऊल्ट के नियम से धनात्मक या ऋणात्मक विचलन प्रदर्शित करते हैं।
एंथैल्पी परिवर्तन (ΔHmix) ΔHmix = 0 (न ऊष्मा निकलती है, न अवशोषित होती है)। ΔHmix ≠ 0 (ऊष्माक्षेपी या ऊष्माशोषी)।
आयतन परिवर्तन (ΔVmix) ΔVmix = 0 (मिश्रण का आयतन घटकों के योग के बराबर रहता है)। ΔVmix ≠ 0 (आयतन बढ़ता या घटता है)।

(ii) अतिपरासरी तथा अल्पपरासरी विलयन में अंतर (Hypertonic vs Hypotonic Solutions):

  • अतिपरासरी विलयन (Hypertonic Solution): जिस विलयन का परासरण दाब (Osmotic Pressure) दूसरे विलयन की तुलना में अधिक होता है। इसमें कोशिका (Cell) रखने पर वह जल बाहर निकलने के कारण सिकुड़ (Plasmolysis) जाती है।
  • अल्पपरासरी विलयन (Hypotonic Solution): जिस विलयन का परासरण दाब दूसरे विलयन की तुलना में कम होता है। इसमें कोशिका रखने पर जल अंदर प्रवेश करता है जिससे कोशिका फूल जाती है।
प्र. 4 (ख) ईंधन सेल (Fuel Cell) किसे कहते हैं? इसकी इलेक्ट्रोड अभिक्रियाओं तथा इसमें प्रयुक्त उत्प्रेरकों का उल्लेख कीजिए।

1. परिभाषा (Definition):

वे गैल्वेनिक सेल (Galvanic Cells) जो ईंधन (जैसे H2, CO, CH4) के दहन (Combustion) की रासायनिक ऊर्जा को सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं, ईंधन सेल (Fuel Cell) कहलाते हैं। इसका सबसे प्रसिद्ध उदाहरण H2-O2 ईंधन सेल है।

2. उत्प्रेरक (Catalyst Used):

इलेक्ट्रोड के रूप में सरंध्र कार्बन छड़ों का प्रयोग किया जाता है, जिनमें सूक्ष्म विभाजित प्लैटिनम (Pt) या पैलेडियम (Pd) उत्प्रेरक के रूप में मिलाया जाता है। इसमें जलीय KOH का उपयोग विद्युत अपघट्य के रूप में होता है।

3. इलेक्ट्रोड अभिक्रियाएँ (Electrode Reactions):

एनोड पर (Anode): 2 H2 (g) + 4 OH– (aq) ⟶ 4 H2O (l) + 4 e–
कैथोड पर (Cathodic): O2 (g) + 2 H2O (l) + 4 e– ⟶ 4 OH– (aq)
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कुल अभिक्रिया (Overall Reaction): 2 H2 (g) + O2 (g) ⟶ 2 H2O (l)
💡 Tips: ईंधन सेल की दक्षता (~70%) साधारण तापीय संयत्रों (30-40%) से बहुत अधिक होती है और यह प्रदूषण-रहित जल उप-उत्पाद के रूप में देता है।
प्र. 4 (ग) अभिक्रिया वेग की ताप पर निर्भरता का संक्षिप्त में वर्णन कीजिए।

1. ताप गुणांक (Temperature Coefficient):

सामान्यतः किसी रासायनिक अभिक्रिया का ताप 10°C (या 10 K) बढ़ाने पर उसका वेग स्थिरांक (Rate Constant, k) लगभग 2 से 3 गुना (Double to Triple) हो जाता है। इसे ताप गुणांक कहते हैं:

ताप गुणांक = k(T + 10) / kT ≈ 2 से 3

2. आरहेनियस समीकरण (Arrhenius Equation):

अभिक्रिया वेग की ताप पर सटीक निर्भरता को स्वीडिश रसायनशास्त्री आरहेनियस ने निम्नलिखित समीकरण द्वारा व्यक्त किया:

k = A × e(-Ea / RT)

जहाँ A = आवृत्ति कारक (Frequency factor), Ea = सक्रिएण ऊर्जा (Activation Energy), R = गैस नियतांक, तथा T = परम ताप (Absolute Temperature)।

  • ताप T बढ़ाने पर पद e(-Ea / RT) का मान बढ़ता है, जिससे प्रभावी टक्करों (Effective Collisions) की संख्या बढ़ती है।
  • दो भिन्न तापों T₁ तथा T₂ पर वेग स्थिरांकों k₁ एवं k₂ का संबंध:
log (k₂ / k₁) = [ Ea / (2.303 R) ] × [ (T₂ – T₁) / (T₁ × T₂) ]
प्र. 4(घ) निम्नलिखित को स्पष्ट कीजिए: (i) Cu+ आयन जलीय विलयन में क्यों स्थायी नहीं होते हैं? (ii) Cu2+ और Fe2+ में से कौन प्रबल अपचायक है और क्यों?

(i) Cu+ आयन का जलीय विलयन में अस्थायी होना (Instability of Cu+ in Aqueous Solution):

जलीय विलयन में Cu+ आयन असमानुपातन (Disproportionation) प्रदर्शित करता है और Cu2+ तथा कॉपर धातु में परिवर्तित हो जाता है:

2 Cu+ (aq) ⟶ Cu2+ (aq) + Cu (s)

कारण: यद्यपि Cu+ से द्वितीय आयनन एंथैल्पी (Second Ionization Enthalpy) द्वारा Cu2+ बनाने में ऊर्जा लगती है, परंतु Cu2+ आयन की जल-योजन एंथैल्पी (Hydration Enthalpy, ΔhydH) का अत्यधिक ऋणात्मक मान इस ऊर्जा की क्षतिपूर्ति से भी अधिक ऊर्जा मुक्त करता है।

(ii) Cu2+ तथा Fe2+ में प्रबल अपचायक (Fe2+ as Stronger Reducing Agent):

Fe2+ एक प्रबल अपचायक है (Fe2+ ⟶ Fe3+ + e–)।

कारण: Fe2+ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Ar] 3d6 है। एक इलेक्ट्रॉन त्यागने के बाद Fe3+ का विन्यास [Ar] 3d5 बन जाता है, जो कि एक अर्द्धभरित (Half-filled) d-कक्षक होने के कारण अत्यधिक स्थायी (Extremely stable) होता है। इसके विपरीत Cu2+ (3d9) इलेक्ट्रॉन आसानी से त्यागकर 3d8 नहीं बनाना चाहता।

प्र. 5 (क) चतुष्फलकीय उपसहसंयोजन समूहों (Tetrahedral Complexes) में क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन (Crystal Field Splitting) को समझाइए।

क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन का सिद्धांत (Crystal Field Splitting in Tetrahedral Field):

चतुष्फलकीय संकुलों में 4 लिगैंड केंद्रीय धातु आयन के अक्षों के मध्य (In-between the axes) से पहुँचते हैं।

  • अक्षों के बीच स्थित d-कक्षक (dxy, dyz, dzx) लिगैंडों के अधिक निकट होते हैं, अतः ये अधिक प्रतिकर्षण अनुभव करते हैं और इनकी ऊर्जा बढ़ जाती है। इन्हें t2 कक्षक समूह कहते हैं।
  • अक्षों पर स्थित d-कक्षक (dx²-y², dz²) लिगैंडों से दूर होते हैं, अतः इनकी ऊर्जा कम हो जाती है। इन्हें e कक्षक समूह कहते हैं।
विपाटन ऊर्जा का संबंध: Δt = (4 / 9) Δo

चूँकि चतुष्फलकीय विपाटन ऊर्जा (Δt) का मान अष्टफलकीय विपाटन ऊर्जा (Δo) का केवल 4/9 भाग होता है, इसलिए यह मान युग्मन ऊर्जा (P) से सदैव कम होता है। अतः चतुष्फलकीय संकुल सदैव उच्च चक्रण संकुल (High Spin Complexes) ही बनाते हैं।

💡 Tips: अष्टफलकीय (Octahedral) के विपरीत, चतुष्फलकीय क्षेत्र में t2 समूह ऊपर (उच्च ऊर्जा) तथा e समूह नीचे (निम्न ऊर्जा) स्थित होता है।
प्र. 5 (ख) 0.00241 M एसिटिक अम्ल की चालकता 7.896 × 10-5 S cm-1 है। इसकी मोलर चालकता (Λm) का परिकलन कीजिए। यदि Λm0 = 390.5 S cm2 mol-1 हो तो इसका वियोजन स्थिरांक (Ka) क्या होगा?

दिया है (Given):

  • सांद्रता (C) = 0.00241 M = 2.41 × 10-3 mol/L
  • विशिष्ट चालकता (κ) = 7.896 × 10-5 S cm-1
  • सीमांत मोलर चालकता (Λm0) = 390.5 S cm2 mol-1

1. मोलर चालकता की गणना (Molar Conductivity, Λm):

Λm = (κ × 1000) / C = (7.896 × 10-5 × 1000) / 0.00241 = 0.07896 / 0.00241 = 32.76 S cm2 mol-1

2. वियोजन की मात्रा (Degree of Dissociation, α):

α = Λm / Λm0 = 32.76 / 390.5 = 0.0839 (या 8.39%)

3. वियोजन स्थिरांक की गणना (Dissociation Constant, Ka):

Ka = (C × α2) / (1 – α) = [ 0.00241 × (0.0839)2 ] / (1 – 0.0839)

Ka = [ 0.00241 × 0.00704 ] / 0.9161 = (1.696 × 10-5) / 0.9161 = 1.85 × 10-5 mol/L

अतः एसिटिक अम्ल का वियोजन स्थिरांक 1.85 × 10-5 mol/L है।

प्र. 5 (ग) आणविक आकृति के आधार पर प्रोटीन के दो वर्गों के नाम बताइए तथा उनका संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

उत्तर: आणविक आकृति के आधार पर प्रोटीनों को दो प्रमुख वर्गों में विभाजित किया जाता है:

1. रेषेदार प्रोटीन (Fibrous Proteins):

  • जब पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाएँ एक-दूसरे के समांतर (Parallel) चलती हैं तथा हाइड्रोजन एवं डाइसल्फाइड बंधों द्वारा जुड़ी रहती हैं, तो रेषे जैसी संरचना बनती है।
  • ये सामान्यतः जल में अविलेय (Insoluble in water) होते हैं।
  • उदाहरण: केरेटिन (Keratin – बाल, ऊन, त्वचा में) तथा मायोसिन (Myosin – मांसपेशियों में)।

2. गोलिकाकार प्रोटीन (Globular Proteins):

  • जब पॉलीपेप्टाइड श्रृंखलाएँ मुड़कर/लपेटकर एक गोलिका (Spherical) जैसी आकृति धारण कर लेती हैं।
  • ये सामान्यतः जल में विलेय (Soluble in water) होते हैं।
  • उदाहरण: इंसुलिन (Insulin) तथा ऐल्बूमिन (Albumin – अंडे में)।
प्र. 5 (घ) निम्नलिखित आलेख (Graphs) की सैद्धांतिक व्याख्या एवं समीकरण रूप लिखिए।

(i) शून्य कोटि अभिक्रिया (Zero Order Reaction – [R] vs t):

समीकरण [R] = -k t + [R]₀ के अनुसार, सांद्रता [R] तथा समय t के बीच आलेख एक ऋणात्मक ढाल (-k) वाली सीधी रेखा (Straight line) होता है जिसका अंतःखंड [R]₀ है।

(ii) प्रथम कोटि अभिक्रिया (First Order Reaction – log([R]₀/[R]) vs t):

समीकरण log([R]₀/[R]) = (k / 2.303) × t के अनुसार, यह मूल बिंदु से होकर जाने वाली सीधी रेखा है जिसकी ढाल k / 2.303 होती है।

(iii) आरहेनियस समीकरण (Arrhenius Plot – ln k vs 1/T):

समीकरण ln k = ln A – (Ea / R) × (1/T) के अनुसार, ln k तथा 1/T के मध्य आलेख एक सीधी रेखा है जिसकी ढाल -Ea / R तथा अंतःखंड ln A होता है।

(iv) प्रथम कोटि अभिक्रिया (ln [R] vs t):

समीकरण ln [R] = -k t + ln [R]₀ के अनुसार, ln [R] तथा t के मध्य ग्राफ ऋणात्मक ढाल (-k) वाली सीधी रेखा होता है।

खण्ड ‘य’ (Section E) – दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5-अंक)

प्र. 6 (क) [मुख्य] निम्नलिखित के कारण बताइए: (i) एथिलऐमीन जल में विलेय है जबकि एनीलीन नहीं, (ii) ऐरोमैटिक ऐमीनों के डाइऐज़ोनियम लवण ऐलिफैटिक ऐमीनों से प्राप्त लवणों से अधिक स्थायी होते हैं, (iii) एनीलीन फ्रीडेल-क्राफ्ट्स अभिक्रिया प्रदर्शित नहीं करती।

(i) एथिलऐमीन का जल में विलेय होना तथा एनीलीन का अविलेय होना:

एथिलऐमीन (C2H5NH2) जल के अणुओं के साथ अंतर-आणविक हाइड्रोजन बंध (Hydrogen Bonding) आसानी से बना लेती है। इसके विपरीत, एनीलीन (C6H5NH2) में एक बड़ा हाइड्रोफोबिक (जल-विरोधी) ऐरिल/बेंजीन समूह (C6H5-) उपस्थित होता है, जो H-बंध बनने में बाधा उत्पन्न करता है। अतः एनीलीन जल में लगभग अविलेय है।

(ii) ऐरोमैटिक डाइऐज़ोनियम लवणों का उच्च स्थायित्व:

ऐरोमैटिक डाइऐज़ोनियम आयन (C6H5-N2+) में बेंजीन वलय के π-इलेक्ट्रॉनों का डाइऐज़ोनियम समूह के साथ अनुनाद (Resonance) होता है। यह अनुनादी संरचना आयन को स्थायित्व प्रदान करती है, जबकि ऐलिफैटिक डाइऐज़ोनियम लवणों में अनुनाद न होने के कारण वे तुरंत N2 गैस निकालकर ऐल्कोहॉल में अपघटित हो जाते हैं।

(iii) एनीलीन का फ्रीडेल-क्राफ्ट्स अभिक्रिया न दर्शाना:

एनीलीन एक प्रबल लुईस क्षार है। फ्रीडेल-क्राफ्ट्स अभिक्रिया में प्रयुक्त उत्प्रेरक ऐलुमिनियम क्लोराइड (AlCl3) एक प्रबल लुईस अम्ल है। एनीलीन AlCl3 के साथ अभिक्रिया करके तुरंत एक संकुल लवण (Adduct/Salt) बना लेती है:

C6H5-NH2 + AlCl3 ⟶ [C6H5-NH2+—AlCl3–]

इस संकुल के बनने से N-परमाणु पर धनावेश आ जाता है, जिससे बेंजीन वलय अत्यधिक निष्क्रिय (Deactivated) हो जाती है और अभिक्रिया आगे नहीं बढ़ती।

प्र. 6 (क) [अथवा] निम्नलिखित परिवर्तन कीजिए: (i) एथेनोइक अम्ल को मेथेनेमीन में, (ii) नाइट्रोमेथेन को डाइमेथिलऐमीन में, (iii) मेथेनेमीन को एथेनेमीन में, (iv) हेक्सेननाइट्राइल को 1-ऐमिनोपेंटेन में, (v) एथेनेमीन को मेथेनेमीन में।

(i) एथेनोइक अम्ल से मेथेनेमीन:

CH3COOH + NH3 ⎯⎯(Δ)⎯⎯> CH3CONH2 ⎯⎯(Br2 / KOH)⎯⎯> CH3NH2

(ii) नाइट्रोमेथेन से डाइमेथिलऐमीन:

CH3NO2 ⎯⎯(Fe / HCl)⎯⎯> CH3NH2 ⎯⎯(CHCl3 / KOH)⎯⎯> CH3NC ⎯⎯(Na / C2H5OH)⎯⎯> CH3-NH-CH3

(iii) मेथेनेमीन से एथेनेमीन:

CH3NH2 ⎯⎯(HNO2)⎯⎯> CH3OH ⎯⎯(PCl5)⎯⎯> CH3Cl ⎯⎯(KCN)⎯⎯> CH3CN ⎯⎯(Na / C2H5OH)⎯⎯> CH3CH2NH2

(iv) हेक्सेननाइट्राइल से 1-ऐमिनोपेंटेन:

CH3(CH2)4CN ⎯⎯(H3O+)⎯⎯> CH3(CH2)4COOH ⎯⎯(SOCl2 / NH3)⎯⎯> CH3(CH2)4CONH2 ⎯⎯(Br2 / KOH)⎯⎯> CH3(CH2)4NH2

(v) एथेनेमीन से मेथेनेमीन:

CH3CH2NH2 ⎯⎯(HNO2)⎯⎯> CH3CH2OH ⎯⎯(K2Cr2O7/H+)⎯⎯> CH3COOH ⎯⎯(SOCl2/NH3)⎯⎯> CH3CONH2 ⎯⎯(Br2/KOH)⎯⎯> CH3NH2
प्र. 6 (ख) [मुख्य] निम्नलिखित अभिक्रियाओं को संपन्न कीजिए: (i) प्रोपीन से प्रोपेन-2-ऑल, (ii) बेन्जिल क्लोराइड से बेन्जिल ऐल्कोहॉल, (iii) एथिल मैग्नीशियम क्लोराइड से प्रोपेन-1-ऑल, (iv) एनिसोल से p-ब्रोमोएनिसोल, (v) फीनॉल से बेन्जीन।

(i) प्रोपीन से प्रोपेन-2-ऑल (अम्ल-प्रेरित जल-योजन – मार्कोनीकॉफ नियम):

CH3-CH=CH2 + H2O ⎯⎯(तनु H2SO4 / H+)⎯⎯> CH3-CH(OH)-CH3

(ii) बेन्जिल क्लोराइड से बेन्जिल ऐल्कोहॉल (नाभिकरागी प्रतिस्थापन):

C6H5-CH2Cl + जलीय KOH ⎯⎯(Δ)⎯⎯> C6H5-CH2OH + KCl

(iii) एथिल मैग्नीशियम क्लोराइड से प्रोपेन-1-ऑल (ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक + फॉर्मेल्डिहाइड):

HCHO + C2H5MgCl ⎯⎯(शुष्क ईथर)⎯⎯> C2H5-CH2-OMgCl ⎯⎯(H3O+)⎯⎯> C2H5-CH2-OH + Mg(OH)Cl

(iv) एनिसोल से p-ब्रोमोएनिसोल (इलेक्ट्रॉनरागी ऐरोमैटिक ब्रोमीनीकरण):

C6H5-OCH3 + Br2 ⎯⎯(एथेनोइक अम्ल)⎯⎯> p-Br-C6H4-OCH3 (मुख्य उत्पाद) + HBr

(v) फीनॉल से बेन्जीन (जिंक रज के साथ अपचयन):

C6H5OH + Zn (चूर्ण) ⎯⎯(आसवन/गर्म)⎯⎯> C6H6 (बेन्जीन) + ZnO
प्र. 6 (ख) [अथवा] निम्नलिखित को उदाहरण सहित समझाइए: (i) कोल्बे अभिक्रिया, (ii) राइमर-टीमन अभिक्रिया, (iii) विलियम्सन ईथर संश्लेषण।

(i) कोल्बे अभिक्रिया (Kolbe’s Reaction):

सोडियम फीनॉक्साइड को CO2 के साथ 400 K ताप एवं 4-7 atm दाब पर गर्म करने के बाद अम्ल द्वारा जलअपघटित करने पर 2-हाइड्रॉक्सीबेन्जोइक अम्ल (सेलिसिलिक अम्ल) प्राप्त होता है।

C6H5ONa + CO2 ⎯⎯(400 K, 4-7 atm)⎯⎯> C6H4(OH)COONa ⎯⎯(H+)⎯⎯> C6H4(OH)COOH (सेलिसिलिक अम्ल)

(ii) राइमर-टीमन अभिक्रिया (Reimer-Tiemann Reaction):

फीनॉल की अभिक्रिया क्लोरोफॉर्म (CHCl3) तथा जलीय NaOH/KOH के साथ 340 K पर कराने के पश्चात् अम्लीकरण करने पर ऑर्थो-फॉर्मिल फीनॉल (सेलिसिलैल्डिहाइड) मुख्य उत्पाद के रूप में बनता है।

C6H5OH + CHCl3 + 3 NaOH ⎯⎯(340 K)⎯⎯> C6H4(OH)CHO (सेलिसिलैल्डिहाइड) + 3 NaCl + 2 H2O

(iii) विलियम्सन ईथर संश्लेषण (Williamson Ether Synthesis):

ऐल्किल हैलाइड की अभिक्रिया सोडियम ऐल्कोक्साइड या सोडियम फीनॉक्साइड के साथ कराने पर SN2 क्रियाविधि द्वारा ईथर बनता है।

R-X + R’-ONa ⎯⎯(Δ)⎯⎯> R-O-R’ (ईथर) + NaX
उदाहरण: CH3I + C2H5ONa ⟶ C2H5-O-CH3 (मेथॉक्सीएथेन) + NaI
प्र. 7 (क) [मुख्य] अनुच्छेद आधारित प्रश्न: (i) कार्बोक्सिलिक अम्लों के क्वथनांक समतुल्य अणुभार वाले एल्डिहाइडों/कीटोनों से उच्च क्यों होते हैं? (ii) यह धातुओं से क्रिया कर कौन-सी गैस बनाते हैं? (iii) यह ऐल्कोहॉल से प्रबल अम्ल क्यों हैं? (iv) सोडा लाइम अभिक्रिया लिखिए, (v) α-हाइड्रोजन युक्त अम्ल की रेड फॉस्फोरस व हेलोजन से अभिक्रिया का नाम बताइए।

(i) उच्च क्वथनांक का कारण:

कार्बोक्सिलिक अम्ल के अणुओं में दो अंतर-आणविक हाइड्रोजन बंध बनने के कारण ये वाष्प अवस्था तथा अध्रुवीय विलायकों में भी द्वितय (Dimer) संरचना में रहते हैं। यह मजबूत H-बंध एल्डिहाइड एवं कीटोन में अनुपस्थित होता है।

(ii) धातुओं से अभिक्रिया:

कार्बोक्सिलिक अम्ल विद्युतधनी धातुओं (Na, K, Mg) के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस (H2 Gas) मुक्त करते हैं।

(iii) ऐल्कोहॉलों की तुलना में प्रबल अम्लीयता:

प्रोटॉन (H+) त्यागने के पश्चात् बना कार्बोक्सिलेट आयन (R-COO–) दो समतुल्य अनुनादी संरचनाओं द्वारा अत्यधिक स्थायी होता है। इसके विपरीत, ऐल्कोहॉल से बना ऐल्कोक्साइड आयन (R-O–) अनुनाद द्वारा स्थायी नहीं हो पाता।

(iv) सोडा लाइम द्वारा विबोक्सिलीकरण (Decarboxylation):

R-COONa + NaOH ⎯⎯(CaO / Δ)⎯⎯> R-H (ऐल्केन) + Na2CO3

(v) α-हाइड्रोजन युक्त अभिक्रिया का नाम:

हेल-वोलहार्ड-ज़ेलिंस्की अभिक्रिया (Hell-Volhard-Zelinsky / HVZ Reaction)
प्र. 7 (क) [अथवा] (i) C5H10 (A) ओज़ोनी-अपघटन से B और C देता है। ‘B’ फेहलिंग तथा आयोडोफॉर्म दोनों परीक्षण देता है। ‘C’ फेहलिंग नहीं देता लेकिन आयोडोफॉर्म देता है। A, B, C पहचानिए। (ii) A से D पहचानिए: CH3COOH ⎯(PCl5)→ A ⎯(H2/Pd-BaSO4)→ B ⎯(CH3MgBr/H3O+)→ C, एवं B ⎯(LiAlH4)→ D।

(i) यौगिक A, B, C की पहचान:

  • यौगिक B: फेहलिंग परीक्षण देता है ⟶ एल्डिहाइड है। आयोडोफॉर्म परीक्षण देता है ⟶ CH3CHO (एथेनैल) है।
  • यौगिक C: फेहलिंग नहीं देता, पर आयोडोफॉर्म देता है ⟶ CH3COCH3 (प्रोपेनोन / एसीटोन) है।
  • यौगिक A (एल्कीन): CH3CHO + O=C(CH3)2 से निर्मित एल्कीन = CH3-CH=C(CH3)2 (2-मेथिलब्यूट-2-ईन, C5H10)।
A = 2-मेथिलब्यूट-2-ईन [CH3-CH=C(CH3)2]
B = एथेनैल [CH3CHO]
C = प्रोपेनोन [CH3COCH3]

(ii) A से D तक पहचान:

CH3COOH + PCl5 ⟶ CH3COCl [A = एसेटिल क्लोराइड]
CH3COCl + H2 ⎯⎯(Pd-BaSO4)⎯⎯> CH3CHO [B = एथेनैल / एसेटैल्डिहाइड]
CH3CHO + CH3MgBr ⎯⎯(H3O+)⎯⎯> CH3-CH(OH)-CH3 [C = प्रोपेन-2-ऑल]
CH3CHO + LiAlH4 ⟶ CH3CH2OH [D = एथेनॉल]
प्र. 7 (ख) [मुख्य] क्या होता है जब: (i) n-ब्यूटिल क्लोराइड को ऐल्कोहॉलीय KOH के साथ अभिकृत किया जाता है? (ii) शुष्क ईथर में ब्रोमोबेन्जीन की अभिक्रिया Mg से होती है? (iii) एथिल क्लोराइड की अभिक्रिया जलीय KOH से होती है? (iv) मेथिल क्लोराइड की अभिक्रिया KCN से होती है? (v) शुष्क ईथर में मेथिल ब्रोमाइड की अभिक्रिया Na से होती है?

(i) n-ब्यूटिल क्लोराइड + ऐल्कोहॉलीय KOH (विहाइड्रोहैलोजनीकरण – E2):

CH3CH2CH2CH2Cl + alc. KOH ⎯⎯(Δ)⎯⎯> CH3CH2CH=CH2 (ब्यूट-1-ईन) + KCl + H2O

(ii) ब्रोमोबेन्जीन + Mg (ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक का निर्माण):

C6H5Br + Mg ⎯⎯(शुष्क ईथर)⎯⎯> C6H5MgBr (फेनिलमैग्नीशियम ब्रोमाइड)

(iii) एथिल क्लोराइड + जलीय KOH (नाभिकरागी प्रतिस्थापन):

CH3CH2Cl + aq. KOH ⎯⎯(Δ)⎯⎯> CH3CH2OH (एथेनॉल) + KCl

(iv) मेथिल क्लोराइड + KCN (सायनाइड निर्माण):

CH3Cl + KCN ⎯⎯(जलीय एथेनॉल)⎯⎯> CH3CN (एथेननाइट्राइल / मेथिल सायनाइड) + KCl

(v) मेथिल ब्रोमाइड + सोडियम (वुर्ट्ज़ अभिक्रिया):

2 CH3Br + 2 Na ⎯⎯(शुष्क ईथर)⎯⎯> CH3-CH3 (एथेन) + 2 NaBr
प्र. 7 (ख) [अथवा] निम्नलिखित प्रत्येक अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए: (i) CH3CH2CH2Cl + NaI (ऐसीटोन / ऊष्मा), (ii) CH3CH2Br + KCN (जलीय एथेनॉल), (iii) CH3CH2CH2OH + SOCl2, (iv) CH3CH2CH=CH2 + HBr (परॉक्साइड), (v) CH3CH=C(CH3)2 + HBr।

(i) फ़िंकेलस्टाइन अभिक्रिया (Finkelstein Reaction):

CH3CH2CH2Cl + NaI ⎯⎯(ऐसीटोन / Δ)⎯⎯> CH3CH2CH2I (1-आयोडोप्रोपेन) + NaCl↓

(ii) सायनाइड प्रतिस्थापन:

CH3CH2Br + KCN ⎯⎯(जलीय एथेनॉल)⎯⎯> CH3CH2CN (प्रोपेननाइट्राइल) + KBr

(iii) डार्जन अभिक्रिया (Darzen Process):

CH3CH2CH2OH + SOCl2 ⟶ CH3CH2CH2Cl (1-क्लोरोप्रोपेन) + SO2↑ + HCl↑

(iv) खराश प्रभाव / एन्टी-मार्कोनीकॉफ नियम (Peroxide Effect):

CH3CH2CH=CH2 + HBr ⎯⎯(परॉक्साइड)⎯⎯> CH3CH2CH2CH2Br (1-ब्रोमोब्यूटेन)

(v) मार्कोनीकॉफ नियम (Markownikoff’s Addition):

CH3CH=C(CH3)2 + HBr ⟶ CH3-CH2-C(Br)(CH3)2 (2-ब्रोमो-2-मेथिलब्यूटेन)