कक्षा 10 विज्ञान नोट्स: Class 10 Scienc Notes in Hindi

Brijesh K YadavBrijesh K Yadav|Updated: 20 Oct, 2026

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 1 ‘रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण’ के सम्पूर्ण पुनरीक्षण नोट्स, संतुलित रासायनिक समीकरण, NCERT अभ्यास प्रश्न और बोर्ड परीक्षा उपयोगी सम्पूर्ण हल सरल हिंदी में।

भाग 1: सम्पूर्ण पुनरीक्षण नोट्स (Complete Revision Notes)

1.1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं उनके लक्षण (Chemical Reactions & Characteristics)

परिभाषा एवं अवधारणा (Definition)

जब कोई रासायनिक परिवर्तन घटित होता है, तो उसे रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction) कहा जाता है। इस प्रक्रिया में मूल अथवा प्रारंभिक पदार्थ की रासायनिक प्रकृति तथा पहचान पूर्णतः बदल जाती है और सर्वथा नए भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्मों वाले नए पदार्थों की उत्पत्ति होती है।

दैनिक जीवन में रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रमुख उदाहरण:

  • गर्मियों के दिनों में कमरे के सामान्य तापमान पर दूध का खट्टा होना या फट जाना।
  • लोहे के तवे, कील अथवा तसले को नम वायुमंडल (आर्द्रता) में खुला छोड़ देने पर उन पर जंग लगना।
  • अंगूर के रस का किण्वन (Fermentation) होना।
  • रसोई में भोजन का पकाया जाना तथा जीवधारियों के शरीर में पाचन तंत्र द्वारा भोजन का पचना।
  • श्वसन (Respiration) की प्रक्रिया, जिसमें कोशिकाओं में ग्लूकोज का विखंडन होता है।

रासायनिक अभिक्रिया के प्रमुख प्रेक्षण (Characteristics)

किसी भी प्रक्रिया में रासायनिक अभिक्रिया घटित हुई है या नहीं, इसका निर्धारण निम्नलिखित चार भौतिक व रासायनिक प्रेक्षणों के आधार पर किया जाता है:

Table of Contents

  1. अवस्था में परिवर्तन (Change in State): पदार्थों की भौतिक अवस्था (ठोस, द्रव, गैस) का बदलना।
  2. रंग में परिवर्तन (Change in Colour): अभिकारकों और उत्पादों के रंग में अंतर आना।
  3. गैस का उत्सर्जन (Evolution of Gas): रासायनिक प्रक्रिया के दौरान किसी नई गैस का निष्कासन।
  4. तापमान में परिवर्तन (Change in Temperature): तंत्र द्वारा ऊष्मा का उत्सर्जन अथवा अवशोषण।

महत्वपूर्ण क्रियाकलाप (NCERT Laboratory Activities)

  • क्रियाकलाप 1.1: मैग्नीशियम रिबन का दहन (Combustion of Magnesium Ribbon)लगभग 3-4 cm लंबे मैग्नीशियम रिबन को बर्नर की लौ में जलाने से पूर्व रेगमाल (sandpaper) से भली-भांति रगड़कर साफ़ किया जाता है। इसका कारण यह है कि सामान्य वायुमंडल में मैग्नीशियम की सतह पर एक सुरक्षात्मक मैग्नीशियम ऑक्साइड ($\text{MgO}$) की पतली परत जम जाती है, जिसे हटाना आवश्यक होता है। जब साफ़ किए गए रिबन को चिमटे से पकड़कर बर्नर पर गर्म किया जाता है, तो यह अत्यंत चमकदार श्वेत (Dazzling White) लौ के साथ जलता है और एक श्वेत रंग का महीन चूर्ण बनाता है, जो मैग्नीशियम ऑक्साइड होता है:$$\text{2Mg(s)} + \text{O}_2\text{(g)} \rightarrow \text{2MgO(s)}$$
  • क्रियाकलाप 1.3: दानेदार जस्ते (जिंक) पर तनु अम्ल की क्रियाएक शंक्वाकार फ्लास्क में कुछ दानेदार जिंक ($\text{Zn}$) लेकर उसमें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल ($\text{H}_2\text{SO}_4$) मिलाया जाता है। अभिक्रिया प्रारंभ होते ही जस्ते के टुकड़ों के चारों ओर तीव्र बुदबुदाहट के साथ हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) के बुलबुले निकलते हैं। यदि फ्लास्क को बाहर से स्पर्श किया जाए, तो वह गर्म महसूस होता है, जो तापमान में वृद्धि (ऊष्माक्षेपी प्रकृति) को दर्शाता है:$$\text{Zn(s)} + \text{H}_2\text{SO}_4\text{(aq)} \rightarrow \text{ZnSO}_4\text{(aq)} + \text{H}_2\text{(g)}\uparrow$$

1.2 रासायनिक समीकरण एवं संतुलन (Chemical Equations & Balancing)

रासायनिक समीकरण (Chemical Equation)

किसी रासायनिक अभिक्रिया का प्रतीकों, रासायनिक सूत्रों और अवस्था संकेतों द्वारा संक्षिप्त व सटीक निरूपण रासायनिक समीकरण कहलाता है।

  • अभिकारक (Reactants): वे रासायनिक पदार्थ जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेते हैं अथवा जिनमें रासायनिक बदलाव होता है। इन्हें रासायनिक समीकरण में तीर के बाईं ओर (Left Hand Side – LHS) लिखा जाता है।
  • उत्पाद (Products): रासायनिक अभिक्रिया के फलस्वरूप निर्मित होने वाले नए गुणधर्मों वाले पदार्थ। इन्हें तीर के दाईं ओर (Right Hand Side – RHS) लिखा जाता है।
  • कंकाली (ढांचा) समीकरण (Skeletal Equation): यदि तीर के दोनों ओर (LHS तथा RHS) विभिन्न तत्वों के परमाणुओं की संख्या समान न हो, तो ऐसा समीकरण ढांचा या असंतुलित समीकरण कहलाता है।उदाहरण: $\text{Mg} + \text{O}_2 \rightarrow \text{MgO}$।

द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass)

भौतिकी एवं रसायन विज्ञान के मूलभूत नियमानुसार, किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन (निर्माण) किया जा सकता है और न ही विनाश (विघटन)।

इसका तात्पर्य यह है कि किसी रासायनिक अभिक्रिया में उत्पादों का कुल द्रव्यमान अभिकारकों के कुल द्रव्यमान के सदैव बराबर होना चाहिए। अतः अभिक्रिया के पहले और उसके पश्चात प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की कुल संख्या समान रहनी चाहिए, इसी कारणवश रासायनिक समीकरणों को संतुलित करना अनिवार्य होता है।

हिट एंड ट्रायल विधि द्वारा समीकरण संतुलन (Step-by-step Balancing)

अभिक्रिया का उदाहरण: $\text{Fe} + \text{H}_2\text{O} \rightarrow \text{Fe}_3\text{O}_4 + \text{H}_2$

  • चरण 1: रासायनिक सूत्रों के चारों ओर बॉक्स बनानासंतुलन करते समय रासायनिक सूत्रों के मूल संघटन में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता, इसलिए प्रत्येक सूत्र के चारों ओर बॉक्स बना लें:$$[\text{Fe}] + [\text{H}_2\text{O}] \rightarrow [\text{Fe}_3\text{O}_4] + [\text{H}_2]$$
  • चरण 2: तत्वों के परमाणुओं की संख्या की सूची तैयार करना
    • लोहा ($\text{Fe}$): LHS = $1$, RHS = $3$
    • हाइड्रोजन ($\text{H}$): LHS = $2$, RHS = $2$
    • ऑक्सीजन ($\text{O}$): LHS = $1$, RHS = $4$
  • चरण 3: सर्वाधिक परमाणु वाले तत्व (ऑक्सीजन) को संतुलित करनाLHS में $\text{O}$ का केवल $1$ परमाणु है, जबकि RHS में $4$ हैं। अतः LHS में $\text{H}_2\text{O}$ के आगे गुणांक $4$ लगाते हैं:$$\text{Fe} + 4\text{H}_2\text{O} \rightarrow \text{Fe}_3\text{O}_4 + \text{H}_2$$
  • चरण 4: हाइड्रोजन ($\text{H}$) परमाणुओं का संतुलनअब LHS में $4 \times 2 = 8$ हाइड्रोजन परमाणु हो गए हैं, जबकि RHS में केवल $2$ हैं। RHS के $\text{H}_2$ को $4$ से गुणा करते हैं:$$\text{Fe} + 4\text{H}_2\text{O} \rightarrow \text{Fe}_3\text{O}_4 + 4\text{H}_2$$
  • चरण 5: आयरन ($\text{Fe}$) परमाणुओं का संतुलनRHS में लोहे के $3$ परमाणु उपस्थित हैं। अतः LHS में $\text{Fe}$ के आगे गुणांक $3$ जोड़ते हैं:$$3\text{Fe} + 4\text{H}_2\text{O} \rightarrow \text{Fe}_3\text{O}_4 + 4\text{H}_2$$
  • चरण 6: भौतिक अवस्थाओं के संकेत जोड़नासमीकरण को अधिक सूचनाप्रद बनाने के लिए पदार्थों की भौतिक अवस्थाओं ठोस (s), द्रव (l), गैस (g) तथा जलीय विलयन (aq) को दर्शाया जाता है:$$3\text{Fe(s)} + 4\text{H}_2\text{O(g)} \rightarrow \text{Fe}_3\text{O}_4\text{(s)} + 4\text{H}_2\text{(g)}$$(नोट: यहाँ $\text{H}_2\text{O(g)}$ का प्रयोग यह स्पष्ट करता है कि अभिक्रिया में जल द्रव रूप में नहीं, बल्कि भाप (Steam) के रूप में प्रयुक्त हुआ है।)

1.3 रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार (Types of Chemical Reactions)

1. संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction)

ऐसी रासायनिक अभिक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक अभिकारक परस्पर संयोग करके एकल उत्पाद (Single Product) का निर्माण करते हैं, संयोजन अभिक्रिया कहलाती है।

  • बिना बुझा चूना तथा जल की क्रिया:$$\text{CaO(s)} + \text{H}_2\text{O(l)} \rightarrow \text{Ca(OH)}_2\text{(aq)} + \text{ऊष्मा}$$यहाँ कैल्सियम ऑक्साइड ($\text{CaO}$) जल से तीव्रता से क्रिया करके बुझा हुआ चूना [कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड – $\text{Ca(OH)}_2$] बनाता है।
  • कोयले (कार्बन) का दहन:$$\text{C(s)} + \text{O}_2\text{(g)} \rightarrow \text{CO}_2\text{(g)}$$
  • जल का संश्लेषण:$$2\text{H}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)} \rightarrow 2\text{H}_2\text{O(l)}$$

दीवारों पर सफेदी का रासायनिक विज्ञान:

दीवारों पर पुताई के लिए बुझे हुए चूने के विलयन [$\text{Ca(OH)}_2$] का उपयोग किया जाता है। पुताई के बाद यह वायुमंडल में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड गैस ($\text{CO}_2$) के साथ धीमी गति से क्रिया करता है। दो से तीन दिनों में दीवारों पर कैल्सियम कार्बोनेट ($\text{CaCO}_3$) की एक पतली, चमकदार और कड़ी परत बन जाती है, जिससे दीवारों में चमक आ जाती है। उल्लेखनीय है कि संगमरमर (Marble) का रासायनिक सूत्र भी $\text{CaCO}_3$ ही होता है।

$$\text{Ca(OH)}_2\text{(aq)} + \text{CO}_2\text{(g)} \rightarrow \text{CaCO}_3\text{(s)} + \text{H}_2\text{O(l)}$$

ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ (Exothermic Reactions)

जिन रासायनिक अभिक्रियाओं में उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ प्रचुर मात्रा में ऊष्मा (ऊर्जा) भी विमुक्त होती है, उन्हें ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएं कहते हैं।

  • प्राकृतिक गैस (मीथेन) का दहन:$$\text{CH}_4\text{(g)} + 2\text{O}_2\text{(g)} \rightarrow \text{CO}_2\text{(g)} + 2\text{H}_2\text{O(g)} + \text{ऊर्जा}$$
  • श्वसन (Respiration) प्रक्रिया:पाचन क्रिया के दौरान खाए गए खाद्य पदार्थ ग्लूकोज में टूटते हैं। यह ग्लूकोज हमारे शरीर की कोशिकाओं में उपस्थित ऑक्सीजन से मिलकर ऊर्जा मुक्त करता है:$$\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6\text{(aq)} + 6\text{O}_2\text{(aq)} \rightarrow 6\text{CO}_2\text{(aq)} + 6\text{H}_2\text{O(l)} + \text{ऊर्जा}$$
  • शाक-सब्जियों व वनस्पतियों का विघटित होकर कंपोस्ट खाद बनना भी ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया का एक आदर्श उदाहरण है।

2. वियोजन या अपघटन अभिक्रिया (Decomposition Reaction)

वह रासायनिक प्रक्रिया जिसमें एक एकल अभिकारक ऊष्मा, विद्युत अथवा प्रकाश ऊर्जा पाकर टूटता है और दो या दो से अधिक सरल उत्पादों का निर्माण करता है, वियोजन अभिक्रिया कहलाती है। यह अभिक्रिया संयोजन के सर्वथा विपरीत होती है।

ऊर्जा के स्रोत के आधार पर वियोजन तीन प्रकार का होता है:

(क) ऊष्मीय वियोजन (Thermal Decomposition)

जब किसी पदार्थ का अपघटन ऊष्मा (ताप) देने से होता है:

  • फेरस सल्फेट का तापन:$$2\text{FeSO}_4\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} \text{Fe}_2\text{O}_3\text{(s)} + \text{SO}_2\text{(g)} + \text{SO}_3\text{(g)}$$(हरे रंग के फेरस सल्फेट क्रिस्टल गर्म करने पर भूरे फेरिक ऑक्साइड में बदल जाते हैं तथा जलते हुए सल्फर जैसी विशिष्ट गंधयुक्त गैसें निकलती हैं।)
  • चूना पत्थर (कैल्सियम कार्बोनेट) का अपघटन:$$\text{CaCO}_3\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} \text{CaO(s)} + \text{CO}_2\text{(g)}$$
  • लेड नाइट्रेट का तापन:$$2\text{Pb(NO}_3)_2\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} 2\text{PbO(s)} + 4\text{NO}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)}$$(गर्म करने पर परखनली से भूरे रंग का नाइट्रोजन डाइऑक्साइड ($\text{NO}_2$) का धुआँ निकलता है।)
(ख) वैद्युत अपघटन (Electrolytic Decomposition / Electrolysis)

जब किसी यौगिक के द्रवित या जलीय रूप में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर उसका अपघटन होता है:

  • जल का वैद्युत अपघटन:$$2\text{H}_2\text{O(l)} \xrightarrow{\text{विद्युत धारा}} 2\text{H}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)}$$विद्युत अपघटन के दौरान कैथोड (ऋण ध्रुव) पर हाइड्रोजन गैस तथा एनोड (धन ध्रुव) पर ऑक्सीजन गैस एकत्रित होती है। जल के अणु में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का अनुपात $2:1$ होने के कारण कैथोड पर एकत्रित गैस की मात्रा एनोड की तुलना में ठीक दोगुनी होती है।
(ग) प्रकाश-रासायनिक वियोजन (Photolytic Decomposition)

जब अपघटन की प्रक्रिया सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा द्वारा संपन्न होती है:

  • सिल्वर क्लोराइड का अपघटन:$$2\text{AgCl(s)} \xrightarrow{\text{सूर्य का प्रकाश}} 2\text{Ag(s)} + \text{Cl}_2\text{(g)}$$(सूर्य के प्रकाश में खुला रखने पर श्वेत रंग का सिल्वर क्लोराइड धूसर/ग्रे रंग के धात्विक सिल्वर में परिवर्तित हो जाता है।)
  • सिल्वर ब्रोमाइड का अपघटन:$$2\text{AgBr(s)} \xrightarrow{\text{सूर्य का प्रकाश}} 2\text{Ag(s)} + \text{Br}_2\text{(g)}$$महत्वपूर्ण अनुप्रयोग: इस प्रकाश-रासायनिक अभिक्रिया का उपयोग पारंपरिक श्याम-श्वेत (Black & White) फोटोग्राफी में किया जाता है।
ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ (Endothermic Reactions)

जिन रासायनिक अभिक्रियाओं में अभिकारकों के रासायनिक बंधों को तोड़ने के लिए ऊर्जा (ऊष्मा, प्रकाश अथवा विद्युत के रूप में) का अवशोषण होता है, उन्हें ऊष्माशोषी अभिक्रियाएं कहते हैं। सभी वियोजन अभिक्रियाएं सामान्यतः ऊष्माशोषी प्रक्रम होती हैं।

3. विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)

ऐसी अभिक्रिया जिसमें अधिक अभिक्रियाशील तत्व किसी कम अभिक्रियाशील तत्व को उसके जलीय लवण विलयन में से विस्थापित (हटा) देता है, विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।

  • लोहे की कील और कॉपर सल्फेट की अभिक्रिया:$$\text{Fe(s)} + \text{CuSO}_4\text{(aq)} \rightarrow \text{FeSO}_4\text{(aq)} + \text{Cu(s)}$$जब कॉपर सल्फेट के गहरे नीले विलयन में लोहे की कील डाली जाती है, तो लोहा कॉपर से अधिक सक्रिय होने के कारण उसे हटा देता है। विलयन का रंग नीले से बदलकर हल्का हरा (फेरस सल्फेट बनने के कारण) हो जाता है और कील पर लाल-भूरे रंग के तांबे की परत जम जाती है।
  • जिंक और कॉपर सल्फेट की अभिक्रिया:$$\text{Zn(s)} + \text{CuSO}_4\text{(aq)} \rightarrow \text{ZnSO}_4\text{(aq)} + \text{Cu(s)}$$
  • लेड और कॉपर क्लोराइड की अभिक्रिया:$$\text{Pb(s)} + \text{CuCl}_2\text{(aq)} \rightarrow \text{PbCl}_2\text{(aq)} + \text{Cu(s)}$$

4. द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction)

वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें अभिकारकों के बीच आयनों का परस्पर विनिमय (आदान-प्रदान) होता है, द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

  • अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction):द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में प्रायः एक ऐसा उत्पाद बनता है जो जल में अघुलनशील होता है। इस अघुलनशील ठोस पदार्थ को अवक्षेप (Precipitate) कहते हैं और ऐसी अभिक्रिया को अवक्षेपण अभिक्रिया कहा जाता है।$$\text{Na}_2\text{SO}_4\text{(aq)} + \text{BaCl}_2\text{(aq)} \rightarrow \text{BaSO}_4\text{(s)}\downarrow + 2\text{NaCl(aq)}$$(सोडियम सल्फेट तथा बेरियम क्लोराइड के जलीय विलयनों को मिलाने पर बेरियम सल्फेट [$\text{BaSO}_4$] का अविलेय श्वेत अवक्षेप प्राप्त होता है।)

5. उपचयन एवं अपचयन / रेडॉक्स अभिक्रिया (Oxidation, Reduction & Redox)

  • उपचयन (Oxidation):
    • किसी पदार्थ में ऑक्सीजन ($\text{O}$) का योग होना।
    • किसी पदार्थ से हाइड्रोजन ($\text{H}$) का ह्रास (निष्कासन) होना।उदाहरण: कॉपर के चूर्ण को गर्म करने पर ऑक्सीजन जुड़ने से काली परत बनती है:$$2\text{Cu} + \text{O}_2 \xrightarrow{\text{तापन}} 2\text{CuO}$$
  • अपचयन (Reduction):
    • किसी पदार्थ में ऑक्सीजन ($\text{O}$) का ह्रास होना।
    • किसी पदार्थ में हाइड्रोजन ($\text{H}$) का योग होना।उदाहरण: गर्म $\text{CuO}$ पर हाइड्रोजन गैस प्रवाहित करने पर कॉपर पुनः प्राप्त होता है:$$\text{CuO} + \text{H}_2 \xrightarrow{\text{तापन}} \text{Cu} + \text{H}_2\text{O}$$
  • रेडॉक्स अभिक्रिया (Redox Reaction):ऐसी रासायनिक अभिक्रिया जिसमें एक अभिकारक का उपचयन (ऑक्सीकरण) तथा दूसरे अभिकारक का अपचयन एक साथ घटित होता है, उपचयन-अपचयन अथवा रेडॉक्स अभिक्रिया कहलाती है।$$\text{CuO} + \text{H}_2 \rightarrow \text{Cu} + \text{H}_2\text{O}$$
    • यहाँ $\text{CuO}$ से ऑक्सीजन हट रही है $\rightarrow$ इसका अपचयन कॉपर ($\text{Cu}$) में हो रहा है।
    • $\text{H}_2$ में ऑक्सीजन का योग हो रहा है $\rightarrow$ इसका उपचयन जल ($\text{H}_2\text{O}$) में हो रहा है।

अन्य प्रमुख रेडॉक्स उदाहरण:

  1. $\text{ZnO} + \text{C} \rightarrow \text{Zn} + \text{CO}$($\text{ZnO}$ अपचयित होकर $\text{Zn}$ बनाता है तथा कार्बन $\text{C}$ उपचयित होकर $\text{CO}$ बनाता है।)
  2. $\text{MnO}_2 + 4\text{HCl} \rightarrow \text{MnCl}_2 + 2\text{H}_2\text{O} + \text{Cl}_2$($\text{MnO}_2$ का अपचयन $\text{MnCl}_2$ में तथा $\text{HCl}$ का उपचयन $\text{Cl}_2$ में होता है।)

1.4 दैनिक जीवन में उपचयन अभिक्रियाओं के प्रभाव (Effects of Oxidation)

1. संक्षारण (Corrosion)

जब कोई धातु अपने आस-पास के वायुमंडल की नमी (आर्द्रता), ऑक्सीजन, अम्लों या गैसों के संपर्क में आती है, तो उसकी ऊपरी सतह धीरे-धीरे उपचयित होकर क्षयग्रस्त होने लगती है। इस विनाशकारी प्रक्रम को संक्षारण कहा जाता है।

  • दैनिक जीवन में संक्षारण के उदाहरण:
    • लोहे पर लालिमायुक्त भूरे रंग की परत का जमना (जंग लगना – Rusting)।
    • खुली हवा में रखने पर चांदी के आभूषणों पर काली परत ($\text{Ag}_2\text{S}$) का चढ़ना।
    • नम वातावरण में तांबे के बर्तनों पर क्षारीय कॉपर कार्बोनेट की हरी परत का जमना।
  • संक्षारण से बचाव के उपाय: धातुओं की सतह पर पेंट करना, तेल अथवा ग्रीस लगाना, विद्युत लेपन (Electroplating) करना तथा यशदलेपन (Galvanisation)—अर्थात लोहे और इस्पात को जंग से सुरक्षित रखने के लिए उन पर जस्ते (जिंक) की बारीक परत चढ़ाना।

2. विकृतगंधिता (Rancidity)

वसायुक्त तथा तैलीय खाद्य पदार्थ जब लंबे समय तक वायु के संपर्क में रहते हैं, तो वायु की ऑक्सीजन द्वारा उनका उपचयन (ऑक्सीकरण) हो जाता है। इस प्रक्रिया के फलस्वरूप उनके स्वाद और गंध में अप्रिय बदलाव आ जाता है और वे खाने योग्य नहीं रहते; इसे विकृतगंधिता कहते हैं।

  • विकृतगंधिता से बचाव के प्रमुख तरीके:
    • प्रति-ऑक्सीकारक (Antioxidants) मिलाना: जो ऑक्सीकरण की दर को अत्यंत धीमा कर देते हैं।
    • अक्रिय गैस का उपयोग: आलू के चिप्स और नमकीन की थैलियों में से ऑक्सीजन निकालकर नाइट्रोजन ($\text{N}_2$) जैसी कम सक्रिय गैस भरी जाती है, जिससे चिप्स का उपचयन नहीं होता।
    • वायुरोधी डिब्बों का प्रयोग: खाद्य सामग्री को एयर-टाइट कंटेनरों में रखने से उपचयन की गति धीमी हो जाती है।
    • रेफ्रिजरेटर में कम तापमान पर खाद्य पदार्थों का भंडारण करना।

रासायनिक अभिक्रियाओं की तुलनात्मक सारांश सारणी

अभिक्रिया का प्रकारमुख्य पहचान / वैज्ञानिक लक्षणमानक रासायनिक समीकरण
संयोजन (Combination)दो या अधिक अभिकारक मिलकर एकल उत्पाद बनाते हैं।$\text{CaO} + \text{H}_2\text{O} \rightarrow \text{Ca(OH)}_2$
वियोजन (Decomposition)एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक सरल उत्पाद देता है।$\text{CaCO}_3 \xrightarrow{\Delta} \text{CaO} + \text{CO}_2$
विस्थापन (Displacement)अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व को अलग करता है।$\text{Fe} + \text{CuSO}_4 \rightarrow \text{FeSO}_4 + \text{Cu}$
द्विविस्थापन (Double Displacement)अभिकारकों के बीच आयनों की परस्पर अदला-बदली होती है।$\text{Na}_2\text{SO}_4 + \text{BaCl}_2 \rightarrow \text{BaSO}_4\downarrow + 2\text{NaCl}$
रेडॉक्स (Redox)एक अभिकारक का उपचयन तथा दूसरे का अपचयन साथ-साथ होता है।$\text{CuO} + \text{H}_2 \xrightarrow{\Delta} \text{Cu} + \text{H}_2\text{O}$

भाग 2: पाठ्यनिहित एवं अभ्यास प्रश्नों के सम्पूर्ण हल (NCERT Solutions)

2.1 NCERT पाठ्यनिहित प्रश्नों के उत्तर (In-Text Questions & Answers)

प्रश्नावली – पृष्ठ संख्या 6

प्रश्न 1: वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ़ क्यों किया जाता है?

उत्तर: मैग्नीशियम एक अत्यधिक क्रियाशील धातु है। जब यह सामान्य वायु के संपर्क में रहती है, तो वायुमंडलीय ऑक्सीजन से धीमी क्रिया करके अपने ऊपर एक पतली एवं स्थिर मैग्नीशियम ऑक्साइड ($\text{MgO}$) की सुरक्षात्मक परत बना लेती है। यह ऑक्साइड परत मैग्नीशियम को ऑक्सीजन के प्रत्यक्ष संपर्क में आने से रोकती है, जिससे रिबन का जलना कठिन हो जाता है। अतः इसे जलाने से पूर्व रेगमाल से रगड़कर साफ किया जाता है ताकि यह परत हट सके और मैग्नीशियम सुगमतापूर्वक जल सके।

प्रश्न 2: निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए:

  1. हाइड्रोजन + क्लोरीन $\rightarrow$ हाइड्रोजन क्लोराइड$$\text{H}_2\text{(g)} + \text{Cl}_2\text{(g)} \rightarrow 2\text{HCl(g)}$$
  2. बेरियम क्लोराइड + एल्युमिनियम सल्फेट $\rightarrow$ बेरियम सल्फेट + एल्युमिनियम क्लोराइड$$3\text{BaCl}_2\text{(aq)} + \text{Al}_2(\text{SO}_4)_3\text{(aq)} \rightarrow 3\text{BaSO}_4\text{(s)}\downarrow + 2\text{AlCl}_3\text{(aq)}$$
  3. सोडियम + जल $\rightarrow$ सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन$$2\text{Na(s)} + 2\text{H}_2\text{O(l)} \rightarrow 2\text{NaOH(aq)} + \text{H}_2\text{(g)}\uparrow$$

प्रश्न 3: निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए उनकी अवस्था के संकेतों के साथ संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए:

  1. जल में बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फेट के विलयन परस्पर अभिक्रिया करके अविलेय बेरियम सल्फेट का अवक्षेप तथा सोडियम क्लोराइड का विलयन बनाते हैं:$$\text{BaCl}_2\text{(aq)} + \text{Na}_2\text{SO}_4\text{(aq)} \rightarrow \text{BaSO}_4\text{(s)}\downarrow + 2\text{NaCl(aq)}$$
  2. सोडियम हाइड्रॉक्साइड का जलीय विलयन हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के जलीय विलयन से क्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा जल बनाते हैं:$$\text{NaOH(aq)} + \text{HCl(aq)} \rightarrow \text{NaCl(aq)} + \text{H}_2\text{O(l)}$$

प्रश्नावली – पृष्ठ संख्या 11

प्रश्न 1: किसी पदार्थ ‘X’ के विलयन का उपयोग सफेदी करने के लिए होता है:

  1. पदार्थ ‘X’ का नाम तथा इसका सूत्र लिखिए।उत्तर: पदार्थ ‘X’ का रासायनिक नाम कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना – Quicklime) है। इसका रासायनिक सूत्र $\text{CaO}$ है।
  2. पदार्थ ‘X’ की जल के साथ अभिक्रिया लिखिए।उत्तर: कैल्सियम ऑक्साइड जल के साथ तीव्रता से क्रिया करके बुझा हुआ चूना [कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड – $\text{Ca(OH)}_2$] बनाता है तथा अत्यधिक मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करता है:$$\text{CaO(s)} + \text{H}_2\text{O(l)} \rightarrow \text{Ca(OH)}_2\text{(aq)} + \text{ऊष्मा}$$

प्रश्न 2: क्रियाकलाप 1.7 (जल का वैद्युत अपघटन) में एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी क्यों होती है? उस गैस का नाम लिखिए।

उत्तर: जल का रासायनिक सूत्र $\text{H}_2\text{O}$ होता है, जिसका अर्थ है कि जल के निर्माण में हाइड्रोजन के दो परमाणु और ऑक्सीजन का एक परमाणु परस्पर संयुक्त होते हैं ($2:1$ का स्थिर परमाण्विक अनुपात)।

जब जल में अम्लीकृत विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो इसका वैद्युत अपघटन होता है:

$$2\text{H}_2\text{O(l)} \xrightarrow{\text{विद्युत}} 2\text{H}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)}$$

समीकरण के अनुसार, जल के $2$ अणु विघटित होकर हाइड्रोजन गैस के $2$ आयतन तथा ऑक्सीजन गैस का केवल $1$ आयतन उत्पन्न करते हैं। यही कारण है कि कैथोड पर एकत्रित होने वाली हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) का आयतन एनोड पर एकत्रित होने वाली ऑक्सीजन गैस की तुलना में ठीक दोगुना होता है।

प्रश्नावली – पृष्ठ संख्या 15

प्रश्न 1: जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है, तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?

उत्तर: विद्युत रासायनिक सक्रियता श्रेणी के अनुसार, लोहा ($\text{Fe}$) कॉपर ($\text{Cu}$) की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील तत्व है। जब लोहे की कील को नीले रंग के कॉपर सल्फेट ($\text{CuSO}_4$) विलयन में रखा जाता है, तो लोहा कॉपर को विलयन से विस्थापित कर देता है और हल्के हरे रंग का फेरस सल्फेट ($\text{FeSO}_4$) बना लेता है। कॉपर आयनों के हटने और फेरस आयनों के बनने के कारण विलयन का नीला रंग गायब होकर हल्का हरा हो जाता है:

$$\text{Fe(s)} + \text{CuSO}_4\text{(aq) [नीला]} \rightarrow \text{FeSO}_4\text{(aq) [हल्का हरा]} + \text{Cu(s) [लाल-भूरा]}$$

प्रश्न 2: द्विविस्थापन अभिक्रिया का कोई एक अन्य उदाहरण दीजिए (बेरियम सल्फेट निर्माण के अतिरिक्त)।

उत्तर: जब सिल्वर नाइट्रेट के विलयन में सोडियम क्लोराइड का विलयन मिलाया जाता है, तो आयनों के परस्पर विनिमय से सिल्वर क्लोराइड का सफेद अवक्षेप तथा सोडियम नाइट्रेट का विलयन प्राप्त होता है:

$$\text{AgNO}_3\text{(aq)} + \text{NaCl(aq)} \rightarrow \text{AgCl(s)}\downarrow \text{(श्वेत अवक्षेप)} + \text{NaNO}_3\text{(aq)}$$

प्रश्न 3: निम्न अभिक्रियाओं में उपचयित तथा अपचयित पदार्थों की पहचान कीजिए:

  1. $4\text{Na(s)} + \text{O}_2\text{(g)} \rightarrow 2\text{Na}_2\text{O(s)}$
    • उपचयित पदार्थ: सोडियम ($\text{Na}$), क्योंकि इसमें ऑक्सीजन का योग हो रहा है।
    • अपचयित पदार्थ: ऑक्सीजन ($\text{O}_2$), क्योंकि यह सोडियम के साथ जुड़कर अपचयित होती है।
  2. $\text{CuO(s)} + \text{H}_2\text{(g)} \rightarrow \text{Cu(s)} + \text{H}_2\text{O(l)}$
    • उपचयित पदार्थ: हाइड्रोजन ($\text{H}_2$), क्योंकि इसमें ऑक्सीजन जुड़कर $\text{H}_2\text{O}$ बन रहा है।
    • अपचयित पदार्थ: कॉपर ऑक्साइड ($\text{CuO}$), क्योंकि इससे ऑक्सीजन का ह्रास होकर $\text{Cu}$ बन रहा है।

2.2 NCERT अभ्यास के प्रश्नों के सम्पूर्ण उत्तर (Exercise Solutions)

प्रश्न 1: नीचे दी गई अभिक्रिया के संबंध में कौन-सा कथन असत्य है?

$$2\text{PbO(s)} + \text{C(s)} \rightarrow 2\text{Pb(s)} + \text{CO}_2\text{(g)}$$

(a) सीसा अपचयित हो रहा है।

(b) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रही है।

(c) कार्बन उपचयित हो रहा है।

(d) लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है।

विकल्प: (i) (a) एवं (b) | (ii) (a) एवं (c) | (iii) (a), (b) एवं (c) | (iv) सभी

उत्तर: (i) (a) एवं (b)

स्पष्टीकरण: अभिक्रिया में $\text{PbO}$ (लेड ऑक्साइड) अपचयित होकर $\text{Pb}$ बना रहा है और कार्बन ($\text{C}$) उपचयित होकर $\text{CO}_2$ बना रहा है। अतः कथन (a) और (b) असत्य हैं।

प्रश्न 2: $\text{Fe}_2\text{O}_3 + 2\text{Al} \rightarrow \text{Al}_2\text{O}_3 + 2\text{Fe}$ ऊपर दी गई अभिक्रिया किस प्रकार की है?

(a) संयोजन अभिक्रिया

(b) द्विविस्थापन अभिक्रिया

(c) वियोजन अभिक्रिया

(d) विस्थापन अभिक्रिया

उत्तर: (d) विस्थापन अभिक्रिया

स्पष्टीकरण: यहाँ एल्युमिनियम ($\text{Al}$) आयरन ($\text{Fe}$) से अधिक क्रियाशील होने के कारण उसे आयरन ऑक्साइड से विस्थापित कर रहा है।

प्रश्न 3: लौह-चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? सही उत्तर पर निशान लगाइए।

(a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।

(b) क्लोरीन गैस एवं आयरन हाइड्रॉक्साइड बनता है।

(c) कोई अभिक्रिया नहीं होती।

(d) आयरन लवण एवं जल बनता है।

उत्तर: (a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।

रासायनिक समीकरण: $\text{Fe(s)} + 2\text{HCl(aq)} \rightarrow \text{FeCl}_2\text{(aq)} + \text{H}_2\text{(g)}\uparrow$

प्रश्न 4: संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?

उत्तर:

  • संतुलित रासायनिक समीकरण: वह रासायनिक समीकरण जिसमें तीर के दोनों ओर (अभिकारक एवं उत्पाद पक्षों में) प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या पूर्णतः समान होती है, संतुलित रासायनिक समीकरण कहलाता है।
  • संतुलन की आवश्यकता: द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार, किसी भी रासायनिक प्रक्रम में द्रव्यमान का न तो सृजन हो सकता है और न ही विनाश। अतः दोनों पक्षों का कुल द्रव्यमान समान रखने के लिए अभिकारकों और उत्पादों के परमाणुओं की संख्या को संतुलित करना आवश्यक होता है।

प्रश्न 5: निम्न कथनों को रासायनिक समीकरण के रूप में परिवर्तित कर उन्हें संतुलित कीजिए:

(a) नाइट्रोजन गैस हाइड्रोजन गैस से संयोग करके अमोनिया बनाती है:

$$\text{N}_2\text{(g)} + 3\text{H}_2\text{(g)} \rightarrow 2\text{NH}_3\text{(g)}$$

(b) हाइड्रोजन सल्फाइड गैस का वायु में दहन होने पर जल एवं सल्फर डाइऑक्साइड बनता है:

$$2\text{H}_2\text{S(g)} + 3\text{O}_2\text{(g)} \rightarrow 2\text{H}_2\text{O(l)} + 2\text{SO}_2\text{(g)}$$

(c) बेरियम क्लोराइड के साथ अभिक्रिया करके एल्युमिनियम सल्फेट, एल्युमिनियम क्लोराइड एवं बेरियम सल्फेट का अवक्षेप देता है:

$$\text{Al}_2(\text{SO}_4)_3\text{(aq)} + 3\text{BaCl}_2\text{(aq)} \rightarrow 2\text{AlCl}_3\text{(aq)} + 3\text{BaSO}_4\text{(s)}\downarrow$$

(d) पोटैशियम धातु जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड एवं हाइड्रोजन गैस देती है:

$$2\text{K(s)} + 2\text{H}_2\text{O(l)} \rightarrow 2\text{KOH(aq)} + \text{H}_2\text{(g)}\uparrow$$

प्रश्न 6: निम्नलिखित रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए:

(a) $\text{HNO}_3 + \text{Ca(OH)}_2 \rightarrow \text{Ca(NO}_3)_2 + \text{H}_2\text{O}$

$$2\text{HNO}_3 + \text{Ca(OH)}_2 \rightarrow \text{Ca(NO}_3)_2 + 2\text{H}_2\text{O}$$

(b) $\text{NaOH} + \text{H}_2\text{SO}_4 \rightarrow \text{Na}_2\text{SO}_4 + \text{H}_2\text{O}$

$$2\text{NaOH} + \text{H}_2\text{SO}_4 \rightarrow \text{Na}_2\text{SO}_4 + 2\text{H}_2\text{O}$$

(c) $\text{NaCl} + \text{AgNO}_3 \rightarrow \text{AgCl} + \text{NaNO}_3$

$$\text{NaCl} + \text{AgNO}_3 \rightarrow \text{AgCl} + \text{NaNO}_3 \quad \text{(यह समीकरण पहले से ही संतुलित है)}$$

(d) $\text{BaCl}_2 + \text{H}_2\text{SO}_4 \rightarrow \text{BaSO}_4 + \text{HCl}$

$$\text{BaCl}_2 + \text{H}_2\text{SO}_4 \rightarrow \text{BaSO}_4 + 2\text{HCl}$$

प्रश्न 7: निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए:

(a) कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड $\rightarrow$ कैल्सियम कार्बोनेट + जल

$$\text{Ca(OH)}_2 + \text{CO}_2 \rightarrow \text{CaCO}_3 + \text{H}_2\text{O}$$

(b) जिंक + सिल्वर नाइट्रेट $\rightarrow$ जिंक नाइट्रेट + सिल्वर

$$\text{Zn} + 2\text{AgNO}_3 \rightarrow \text{Zn(NO}_3)_2 + 2\text{Ag}$$

(c) एल्युमिनियम + कॉपर क्लोराइड $\rightarrow$ एल्युमिनियम क्लोराइड + कॉपर

$$2\text{Al} + 3\text{CuCl}_2 \rightarrow 2\text{AlCl}_3 + 3\text{Cu}$$

(d) बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फेट $\rightarrow$ बेरियम सल्फेट + पोटैशियम क्लोराइड

$$\text{BaCl}_2 + \text{K}_2\text{SO}_4 \rightarrow \text{BaSO}_4\downarrow + 2\text{KCl}$$

प्रश्न 8: निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए एवं प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए:

(a) पोटैशियम ब्रोमाइड (aq) + बेरियम आयोडाइड (aq) $\rightarrow$ पोटैशियम आयोडाइड (aq) + बेरियम ब्रोमाइड (s)

$$2\text{KBr(aq)} + \text{BaI}_2\text{(aq)} \rightarrow 2\text{KI(aq)} + \text{BaBr}_2\text{(s)}$$

प्रकार: द्विविस्थापन एवं अवक्षेपण अभिक्रिया।

(b) जिंक कार्बोनेट (s) $\rightarrow$ जिंक ऑक्साइड (s) + कार्बन डाइऑक्साइड (g)

$$\text{ZnCO}_3\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} \text{ZnO(s)} + \text{CO}_2\text{(g)}$$

प्रकार: ऊष्मीय वियोजन अभिक्रिया।

(c) हाइड्रोजन (g) + क्लोरीन (g) $\rightarrow$ हाइड्रोजन क्लोराइड (g)

$$\text{H}_2\text{(g)} + \text{Cl}_2\text{(g)} \rightarrow 2\text{HCl(g)}$$

प्रकार: संयोजन अभिक्रिया।

(d) मैग्नीशियम (s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (aq) $\rightarrow$ मैग्नीशियम क्लोराइड (aq) + हाइड्रोजन (g)

$$\text{Mg(s)} + 2\text{HCl(aq)} \rightarrow \text{MgCl}_2\text{(aq)} + \text{H}_2\text{(g)}$$

प्रकार: विस्थापन अभिक्रिया।

प्रश्न 9: ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया का क्या अर्थ है? उदाहरण दीजिए।

उत्तर:

  1. ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया: वे अभिक्रियाएँ जिनमें उत्पादों के बनने के साथ ऊष्मा ऊर्जा बाहर निकलती है।उदाहरण: प्राकृतिक गैस का दहन:$$\text{CH}_4\text{(g)} + 2\text{O}_2\text{(g)} \rightarrow \text{CO}_2\text{(g)} + 2\text{H}_2\text{O(g)} + \text{ऊष्मा}$$
  2. ऊष्माशोषी अभिक्रिया: वे अभिक्रियाएँ जिनमें अभिकारकों को तोड़ने के लिए बाह्य ऊष्मा ऊर्जा का अवशोषण होता है।उदाहरण: चूना पत्थर का अपघटन:$$\text{CaCO}_3\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} \text{CaO(s)} + \text{CO}_2\text{(g)}$$

प्रश्न 10: श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए।

उत्तर: जीवित रहने के लिए हमें ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जो हमें भोजन से मिलती है। पाचन के दौरान चावल, आलू जैसी कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य सामग्रियां टूटकर ग्लूकोज ($\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6$) बनाती हैं। यह ग्लूकोज हमारे शरीर की कोशिकाओं में उपस्थित श्वसन द्वारा ग्रहण की गई ऑक्सीजन से संयोजित होकर धीरे-धीरे जलकर विघटित होता है और प्रचुर मात्रा में जैविक ऊर्जा मुक्त करता है:

$$\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6\text{(aq)} + 6\text{O}_2\text{(aq)} \rightarrow 6\text{CO}_2\text{(aq)} + 6\text{H}_2\text{O(l)} + \text{ऊर्जा}$$

चूँकि इस प्रक्रिया में ऊर्जा का निकास होता है, अतः श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहा जाता है।

प्रश्न 11: वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए।

उत्तर:

संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक अभिकारक आपस में जुड़कर केवल एक ही उत्पाद बनाते हैं:

$$2\text{H}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)} \rightarrow 2\text{H}_2\text{O(l)}$$

इसके विपरीत, वियोजन अभिक्रिया में एक एकल अभिकारक बाह्य ऊर्जा की उपस्थिति में विघटित होकर दो या अधिक सरल उत्पादों में टूट जाता है:

$$2\text{H}_2\text{O(l)} \xrightarrow{\text{विद्युत}} 2\text{H}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)}$$

अतः दोनों अभिक्रियाओं की क्रियाविधि एक-दूसरे के सर्वथा उल्टी होने के कारण इन्हें परस्पर विपरीत माना जाता है।

प्रश्न 12: उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखिए जिनमें ऊष्मा, प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है:

  1. ऊष्मा द्वारा वियोजन (ऊष्मीय अपघटन):$$\text{CaCO}_3\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} \text{CaO(s)} + \text{CO}_2\text{(g)}$$
  2. प्रकाश द्वारा वियोजन (प्रकाश अपघटन):$$2\text{AgCl(s)} \xrightarrow{\text{सूर्य का प्रकाश}} 2\text{Ag(s)} + \text{Cl}_2\text{(g)}$$
  3. विद्युत द्वारा वियोजन (वैद्युत अपघटन):$$2\text{H}_2\text{O(l)} \xrightarrow{\text{विद्युत}} 2\text{H}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)}$$

प्रश्न 13: विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।

उत्तर:

  • विस्थापन अभिक्रिया: इसमें एक अधिक सक्रिय तत्व किसी अन्य कम सक्रिय तत्व को उसके लवण विलयन से हटाकर स्वयं उसका स्थान ले लेता है। इसमें केवल एकल प्रतिस्थापन होता है।$$\text{Fe(s)} + \text{CuSO}_4\text{(aq)} \rightarrow \text{FeSO}_4\text{(aq)} + \text{Cu(s)}$$
  • द्विविस्थापन अभिक्रिया: इसमें दो अलग-अलग यौगिक अपने घटकों/आयनों का पारस्परिक विनिमय (Mutual Exchange) करके दो सर्वथा नए यौगिक बनाते हैं।$$\text{Na}_2\text{SO}_4\text{(aq)} + \text{BaCl}_2\text{(aq)} \rightarrow \text{BaSO}_4\text{(s)}\downarrow + 2\text{NaCl(aq)}$$

प्रश्न 14: सिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।

उत्तर: कॉपर ($\text{Cu}$) सिल्वर ($\text{Ag}$) से अधिक क्रियाशील होने के कारण उसे विस्थापित कर देता है:

$$\text{Cu(s)} + 2\text{AgNO}_3\text{(aq)} \rightarrow \text{Cu(NO}_3)_2\text{(aq)} + 2\text{Ag(s)}$$

प्रश्न 15: अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।

उत्तर: जब दो द्रवों अथवा जलीय विलयनों को मिलाने पर रासायनिक अभिक्रिया के फलस्वरूप एक ऐसा ठोस उत्पाद बनता है जो जल में अविलेय (अघुलनशील) होकर नीचे बैठ जाता है, तो उसे अवक्षेप कहते हैं और इस पूरी अभिक्रिया को अवक्षेपण अभिक्रिया कहा जाता है।

उदाहरण:

$$\text{AgNO}_3\text{(aq)} + \text{NaCl(aq)} \rightarrow \text{AgCl(s)}\downarrow \text{(श्वेत अवक्षेप)} + \text{NaNO}_3\text{(aq)}$$

प्रश्न 16: ऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर निम्न पदों की व्याख्या कीजिए। प्रत्येक के लिए दो उदाहरण दीजिए:

  • (a) उपचयन (Oxidation): जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का योग होता है।उदाहरण 1: $2\text{Cu} + \text{O}_2 \xrightarrow{\text{तापन}} 2\text{CuO}$उदाहरण 2: $\text{C} + \text{O}_2 \rightarrow \text{CO}_2$
  • (b) अपचयन (Reduction): जब किसी रासायनिक अभिक्रिया में किसी यौगिक से ऑक्सीजन का ह्रास (निकलना) होता है।उदाहरण 1: $\text{CuO} + \text{H}_2 \xrightarrow{\text{तापन}} \text{Cu} + \text{H}_2\text{O}$उदाहरण 2: $\text{ZnO} + \text{C} \rightarrow \text{Zn} + \text{CO}$

प्रश्न 17: एक भूरे रंग का चमकदार तत्व ‘X’ को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है। इस तत्व ‘X’ एवं उस काले रंग के यौगिक का नाम बताइए।

उत्तर:

  • चमकदार भूरे रंग का तत्व ‘X’ कॉपर धातु ($\text{Cu}$) है।
  • जब कॉपर को हवा में गर्म किया जाता है, तो यह ऑक्सीजन से क्रिया करके उपचयित होता है और उस पर काले रंग की कॉपर ऑक्साइड की परत जम जाती है।
  • काले रंग का बनने वाला यौगिक कॉपर (II) ऑक्साइड ($\text{CuO}$) है।$$\text{समीकरण:} \quad 2\text{Cu(s)} + \text{O}_2\text{(g)} \xrightarrow{\text{तापन}} 2\text{CuO(s)}$$

प्रश्न 18: लोहे की वस्तुओं को हम पेंट क्यों करते हैं?

उत्तर: लोहे की धातु वायुमंडल में उपस्थित नमी (आर्द्रता) तथा ऑक्सीजन के सीधे संपर्क में आकर उपचयित हो जाती है, जिससे उस पर जंग लग जाता है और लोहा धीरे-धीरे नष्ट होने लगता है। जब लोहे की सतह पर पेंट का लेप कर दिया जाता है, तो पेंट की परत लोहे और वायुमंडलीय नमी व गैसों के बीच एक सुरक्षात्मक अवरोधक (Barrier) का कार्य करती है। इससे लोहा संपर्क में नहीं आ पाता और जंग लगने से सुरक्षित रहता है।

प्रश्न 19: तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से प्रभावित क्यों किया जाता है?

उत्तर: तेल और वसायुक्त खाद्य पदार्थ यदि वायुमंडल की ऑक्सीजन के संपर्क में रहें, तो वे आसानी से उपचयित (ऑक्सीकृत) हो जाते हैं, जिससे उनका स्वाद व गंध बिगड़ जाती है (विकृतगंधिता)। नाइट्रोजन एक अत्यंत कम क्रियाशील (अक्रिय) गैस है। जब पैकिंग थैलियों में ऑक्सीजन को हटाकर नाइट्रोजन गैस भर दी जाती है, तो खाद्य सामग्री का उपचयन नहीं हो पाता और वे लंबे समय तक ताजे व कुरकुरे बने रहते हैं।

प्रश्न 20: निम्न पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए:

  • (a) संक्षारण (Corrosion): जब कोई धातु अपने आस-पास के वातावरण में उपस्थित नमी, अम्ल अथवा वायु के संपर्क में आकर धीरे-धीरे रासायनिक रूप से नष्ट होती है।उदाहरण: लोहे की कीलों या औजारों पर नमी के कारण लाल-भूरे रंग का जंग लगना।
  • (b) विकृतगंधिता (Rancidity): तेल एवं वसा से निर्मित भोजन का वायु की ऑक्सीजन द्वारा उपचयित हो जाना, जिससे उसमें दुर्गंध आने लगती है तथा स्वाद खट्टा या कसैला हो जाता है।उदाहरण: खुले में रखे मक्खन या कई दिनों तक खुले पैकेट में रखे चिप्स का स्वाद व महक बिगड़ जाना।

Brijesh K Yadav
Author & Educator

Brijesh K Yadav

Brijesh Kumar Yadav is an experienced teacher and content creator with over 10 years of professional experience. He is the founder of BestFunda.com, a platform dedicated to guiding students from 10th, 12th, and graduation levels. Brijesh provides valuable career advice through blogs, videos, and social media. As an entrepreneur and career coach, he is passionate about helping students make informed decisions and build successful futures.

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