JEE Main eligibility marks in 12th 2027: for Gen, OBC, SC/ST and PwD: जानें 12वीं में विषयवार (Subject-wise) पात्रता, NTA के फॉर्म भरने के न्यूनतम अंक, 75% क्राइटेरिया और NITs/IIITs एडमिशन के पूरे नियम।
JEE Main Eligibility Marks in 12th 2027
इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के बीच 12वीं के अंकों को लेकर सबसे बड़ा संशय रहता है कि परीक्षा का फॉर्म भरने के लिए कितने प्रतिशत अंक चाहिए। अक्सर छात्र यह मान लेते हैं कि यदि उनके कक्षा 12वीं में 75% अंक नहीं हैं, तो वे जेईई मेन का आवेदन पत्र ही नहीं भर सकते।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी आधिकारिक इन्फॉर्मेशन बुलेटिन के अनुसार, केवल जेईई मेन परीक्षा में बैठने (Appearing) और बाद में JoSAA/CSAB काउंसलिंग के जरिए NITs, IIITs या CFTIs में प्रवेश लेने (Admission) के पात्रता नियमों में स्पष्ट अंतर है। परीक्षा का फॉर्म भरने के लिए किसी न्यूनतम प्रतिशत की बाध्यता नहीं रखी गई है, जबकि केंद्रीय तकनीकी संस्थानों में सीट सुरक्षित करने के लिए 75% अंक या संबंधित बोर्ड के टॉप 20 पर्सेंटाइल की अनिवार्यता लागू होती है। नीचे विषयवार और श्रेणीवार अंकों के संपूर्ण विवरण को विस्तार से समझाया गया है।
Category-Wise JEE Main 2027 Eligibility Marks in 12th
अभ्यर्थी की श्रेणी (Category)
फॉर्म भरने हेतु 12वीं में अंक (Exam Appearance)
NITs / IIITs / CFTIs में प्रवेश हेतु अंक (Admission Criteria)
General (अनारक्षित)
केवल 12वीं पास / अपीयरिंग (कोई न्यूनतम प्रतिशत नहीं)
न्यूनतम 75% कुल अंक अथवा संबंधित बोर्ड की Top 20 Percentile सूची में स्थान
Gen-EWS
केवल 12वीं पास / अपीयरिंग (कोई न्यूनतम प्रतिशत नहीं)
न्यूनतम 75% कुल अंक अथवा संबंधित बोर्ड की Top 20 Percentile सूची में स्थान
OBC-NCL
केवल 12वीं पास / अपीयरिंग (कोई न्यूनतम प्रतिशत नहीं)
न्यूनतम 75% कुल अंक अथवा संबंधित बोर्ड की Top 20 Percentile सूची में स्थान
SC (अनुसूचित जाति)
केवल 12वीं पास / अपीयरिंग (कोई न्यूनतम प्रतिशत नहीं)
न्यूनतम 65% कुल अंक अथवा संबंधित बोर्ड की Top 20 Percentile सूची में स्थान
ST (अनुसूचित जनजाति)
केवल 12वीं पास / अपीयरिंग (कोई न्यूनतम प्रतिशत नहीं)
न्यूनतम 65% कुल अंक अथवा संबंधित बोर्ड की Top 20 Percentile सूची में स्थान
PwD / PwBD (दिव्यांग)
केवल 12वीं पास / अपीयरिंग (कोई न्यूनतम प्रतिशत नहीं)
न्यूनतम 65% कुल अंक अथवा संबंधित बोर्ड की Top 20 Percentile सूची में स्थान
JEE Mains Eligibility Criteria 12th Percentage (12वीं में न्यूनतम प्रतिशत नियम): NTA के आधिकारिक नियमों के अनुसार केवल जेईई मेन परीक्षा में बैठने (appear होने) के लिए 12वीं में किसी भी न्यूनतम प्रतिशत की बाध्यता नहीं है; अभ्यर्थी का केवल 12वीं उत्तीर्ण होना या संबंधित वर्ष में 12वीं की परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है।
JEE Main Eligibility Marks in 12th for General (सामान्य वर्ग के लिए आवश्यक अंक): सामान्य वर्ग (General) के अभ्यर्थियों को JoSAA या CSAB काउंसलिंग के जरिए NITs, IIITs और CFTIs में B.Tech/B.E. में प्रवेश लेने के लिए 12वीं बोर्ड में कम से कम 75% कुल अंक (Aggregate Marks) या अपने संबंधित शिक्षा बोर्ड की Top 20 Percentile सूची में शामिल होना आवश्यक है।
JEE Main Eligibility Marks in 12th for OBC (ओबीसी वर्ग के लिए अंक नियम): अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL) के अभ्यर्थियों के लिए भी सामान्य वर्ग के समान ही केंद्रीय संस्थानों में सीट आवंटन के समय 12वीं बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम 75% कुल अंक अथवा संबंधित बोर्ड की टॉप 20 पर्सेंटाइल की अनिवार्यता लागू होती है।
JEE Main Eligibility Marks in 12th for SC, ST and PwD (एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के लिए छूट): अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग (PwD/PwBD) श्रेणी के छात्रों को 10% की विशेष छूट दी जाती है; इन्हें एनआईटी और ट्रिपल आईटी में प्रवेश पाने के लिए 12वीं में न्यूनतम 65% कुल अंक या अपने बोर्ड की टॉप 20 पर्सेंटाइल कटऑफ हासिल करनी होती है।
JEE Main Eligibility Marks in 12th PCM / Science (साइंस स्ट्रीम व विषयवार पात्रता): इंजीनियरिंग (B.E./B.Tech) के लिए छात्र के पास 12वीं कक्षा में Physics (भौतिक विज्ञान) और Mathematics (गणित) अनिवार्य विषय होने चाहिए, साथ ही Chemistry, Biology, Biotechnology या किसी Technical Vocational विषय और भाषा को मिलाकर कुल 5 विषयों में अलग-अलग पास होना जरूरी है।
JEE Main Eligibility Marks in 10th (कक्षा 10वीं के अंकों की भूमिका): जेईई मेन परीक्षा देने या इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए कक्षा 10वीं में कोई न्यूनतम प्रतिशत या अंक सीमा निर्धारित नहीं है; 10वीं के प्रमाण पत्र का उपयोग केवल अभ्यर्थी के नाम, माता-पिता के नाम और जन्म तिथि (DOB) के मिलान के लिए किया जाता है।
JEE Advanced Eligibility Marks in 12th (आईआईटी प्रवेश हेतु 12वीं के अंक): जेईई एडवांस्ड के माध्यम से देश के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में B.Tech कोर्स में दाखिला लेने के लिए भी 12वीं बोर्ड में 75% अंक (General/OBC हेतु) और 65% अंक (SC/ST/PwD हेतु) या संबंधित बोर्ड के टॉप 20 पर्सेंटाइल का नियम लागू रहता है।
Subject-wise JEE Main 2027 Eligibility Marks in 12th
जेईई मेन में विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए 12वीं कक्षा में पढ़े गए विषयों का संयोजन निर्धारित होता है:
कोर्स (Paper & Course)
12वीं में अनिवार्य विषय (Mandatory Subjects in 12th)
न्यूनतम विषयवार अंक (Subject Passing Rule)
B.E. / B.Tech (Paper 1)
1. Physics (भौतिक विज्ञान)
2. Mathematics (गणित)
3. Chemistry / Biology / Biotechnology / Technical Vocational Subject
4. एक भाषा (Language)
5. कोई अन्य पांचवां विषय
प्रत्येक विषय में अलग-अलग बोर्ड के नियमानुसार उत्तीर्ण (Pass) होना आवश्यक है।
B.Arch (Paper 2A)
1. Physics (भौतिक विज्ञान)
2. Chemistry (रसायन विज्ञान)
3. Mathematics (गणित)
(PCM तीनों विषय अनिवार्य रूप से 12वीं में होने चाहिए)
Physics, Chemistry और Mathematics में अलग-अलग उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
B.Planning (Paper 2B)
1. Mathematics (गणित विषय अनिवार्य)
2. साथ में अन्य चार विषय
गणित विषय में व्यक्तिगत रूप से उत्तीर्ण होना आवश्यक है।
JEE Main 2027 Eligibility Marks: 5-Subject Calculation Rule for Admission
काउंसलिंग और सीट आवंटन (JoSAA/CSAB) के समय 75% या 65% अंकों की गणना करते समय पूरे कुल अंकों के स्थान पर केवल 5 विशिष्ट विषयों के अंकों को शामिल किया जाता है:
भौतिक विज्ञान (Physics)
गणित (Mathematics)
रसायन विज्ञान / जीव विज्ञान / बायोटेक्नोलॉजी / तकनीकी व्यावसायिक विषय में से कोई एक
कोई एक भाषा (Language Subject) (जैसे हिंदी या अंग्रेजी)
कोई अन्य पांचवां विषय (Any Other Subject) जिसमें छात्र के सर्वाधिक अंक हों
ध्यान दें: यदि किसी छात्र ने 6 विषय लिए हैं, तो अनिवार्य विषयों (Physics, Maths, Language) के बाद बचे हुए विषयों में से जिसमें सबसे अधिक अंक होंगे, उसे पांचवें विषय के रूप में मेरिट गणना में स्वतः सम्मिलित किया जाता है।
JEE Main 2027 Eligibility Marks: Year of Passing & Drop Year Eligibility
एनटीए के इन्फॉर्मेशन बुलेटिन के अनुसार 12वीं उत्तीर्ण करने के वर्ष को लेकर स्पष्ट सीमाएं निर्धारित हैं:
पात्र वर्ष: केवल वे छात्र जिन्होंने वर्ष 2025 या 2026 में कक्षा 12वीं (या समकक्ष) उत्तीर्ण की है, अथवा जो वर्ष 2027 में 12वीं की परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं, वे ही जेईई मेन 2027 के लिए पात्र हैं।
अपात्र वर्ष: जिन अभ्यर्थियों ने 12वीं या समकक्ष परीक्षा वर्ष 2024 या उससे पूर्व उत्तीर्ण की है, वे परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं हैं।
प्रथम प्रयास की गणना: 12वीं का उत्तीर्ण वर्ष वही माना जाता है जब छात्र का परीक्षा परिणाम पहली बार आधिकारिक रूप से ‘पास’ (Pass) घोषित हुआ था। बाद में दिए गए किसी भी इम्प्रूवमेंट परीक्षा (Improvement Exam) के वर्ष को पहला प्रयास नहीं माना जाता।
JEE Main 2027 Eligibility Marks in 12th: Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रश्न 1: क्या 12वीं में 75% से कम अंक होने पर जेईई मेन का फॉर्म भरा जा सकता है?
उत्तर: हाँ, बिल्कुल। एनटीए बुलेटिन के अनुसार केवल जेईई मेन परीक्षा में बैठने के लिए 12वीं में कोई न्यूनतम प्रतिशत तय नहीं है। 12वीं पास या अपीयरिंग छात्र फॉर्म भर सकते हैं।
प्रश्न 2: ओबीसी-एनसीएल (OBC-NCL) और ईडब्ल्यूएस (Gen-EWS) के लिए एनआईटी में प्रवेश हेतु कितने अंक चाहिए?
उत्तर: ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के छात्रों के लिए भी सामान्य वर्ग के समान ही 12वीं में कम से कम 75% कुल अंक या अपने बोर्ड की टॉप 20 पर्सेंटाइल सूची में होना अनिवार्य है।
प्रश्न 3: एससी (SC), एसटी (ST) और दिव्यांग (PwD) वर्ग के लिए क्या छूट है?
उत्तर: एससी, एसटी और पीडब्ल्यूडी वर्ग के छात्रों को 10% की छूट मिलती है; उन्हें एनआईटी/आईआईआईटी में प्रवेश के लिए 12वीं में न्यूनतम 65% कुल अंक या टॉप 20 पर्सेंटाइल की आवश्यकता होती है।
प्रश्न 4: JEE Main Eligibility Marks in 12th for General कैटेगरी के लिए क्या नियम है?
उत्तर: सामान्य वर्ग के छात्र 12वीं पास होने पर बिना किसी न्यूनतम प्रतिशत के जेईई मेन की परीक्षा दे सकते हैं, लेकिन एनआईटी और ट्रिपल आईटी में सीट आवंटन के लिए 12वीं बोर्ड में न्यूनतम 75% कुल अंक या राज्य/केंद्रीय बोर्ड की Top 20 Percentile में आना अनिवार्य होता है।
प्रश्न 5: यदि मेरे 12वीं में 75% नहीं हैं, तो क्या जेईई मेन स्कोर का कोई लाभ नहीं मिलेगा?
उत्तर: एनआईटी, आईआईआईटी और सीएफटीआई को छोड़कर कई राज्य स्तरीय सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और निजी विश्वविद्यालय केवल जेईई मेन की मेरिट या 60% अंकों पर प्रवेश देते हैं, जहाँ 75% की बाध्यता नहीं होती।
प्रश्न 6: JEE Main Eligibility Marks in 12th PCM / Science के विषयवार नियम क्या हैं?
उत्तर: बी.टेक और बी.ई. के लिए अभ्यर्थी का 12वीं विज्ञान संकाय में भौतिक विज्ञान और गणित विषयों के साथ उत्तीर्ण होना आवश्यक है, साथ ही रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान या वोकेशनल विषय और भाषा सहित 5 विषयों के अंकों की गणना मेरिट के लिए की जाती है।
प्रश्न 7: क्या JEE Main Eligibility Marks in 10th के तहत कोई न्यूनतम कटऑफ होती है?
उत्तर: नहीं, जेईई मेन के लिए कक्षा 10वीं में कोई न्यूनतम प्रतिशत बाध्यता नहीं है। 10वीं की अंकतालिका का उपयोग केवल छात्र की आधिकारिक पहचान और जन्म तिथि के सत्यापन के लिए किया जाता है।
प्रश्न 8: JEE Advanced Eligibility Marks in 12th और जेईई मेन के अंकों में क्या समानता है?
उत्तर: दोनों ही परीक्षाओं के माध्यम से देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों (IITs और NITs) में प्रवेश के लिए 12वीं बोर्ड में समान रूप से 75% अंक (General/OBC हेतु) अथवा 65% अंक (SC/ST/PwD हेतु) या टॉप 20 पर्सेंटाइल की अनिवार्यता रहती है।
JEE Main 2027 Session 1 vs Session 2: JEE Main 2027 में Session 1 और Session 2 दोनों सत्रों में शामिल होना चाहिए या सिर्फ एक? जानें NTA का ‘Best of Two Scores’ नियम, नॉर्मलाइजेशन, परसेंटाइल बनाम रॉ मार्क्स और दोनों सत्रों की फीस डिटेल्स।
JEE Main 2027 Session 1 vs Session 2: Two-Session System
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा संयुक्त प्रवेश परीक्षा यानी जेईई मेन 2027 का आयोजन दो सत्रों—सत्र 1 (जनवरी 2027) और सत्र 2 (अप्रैल 2027) में किया जा रहा है। फॉर्म भरते समय हिंदी माध्यम के अधिकांश छात्रों के मन में यह सबसे बड़ा सवाल रहता है कि क्या उन्हें केवल एक सत्र के लिए आवेदन करना चाहिए या दोनों सत्रों की परीक्षा देनी चाहिए।
एनटीए के आधिकारिक इन्फॉर्मेशन बुलेटिन के अनुसार, किसी भी उम्मीदवार के लिए दोनों सत्रों में बैठना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, यदि कोई छात्र दोनों सत्रों में उपस्थित होता है, तो मेरिट लिस्ट और ऑल इंडिया रैंक (AIR) तैयार करने के लिए उसके दोनों सत्रों में से सर्वोत्तम कुल NTA स्कोर (Best of the Two Scores) को ही अंतिम माना जाता है। इस व्यवस्था से छात्रों का साल खराब होने का जोखिम खत्म हो जाता है और उन्हें अपनी तैयारी सुधारने का एक और वास्तविक मौका मिलता है।
JEE Main 2027 Session 1 vs Session 2 Exam Overview
पैरामीटर (Parameters)
सत्र 1 (जनवरी 2027)
सत्र 2 (अप्रैल 2027)
परीक्षा तिथियां (Exam Dates)
20, 21, 22, 23, 24 और 28 जनवरी 2027
02, 03, 04, 05, 06 और 07 अप्रैल 2027
आवेदन अवधि (Registration Window)
24 अक्टूबर 2026 से 22 नवंबर 2026
05 जनवरी 2027 से 03 फरवरी 2027
प्रतिस्पर्धा का स्तर (Competition Level)
तुलनात्मक रूप से कम (बोर्ड परीक्षा की तैयारी के कारण कई छात्र पूरी तरह तैयार नहीं होते)
अधिक (छात्रों का पूरा सिलेबस पूरा हो चुका होता है और ड्रॉपर्स का रिविज़न पूरा रहता है)
स्कोर कार्ड का प्रारूप (Score Card)
केवल विषयवार व कुल NTA परसेंटाइल स्कोर जारी होता है
दोनों सत्रों के स्कोर, बेस्ट स्कोर और All India Rank (CRL) जारी होती है
रैंकिंग निर्धारण (Merit List)
Best of the Two Scores — दोनों में से उच्चतम कुल स्कोर को रैंक हेतु गिना जाता है
JEE Main 2027 Session 1 vs Session 2: Best of Two Scores Rule Explained
आधिकारिक बुलेटिन के अध्याय 1 एवं 11 के अनुसार, यदि कोई उम्मीदवार दोनों सत्रों में उपस्थित होता है, तो उसका परिणाम इस प्रकार तैयार किया जाता है:
कुल स्कोर पर विचार: रैंकिंग के लिए NTA दोनों सत्रों के कुल स्कोर (Total NTA Score) में से जो अधिकतम होगा, उसे ही स्वीकार करेगा।
विषयवार स्कोर का मिश्रण नहीं: कई छात्र सोचते हैं कि सत्र 1 से मैथ्स का अधिक स्कोर और सत्र 2 से फिजिक्स का अधिक स्कोर मिलाकर नया स्कोर बनेगा। NTA नियमों के अनुसार ऐसा बिल्कुल नहीं होता; विषयवार अंकों का मिश्रण (Subject-wise cherry-picking) नहीं किया जाता, बल्कि पूरे पेपर का कुल स्कोर देखा जाता है।
कोई नुकसान नहीं: यदि किसी कारण से सत्र 2 में आपका प्रदर्शन सत्र 1 से कम हो जाता है, तो भी आपका सत्र 1 वाला बेहतर स्कोर ही सुरक्षित रहेगा। यानी दूसरा सत्र देने से पहले सत्र के अंकों पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।
JEE Main 2027 Session 1 vs Session 2: Percentile vs Raw Marks & Normalization
जेईई मेन की परीक्षा कई दिनों और अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित की जाती है। किसी शिफ्ट का पेपर कठिन हो सकता है और किसी का सरल, इसलिए निष्पक्षता बनाए रखने के लिए नॉर्मलाइजेशन (Normalization) पद्धति अपनाई जाती है:
रॉ मार्क्स (Raw Marks): यह वह वास्तविक अंक हैं जो आपको सही (+4) और गलत (-1) उत्तरों के आधार पर 300 में से प्राप्त होते हैं।
NTA परसेंटाइल स्कोर (NTA Score): यह आपके कुल प्रतिशत अंक नहीं हैं। परसेंटाइल स्कोर यह दर्शाता है कि उस विशेष शिफ्ट में परीक्षा देने वाले कुल छात्रों में से कितने प्रतिशत छात्रों का स्कोर आपके बराबर या आपसे कम रहा है। इसे दशमलव के 7 स्थानों तक निकाला जाता है ताकि टाई (बराबर अंक) की संभावना कम से कम हो सके।
सत्र 1 का लाभ (Less Marks, Better Percentile): जनवरी सत्र में बोर्ड परीक्षाओं के दबाव के कारण अधिकांश छात्रों का रिविज़न अधूरा रहता है। इस वजह से जनवरी सत्र में कम रॉ मार्क्स पर भी अधिक परसेंटाइल बनने की पूरी संभावना रहती है, जबकि अप्रैल सत्र में वही परसेंटाइल पाने के लिए छात्रों को 20 से 30 अंक अधिक लाने पड़ते हैं।
JEE Main 2027 Session 1 vs Session 2 Key Benefits of Appearing in Both Sessions
वास्तविक परीक्षा का पूर्व-अनुभव: सत्र 1 में शामिल होने से छात्रों को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT), टाइम मैनेजमेंट और परीक्षा के वास्तविक दबाव का पहला अनुभव मिल जाता है। अपनी गलतियों को पहचानकर वे सत्र 2 में सुधार कर सकते हैं।
ड्रॉप ईयर का जोखिम खत्म: यदि किसी छात्र का पहला प्रयास किसी कारणवश (जैसे स्वास्थ्य खराब होना या कोई तकनीकी समस्या) खराब हो जाता है, तो उसे अपना पूरा साल बर्बाद नहीं करना पड़ता। उसे अप्रैल में दूसरा अवसर तुरंत मिल जाता है।
बोर्ड परीक्षा के टकराव से सुरक्षा: यदि किसी छात्र की बोर्ड परीक्षा या प्रैक्टिकल जनवरी सत्र की किसी तारीख से टकराते हैं या वह परीक्षा छूट जाती है, तो भी वह सत्र 2 देकर जेईई एडवांस्ड और एनआईटी में प्रवेश के लिए पात्र बना रहता है।
जेईई एडवांस्ड की जल्दी तैयारी: यदि छात्र का सत्र 1 में ही उत्कृष्ट स्कोर (99+ परसेंटाइल) आ जाता है, तो वह फरवरी से ही पूरी तरह जेईई एडवांस्ड (IIT) की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकता है।
JEE Main 2027 Session 1 vs Session 2 Fee Payment Options
उम्मीदवारों को सत्र 2 के लिए आवेदन और शुल्क भुगतान हेतु NTA द्वारा दो स्पष्ट विकल्प दिए जाते हैं:
अभ्यर्थी की श्रेणी (Category)
केवल एक सत्र की फीस (Single Session)
दोनों सत्र एक साथ भरने पर फीस (Both Sessions)
General (Male)
₹ 1,000
₹ 2,000
General (Female)
₹ 800
₹ 1,600
Gen-EWS / OBC (NCL) (Male)
₹ 900
₹ 1,800
Gen-EWS / OBC (NCL) (Female)
₹ 800
₹ 1,600
SC / ST / PwD / Third Gender
₹ 500
₹ 1,000
विकल्प 1 (सत्र 1 के दौरान ही दोनों सत्र भरना): छात्र सत्र 1 का रजिस्ट्रेशन करते समय ही दोनों सत्रों (Session 1 & Session 2) का चयन कर सकते हैं और दोनों का संयुक्त शुल्क एक साथ जमा कर सकते हैं।
विकल्प 2 (सत्र 2 के समय अलग से फीस भरना): यदि किसी छात्र ने शुरुआत में केवल सत्र 1 चुना है, तो उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है। जनवरी सत्र समाप्त होने के बाद जब 05 जनवरी से 03 फरवरी 2027 के बीच सत्र 2 का पोर्टल खुलेगा, तब वह अपने उसी एप्लीकेशन नंबर से लॉग-इन करके केवल सत्र 2 की फीस भर सकता है। उसे दोबारा नया रजिस्ट्रेशन करने की आवश्यकता नहीं होती।
JEE Main 2027 Session 1 & 2 Related Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रश्न 1: क्या जेईई मेन 2027 के दोनों सत्रों (Session 1 और 2) में बैठना अनिवार्य है?
उत्तर: नहीं, यह छात्र की अपनी इच्छा पर निर्भर है। आप चाहें तो केवल सत्र 1 दे सकते हैं, केवल सत्र 2 दे सकते हैं, या दोनों सत्रों में बैठ सकते हैं।
प्रश्न 2: यदि मैं दोनों सत्रों की परीक्षा देता हूँ, तो मेरी रैंक किस स्कोर पर तय होगी?
उत्तर: दोनों सत्रों में उपस्थित होने वाले छात्रों के दोनों कुल NTA स्कोरों में से जो सबसे अधिक (Best Score) होगा, उसी के आधार पर ऑल इंडिया मेरिट लिस्ट और रैंक बनाई जाती है।
प्रश्न 3: क्या सत्र 2 में कम नंबर आने पर सत्र 1 का अच्छा स्कोर रद्द हो जाएगा?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। यदि सत्र 2 में आपका स्कोर कम हो जाता है, तब भी आपका सत्र 1 वाला बेहतर स्कोर ही मान्य रहेगा और सुरक्षित रहेगा।
प्रश्न 4: यदि मैंने सत्र 1 के समय सत्र 2 की फीस नहीं भरी, तो क्या मुझे बाद में मौका मिलेगा?
उत्तर: हाँ, NTA सत्र 2 के लिए 05 जनवरी से 03 फरवरी 2027 के बीच दोबारा आवेदन विंडो खोलेगा। तब आप अपने पुराने एप्लीकेशन नंबर से लॉग-इन करके सत्र 2 की फीस भर सकते हैं।
प्रश्न 5: क्या दोनों सत्रों के लिए अलग-अलग एप्लीकेशन फॉर्म भरना पड़ता है?
उत्तर: नहीं, आपको कभी भी दो अलग-अलग फॉर्म नहीं भरने चाहिए। दोनों सत्रों के लिए एक ही एप्लीकेशन नंबर का उपयोग किया जाता है; एक से अधिक फॉर्म भरना अनुचित साधन (UFM) माना जाता है।
JEE Main 2027 Category Certificate: NTA JEE Main 2027 के लिए OBC-NCL और Gen-EWS श्रेणी प्रमाण पत्र की मान्यता तिथि क्या है? जानें सेंट्रल लिस्ट बनाम स्टेट लिस्ट के नियम, प्रमाण पत्र प्रारूप और सीट आवंटन के दिशा-निर्देश।
JEE Main 2027 Category Certificate
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी आधिकारिक इन्फॉर्मेशन बुलेटिन के अनुसार, संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE Main 2027) में विभिन्न श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए आरक्षण का लाभ भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा निर्धारित नियमों के तहत दिया जाता है।
आरक्षित श्रेणियों (जैसे Gen-EWS और OBC-NCL) के तहत आवेदन करने वाले छात्रों के बीच प्रमाण पत्र की वैधता तिथि, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रारूप और सेंट्रल लिस्ट बनाम स्टेट लिस्ट के अंतर को लेकर कई प्रश्न रहते हैं। यदि आवेदन पत्र भरते समय या सीट आवंटन के दौरान निर्धारित प्रारूप और वैध तिथि का प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो अभ्यर्थी को संबंधित श्रेणी का लाभ नहीं मिलता और उसे सामान्य (General) श्रेणी के तहत माना जा सकता है। नीचे इस संबंध में सभी आवश्यक नियमों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया है।
JEE Main 2027 Category Certificate: Specifications & Verification Matrix
Category
Reservation Percentage
Mandatory Issuing Authority / List
Validity & Document Requirement
General-EWS (Economically Weaker Section)
10% in every program
As per OM No. 20013/01/2018-BC-II issued by Ministry of Social Justice and Empowerment
Valid financial year certificate; required during seat allocation / admission
OBC-NCL (Other Backward Classes)
27% in every program
Must appear in Central List published by GoI (socialjustice.gov.in)
Non-Creamy Layer status certificate; original required at seat allocation
SC / ST (Scheduled Caste / Tribe)
SC: 15% ST: 7.5%
Respective Central List published by GoI (ncst.gov.in)
Permanent Caste Certificate issued by competent government authority
PwD / PwBD (Benchmark Disability)
5% horizontal reservation
Notified Medical Authority
UDID Card / Disability Certificate (PDF upload during registration)
JEE Main 2027 Category Certificate Central List vs State List: Understanding the Difference for OBC
ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह समझना अनिवार्य है कि केंद्रीय संस्थानों में राज्य की सूची लागू नहीं होती:
केंद्रीय सूची की अनिवार्यता: केंद्र सरकार के संस्थानों (जैसे NITs, IIITs, CFTIs और IITs) में 27% आरक्षण का लाभ केवल उन्हीं जातियों को मिलता है जो भारत सरकार द्वारा जारी केंद्रीय सूची (Central List of OBCs) में सूचीबद्ध हैं।
राज्य सूची (State List) की सीमा: यदि कोई जाति किसी विशेष राज्य की पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल है, लेकिन वह केंद्र सरकार की आधिकारिक सूची (socialjustice.gov.in) में शामिल नहीं है, तो वह उम्मीदवार केंद्रीय कोटे में आरक्षण के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। ऐसे छात्रों को फॉर्म में ‘General’ श्रेणी का चयन करना होता है।
क्रीमी लेयर अपात्रता: ओबीसी वर्ग के वे अभ्यर्थी जो क्रीमी लेयर (Creamy Layer) के अंतर्गत आते हैं, उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाता है। वे केवल ओपन/सामान्य श्रेणी के तहत ही आवेदन कर सकते हैं।
JEE Main 2027 Category Certificate Validity Date & Financial Year Norms (OBC-NCL & Gen-EWS)
आय आधारित प्रमाण पत्रों की वैधता के संबंध में निम्नलिखित दिशानिर्देश लागू होते हैं:
वित्तीय वर्ष का चक्र: ओबीसी-एनसीएल और सामान्य-ईडब्ल्यूएस दोनों ही प्रमाण पत्र परिवार की वार्षिक आय पर निर्भर करते हैं, इसलिए इनकी वैधता वित्तीय वर्ष (Financial Year) के आधार पर तय की जाती है।
कट-ऑफ तिथि का नियम: संबंधित प्रवेश सत्र (2027) की काउंसलिंग और सीट आवंटन (JoSAA/CSAB) के समय, सक्षम प्राधिकारी द्वारा वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी 01 अप्रैल 2026 या उसके बाद जारी किया गया मूल प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है। 01 अप्रैल 2026 से पूर्व जारी प्रमाण पत्र प्रवेश प्रक्रिया के दौरान मान्य नहीं किए जाते हैं।
रजिस्ट्रेशन के समय स्थिति: आवेदन पत्र भरते समय अभ्यर्थी को अपनी श्रेणी का सही चयन करना होता है और उपलब्ध प्रमाण पत्र की विवरण संख्या तथा जारी करने की तिथि दर्ज करनी होती है।
JEE Main 2027 Category Certificate Instructions for Category Declaration and JEE (Advanced) Sharing
एनटीए के इन्फॉर्मेशन बुलेटिन में श्रेणी चयन को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है:
आवेदन सुधार विंडो की सीमा: श्रेणी से संबंधित किसी भी त्रुटि में सुधार केवल निर्धारित ‘करेक्शन विंडो’ के दौरान ही संभव है। एनटीए स्कोर घोषित होने के बाद श्रेणी (Category/Sub-category) में किसी भी प्रकार का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जेईई एडवांस्ड में उपयोग: जेईई मेन 2027 के डेटाबेस में दर्ज की गई श्रेणी (Gen-EWS, OBC-NCL, SC, ST, PwD/PwBD) को ही जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced 2027) के लिए साझा किया जाएगा।
मूल प्रमाण पत्र का सत्यापन: सीट आवंटन (Seat Allocation) या प्रवेश के समय संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित प्रारूप में जारी मूल प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रमाण पत्र प्रस्तुत न करने पर उम्मीदवार का सीट आवंटन रद्द किया जा सकता है।
JEE Main 2027 Category Certificate Related Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रश्न 1: जेईई मेन 2027 के लिए ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट किस तारीख के बाद का होना चाहिए?
उत्तर: सीट आवंटन और काउंसलिंग के नियमों के अनुसार प्रमाण पत्र 01 अप्रैल 2026 या उसके बाद का जारी होना आवश्यक है, ताकि उसमें चालू वित्तीय वर्ष की आय स्थिति प्रमाणित हो सके।
प्रश्न 2: यदि मेरी जाति राज्य में ओबीसी है लेकिन केंद्रीय सूची में नहीं है, तो मुझे क्या भरना चाहिए?
उत्तर: यदि आपकी जाति भारत सरकार की केंद्रीय सूची (Central List) में नहीं है, तो आप केंद्रीय आरक्षण के पात्र नहीं हैं और आपको आवेदन पत्र में ‘General’ श्रेणी चुननी होगी।
प्रश्न 3: क्या जेईई मेन 2027 का फॉर्म भरते समय कैटेगरी सर्टिफिकेट अपलोड करना अनिवार्य है?
उत्तर: सामान्य रूप से फॉर्म भरते समय श्रेणी का चयन, प्रमाण पत्र संख्या और जारी करने की तिथि दर्ज करनी होती है, जबकि मूल प्रमाण पत्र काउंसलिंग व सीट आवंटन के समय प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है। दिव्यांग (PwD/PwBD) अभ्यर्थियों को अपना UDID प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड करना आवश्यक होता है।
प्रश्न 4: क्या रिजल्ट आने के बाद श्रेणी (Category) बदली जा सकती है?
उत्तर: नहीं, NTA स्कोर घोषित होने के बाद श्रेणी में किसी भी परिस्थिति में बदलाव स्वीकार नहीं किया जाता है। सुधार केवल आधिकारिक करेक्शन विंडो के दौरान ही किया जा सकता है।
प्रश्न 5: क्या जेईई मेन में भरी गई श्रेणी ही जेईई एडवांस्ड के लिए मान्य होगी?
उत्तर: हाँ, जेईई मेन पोर्टल पर दर्ज की गई श्रेणी और उप-श्रेणी का विवरण ही सीधे जेईई एडवांस्ड के डेटाबेस में उपयोग किया जाता है।
JEE Main 2027 Paper 1 vs Paper 2: JEE Main 2027 Paper 1 और Paper 2 (2A & 2B) में क्या अंतर है? दोनों papers के subjects, exam pattern, offline drawing test, exam timing और registration fees की पूरी जानकारी।
JEE Main 2027 Paper 1 vs Paper 2
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE Main) केवल इंजीनियरिंग (B.E./B.Tech) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में आर्किटेक्चर (B.Arch) और प्लानिंग (B.Planning) पाठ्यक्रमों में प्रवेश का भी एकमात्र जरिया है।
अक्सर 12वीं के छात्र आवेदन पत्र भरते समय इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि उन्हें केवल Paper 1 चुनना चाहिए, Paper 2 चुनना चाहिए या दोनों के लिए आवेदन करना चाहिए। Paper 1 मुख्य रूप से इंजीनियरिंग शाखाओं के लिए होता है, जबकि Paper 2 को दो अलग-अलग हिस्सों में विभाजित किया गया है—Paper 2A (B.Arch) और Paper 2B (B.Planning)। इन दोनों पेपर्स के विषयों, परीक्षा मोड (CBT व ऑफलाइन ड्राइंग), कुल प्रश्नों, परीक्षा अवधि और आवेदन शुल्क में काफी अंतर होता है। आइए इन दोनों पेपर्स के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से समझें।
Core Comparison: Paper 1, Paper 2A, and Paper 2B
Feature / Parameters
Paper 1 (B.E. / B.Tech.)
Paper 2A (B. Arch.)
Paper 2B (B. Planning)
Target Course
B.E. / B.Tech, Integrated M.Tech
Bachelor of Architecture (B.Arch)
Bachelor of Planning (B.Planning)
Subjects Included
Mathematics, Physics, Chemistry
Part-I: Mathematics Part-II: Aptitude Test Part-III: Drawing Test
Part-I: Mathematics Part-II: Aptitude Test Part-III: Planning Questions
जेईई मेन में विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए विषयों का विभाजन और उनका परीक्षा मोड अलग-अलग निर्धारित है। पेपर 1 और पेपर 2B पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) होते हैं, जबकि पेपर 2A (B.Arch) में गणित और एप्टीट्यूड ऑनलाइन होने के साथ-साथ ड्राइंग का टेस्ट ऑफलाइन A4 शीट पर लिया जाता है।
Paper & Course
Subject Breakdown & Structure
Exam Mode
Paper 1 (B.E. / B.Tech)
• Mathematics, Physics, Chemistry
• प्रत्येक विषय में 2 खंड होते हैं:
– Section A: 20 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
– Section B: 05 संख्यात्मक मान वाले प्रश्न (Numerical Value)
Computer Based Test (CBT)
Paper 2A (B.Arch)
• Part-I: Mathematics (20 MCQs + 05 Numerical Questions)
• Part-II: Aptitude Test (50 MCQs)
• Part-III: Drawing Test (02 प्रश्न – रेखाचित्र व डिज़ाइन)
Part-I व II: CBT Mode
Part-III: Offline Pen & Paper (A4 Sheet)
Duration & Timing Differences: Single vs Both Papers
परीक्षा की समय-सारणी इस बात पर निर्भर करती है कि छात्र ने केवल एक पेपर चुना है या B.Arch और B.Planning दोनों का संयुक्त विकल्प चुना है। दोनों पेपर्स एक साथ चुनने पर 30 मिनट का अतिरिक्त समय मिलता है। साथ ही, स्क्राइब की सुविधा वाले दिव्यांग (PwD/PwBD) अभ्यर्थियों को नियमानुसार 20 मिनट प्रति घंटे का अतिरिक्त समय दिया जाता है।
Selected Paper Option
Total Duration
First Shift Timing
Second Shift Timing
Single Paper Only (Paper 1 OR Paper 2A OR Paper 2B)
3 Hours (180 Minutes) (PwD: 4 Hours)
09:00 AM to 12:00 Noon
03:00 PM to 06:00 PM
Both Papers Together (Paper 2A: B.Arch & Paper 2B: B.Planning)
3 Hours 30 Minutes (210 Minutes)
09:00 AM to 12:30 PM
03:00 PM to 06:30 PM
Registration Fees: Single Paper vs Multiple Papers
उम्मीदवारों के लिए शुल्क संरचना उनके चुने गए पेपर्स के संयोजन (Combination) पर आधारित होती है:
Category of Candidate
Single Paper Only (Paper 1 OR 2A OR 2B)
Combination / Both Papers (e.g. Paper 1 & 2A / 2B)
General (Male)
Rs. 1,000
Rs. 2,000
General (Female)
Rs. 800
Rs. 1,600
Gen-EWS / OBC-NCL (Male)
Rs. 900
Rs. 2,000
Gen-EWS / OBC-NCL (Female)
Rs. 800
Rs. 1,600
SC / ST / PwD / PwBD (Male & Female)
Rs. 500
Rs. 1,000
Third Gender
Rs. 500
Rs. 1,000
Centres Outside India (All Categories)
Rs. 2,500 – Rs. 5,000
Rs. 5,000 – Rs. 10,000
How to Choose the Right Paper?
Paper 1 चुनें यदि: आपका लक्ष्य कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल जैसी कोर इंजीनियरिंग शाखाओं में B.Tech या B.E. करना है, या फिर आप JEE Advanced के जरिए IITs में जाना चाहते हैं।
Paper 2A चुनें यदि: आपको बिल्डिंग डिज़ाइन, स्केचिंग और वास्तुकला में रुचि है और आप 5 वर्षीय B.Arch कोर्स करना चाहते हैं।
Paper 2B चुनें यदि: आपकी रुचि शहरी नियोजन (Urban Planning), टाउन प्लानिंग, ट्रांसपोर्टेशन और पॉलिसी डिज़ाइन में है और आप 4 वर्षीय B.Planning कोर्स करना चाहते हैं।
Paper 1 और Paper 2 दोनों चुनें यदि: आप इंजीनियरिंग के साथ-साथ आर्किटेक्चर या प्लानिंग के विकल्प भी खुले रखना चाहते हैं। दोनों पेपर्स के लिए अलग-अलग एडमिट कार्ड और अलग-अलग शिफ्ट आवंटित किए जाते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रश्न 1: क्या पेपर 1 और पेपर 2 की परीक्षा एक ही दिन और एक ही शिफ्ट में होती है?
उत्तर: नहीं, NTA द्वारा पेपर 1 और पेपर 2 की परीक्षाएं अलग-अलग तिथियों या अलग-अलग शिफ्टों में आयोजित की जाती हैं। यदि आप दोनों फॉर्म भरते हैं, तो दोनों के लिए अलग समय आवंटित किया जाता है।
प्रश्न 2: क्या पेपर 2A (B.Arch) का ड्राइंग टेस्ट भी कंप्यूटर पर ऑनलाइन होता है?
उत्तर: नहीं, गणित और एप्टीट्यूड टेस्ट कंप्यूटर पर (CBT) होते हैं, लेकिन ड्राइंग टेस्ट ऑफलाइन पेन-पेपर मोड में A4 साइज की ड्राइंग शीट पर लिया जाता है।
प्रश्न 3: क्या B.Arch और B.Planning दोनों पेपर एक साथ दे सकते हैं?
उत्तर: हाँ, अभ्यर्थी Paper 2A और Paper 2B दोनों एक साथ दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में परीक्षा की कुल अवधि 3 घंटे 30 मिनट (210 मिनट) होती है।
प्रश्न 4: क्या पेपर 2 देने वाले छात्र JEE Advanced के लिए पात्र होते हैं?
उत्तर: नहीं, JEE Advanced के लिए पात्रता केवल Paper 1 (B.E./B.Tech) में प्राप्त अंकों और कटऑफ रैंक के आधार पर निर्धारित की जाती है।
प्रश्न 5: क्या दोनों पेपर्स भरने पर अलग-अलग फॉर्म भरना पड़ता है?
उत्तर: नहीं, आपको अलग से दूसरा फॉर्म नहीं भरना होता। एक ही ऑनलाइन आवेदन पत्र में ‘Apply For’ विकल्प के तहत आप Paper 1, Paper 2A, Paper 2B या इनके किसी भी संयोजन को चुन सकते हैं।
JEE Main 2027 Exam Pattern: जानें 13 भाषाओं की आधिकारिक सूची, द्विभाषी (Bilingual) पेपर प्रारूप, कंप्यूटर स्क्रीन पर भाषा बदलने (Toggle) के नियम और अंग्रेजी अनुवाद प्राथमिकता की पूरी जानकारी।
JEE Main 2027 Exam Pattern
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा संयुक्त प्रवेश परीक्षा यानी जेईई मेन 2027 को बहुभाषी प्रारूप में आयोजित किया जा रहा है। हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के बीच अक्सर यह दुविधा रहती है कि क्या जेईई मेन का पेपर हिंदी में देना सुरक्षित है, कंप्यूटर स्क्रीन पर प्रश्न किस भाषा में दिखेंगे, और यदि हिंदी अनुवाद में कोई तकनीकी त्रुटि या विसंगति हो तो क्या नियम लागू होते हैं।
एनटीए के आधिकारिक इन्फॉर्मेशन बुलेटिन के अनुसार, जेईई मेन 2027 कुल 13 क्षेत्रीय और राष्ट्रीय भाषाओं में आयोजित किया जाएगा। हिंदी माध्यम का चयन करने वाले अभ्यर्थियों को पूरा प्रश्न पत्र द्विभाषी (Bilingual) प्रारूप में मिलता है, जिसका अर्थ है कि प्रश्न स्क्रीन पर हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध रहते हैं। नीचे इस परीक्षा के माध्यम, भाषा चयन और कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के सभी नियमों को विस्तार से समझाया गया है।
JEE Main 2027 Exam Pattern: List of 13 Examination Languages & Centre Availability
S.No.
Medium of Examination
Applicable Examination Centres
1
English
All Examination Centres in India and Outside India
2
English and Hindi
All Examination Centres in India
3
English and Urdu
All Examination Centres in India
4
English and Assamese
Examination Centres in Assam
5
English and Bengali
Centres in West Bengal, Tripura, and Andaman & Nicobar Islands
6
English and Gujarati
Centres in Gujarat, Daman & Diu, Dadra & Nagar Haveli
7
English and Kannada
Examination Centres in Karnataka
8
English and Malayalam
Centres in Kerala and Lakshadweep
9
English and Marathi
Examination Centres in Maharashtra
10
English and Odia
Examination Centres in Odisha
11
English and Punjabi
Centres in Punjab, Chandigarh, Delhi/NCR (Faridabad, Ghaziabad, Gurugram, Noida, Meerut)
12
English and Tamil
Centres in Tamil Nadu, Puducherry, and Andaman & Nicobar Islands
13
English and Telugu
Centres in Andhra Pradesh and Telangana
JEE Main 2027 Exam Pattern: Bilingual Question Paper Format for Hindi Medium
जब कोई अभ्यर्थी आवेदन पत्र भरते समय प्रश्न पत्र के माध्यम के रूप में ‘Hindi’ का चयन करता है, तो उसे मिलने वाला प्रश्न पत्र द्विभाषी (Bilingual) होता है:
हिंदी और अंग्रेजी दोनों का समन्वय: जो छात्र हिंदी माध्यम चुनते हैं, उन्हें प्रश्न केवल हिंदी में ही नहीं, बल्कि अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराए जाते हैं।
तकनीकी शब्दावली में आसानी: भौतिकी और रसायन विज्ञान के कई वैज्ञानिक शब्द (जैसे Resonance, Viscosity, Enthalpy) हिंदी में समझने में कभी-कभी कठिन लग सकते हैं। द्विभाषी प्रारूप की वजह से छात्र उसी समय उस शब्द का अंग्रेजी रूप भी देख सकते हैं।
अखिल भारतीय केंद्र सुविधा: अंग्रेजी और हिंदी माध्यम का विकल्प भारत के सभी परीक्षा केंद्रों पर समान रूप से उपलब्ध रहता है, जबकि अन्य क्षेत्रीय भाषाएं केवल संबंधित राज्यों के केंद्रों पर ही मान्य होती हैं।
English Version Precedence Rule (सबसे महत्वपूर्ण नियम)
हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए इस नियम को समझना अत्यंत अनिवार्य है:
विवाद की स्थिति में निर्णय: आधिकारिक बुलेटिन के नियम 2.2 के अनुसार, यदि किसी प्रश्न के हिंदी अनुवाद और उसके अंग्रेजी मूल रूप में कोई अंतर, अस्पष्टता या विरोधाभास पाया जाता है, तो ऐसी स्थिति में अंग्रेजी संस्करण (English version) को ही अंतिम और मान्य माना जाएगा।
छात्रों के लिए व्यावहारिक सलाह: यदि किसी प्रश्न को हल करते समय आपको लगता है कि वाक्य का अर्थ स्पष्ट नहीं हो रहा है या किसी डेटा में विसंगति लग रही है, तो स्क्रीन पर तुरंत उस प्रश्न का अंग्रेजी संस्करण जांच लें। परीक्षा में दिए गए विकल्पों का मूल्यांकन अंग्रेजी भाषा के आधार पर ही किया जाता है।
JEE Main 2027 Exam Pattern: CBT Mode Screen Language Toggle Options
कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) देते समय कंप्यूटर स्क्रीन पर भाषा नियंत्रण किस प्रकार कार्य करता है:
डिफ़ॉल्ट भाषा (Default Language): परीक्षा शुरू होते ही स्क्रीन पर प्रश्न उसी भाषा में दिखाई देगा जो आपने ऑनलाइन आवेदन पत्र भरते समय चुनी थी।
भाषा बदलने का विकल्प (Language Dropdown / Toggle): कंप्यूटर स्क्रीन के ऊपरी दाएं कोने (Top Right Corner) पर व्यूइंग लैंग्वेज (Viewing Language) का एक ड्रॉपडाउन मेनू रहता है। आप परीक्षा के दौरान किसी भी समय किसी विशिष्ट प्रश्न के लिए भाषा को हिंदी से अंग्रेजी या अंग्रेजी से हिंदी में बदल (Toggle) सकते हैं।
माध्यम बदलने की अंतिम सीमा: बुलेटिन के अनुसार, प्रश्न पत्र की भाषा का चयन ऑनलाइन आवेदन भरते समय ही ध्यानपूर्वक करना चाहिए। आवेदन सुधार विंडो (Correction Window) समाप्त होने के बाद परीक्षा के माध्यम में किसी भी प्रकार का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाता है। परीक्षा हॉल में भी छात्र को वही माध्यम चुनना होता है जो उसने फॉर्म में भरा था।
JEE Main 2027 Exam Scheme & Marking Rules
Component / Parameters
Official Examination Scheme & Rules
Paper Pattern (विषय व प्रश्न संरचना)
Subject Division (विषय विभाजन)
प्रत्येक विषय (भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान एवं गणित) को दो भागों में बांटा गया है।
Section A (खंड ‘अ’)
20 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) — सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
Section B (खंड ‘ब’)
संख्यात्मक मान वाले प्रश्न (Numerical Value Questions) — उत्तर निकटतम पूर्णांक में वर्चुअल कीपैड द्वारा दर्ज करना होता है।
Marking Scheme (अंकन योजना)
Correct Answer (सही उत्तर)
+4 अंक प्रत्येक सही उत्तर के लिए प्रदान किए जाते हैं।
Incorrect Answer (गलत उत्तर)
-1 अंक नकारात्मक अंकन (Negative Marking) सेक्शन A और B दोनों में लागू है।
Unanswered / Dropped (अनुत्तरित प्रश्न)
0 अंक बिना हल किए छोड़े गए प्रश्नों के लिए कोई अंक नहीं काटा जाता।
Exam Duration (परीक्षा की समय अवधि)
Standard Candidates (सामान्य अभ्यर्थी)
3 घंटे (180 मिनट)।
PwD / PwBD Candidates (दिव्यांग अभ्यर्थी)
4 घंटे (240 मिनट) — स्क्राइब हेतु पात्र छात्रों को प्रति घंटा 20 मिनट का अतिरिक्त प्रतिपूरक समय।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रश्न 1: क्या जेईई मेन 2027 का पेपर केवल हिंदी में आता है या द्विभाषी होता है?
उत्तर: यदि आप फॉर्म में हिंदी माध्यम चुनते हैं, तो आपका प्रश्न पत्र द्विभाषी (Bilingual – हिंदी और अंग्रेजी दोनों में) उपलब्ध कराया जाता है।
प्रश्न 2: यदि किसी प्रश्न के हिंदी अनुवाद में कोई गलती हो, तो क्या बोनस अंक मिलते हैं?
उत्तर: नहीं, NTA के आधिकारिक नियम के अनुसार किसी भी अनुवाद विसंगति या विवाद की स्थिति में केवल अंग्रेजी संस्करण को ही अंतिम और प्रामाणिक माना जाता है। इसलिए संदेह होने पर हमेशा अंग्रेजी प्रश्न जरूर पढ़ें।
प्रश्न 3: क्या परीक्षा के दौरान कंप्यूटर स्क्रीन पर भाषा बदली जा सकती है?
उत्तर: हाँ, कंप्यूटर स्क्रीन पर दिए गए व्यूइंग लैंग्वेज (Language Toggle) विकल्प से आप किसी भी प्रश्न को हल करते समय उसकी भाषा को हिंदी और अंग्रेजी के बीच बदल सकते हैं।
प्रश्न 4: क्या हिंदी माध्यम चुनने से परीक्षा केंद्र के आवंटन पर कोई प्रभाव पड़ता है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। अंग्रेजी और हिंदी माध्यम के प्रश्न पत्र भारत के सभी परीक्षा केंद्रों पर उपलब्ध रहते हैं।
प्रश्न 5: क्या फॉर्म सबमिट होने के बाद माध्यम बदला जा सकता है?
उत्तर: माध्यम केवल NTA द्वारा दी जाने वाली एप्लीकेशन करेक्शन विंडो के बंद होने से पहले तक ही बदला जा सकता है। उसके बाद किसी भी परिस्थिति में माध्यम बदलने का अनुरोध स्वीकार नहीं होता।
75% Criteria JEE Mains 2027: क्या 12वीं में 75% से कम नंबर होने पर जेईई मेन फॉर्म भर सकते हैं? जानिए परीक्षा में बैठने और एनआईटी/आईआईटी एडमिशन नियमों में अंतर, टॉप 20 पर्सेंटाइल कटऑफ और सुधार परीक्षा के विकल्प।
75% Criteria JEE Mains 2027 vs Top 20 Percentile Rule
जेईई मेन 2027 की तैयारी कर रहे छात्रों, विशेषकर यूपी बोर्ड और अन्य स्टेट बोर्ड्स के हिंदी माध्यम विद्यार्थियों के मन में 12वीं के बोर्ड अंकों को लेकर काफी असमंजस रहता है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी आधिकारिक इन्फॉर्मेशन बुलेटिन के अनुसार, केवल जेईई मेन परीक्षा में बैठने (Appearing) के लिए 12वीं में कोई न्यूनतम प्रतिशत बाध्यता नहीं है।
लेकिन जब बात राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIITs) और अन्य केंद्रीय वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों (CFTIs) में सीट आवंटन और अंतिम प्रवेश की आती है, तब केंद्रीय सीट आवंटन बोर्ड (CSAB) और जोसा (JoSAA) की पात्रता शर्तें लागू होती हैं। इन संस्थानों में बी.टेक और बी.ई. में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को कक्षा 12वीं में या तो कम से कम 75% कुल अंक (Aggregate Marks) लाने होते हैं या फिर अपने संबंधित बोर्ड की टॉप 20 पर्सेंटाइल (Top 20 Percentile) सूची में स्थान प्राप्त करना होता है। आइए इस पूरे नियम को आसान और व्यावहारिक भाषा में समझें।
JEE Main 2027 Complete Eligibility Matrix for Admission (NITs / IIITs / CFTIs)
Candidate Category
Minimum Aggregate Marks
Alternative Board Criteria
General / GEN-EWS
75% Aggregate in Class 12th
Within Top 20 Percentile of Respective Board
OBC (NCL)
75% Aggregate in Class 12th
Within Top 20 Percentile of Respective Board
SC / ST Category
65% Aggregate in Class 12th
Within Top 20 Percentile of Respective Board
PwD / PwBD Category
65% Aggregate in Class 12th
Within Top 20 Percentile of Respective Board
Exam Eligibility vs Admission Eligibility (The Real Difference)
कई छात्रों को यह गलतफहमी होती है कि यदि उनके 12वीं में 75% अंक नहीं हैं, तो वे जेईई मेन 2027 का फॉर्म ही नहीं भर सकते।
परीक्षा में बैठने के नियम (To Appear in Exam): NTA के अनुसार जेईई मेन 2027 परीक्षा में शामिल होने के लिए 12वीं में कोई न्यूनतम प्रतिशत अनिवार्य नहीं है। यदि आप 12वीं केवल 33% अंकों के साथ पास हैं या 2027 में 12वीं की परीक्षा दे रहे हैं, तो भी आप परीक्षा में बैठ सकते हैं और अपनी रैंक ला सकते हैं।
एडमिशन के नियम (For Final Admission): 75% का नियम केवल JoSAA/CSAB काउंसलिंग के समय NITs, IIITs और CFTIs में सीट लॉक करते समय लागू होता है। राज्य सरकार के कई इंजीनियरिंग कॉलेज और निजी विश्वविद्यालय (Private Universities) केवल जेईई मेन के स्कोर/रैंक के आधार पर एडमिशन देते हैं, जहां 75% की बाध्यता नहीं होती।
What is the Top 20 Percentile Rule and How is it Calculated?
टॉप 20 पर्सेंटाइल नियम मुख्य रूप से स्टेट बोर्ड्स (जैसे यूपी बोर्ड, बिहार बोर्ड, राजस्थान बोर्ड) के छात्रों को राहत देने के लिए बनाया गया है। केंद्रीय बोर्ड्स (जैसे CBSE या ISC) की तुलना में कई राज्य बोर्ड्स में मार्किंग सख्त होती है, जहाँ छात्रों के लिए 75% अंक लाना बेहद कठिन हो जाता है।
पर्सेंटाइल की परिभाषा: टॉप 20 पर्सेंटाइल का अर्थ यह नहीं है कि आपको 80% नंबर लाने हैं। इसका अर्थ यह है कि संबंधित शैक्षणिक वर्ष में आपके बोर्ड से जितने भी छात्र पास हुए हैं, उनमें से शीर्ष 20% छात्रों के बराबर या उससे अधिक अंक आपके होने चाहिए।
कटऑफ का निर्धारण: प्रत्येक बोर्ड हर साल श्रेणीवार (General, OBC-NCL, SC, ST) टॉप 20 पर्सेंटाइल के कटऑफ अंक जारी करता है।
पात्रता का उदाहरण: यदि यूपी बोर्ड में किसी वर्ष जनरल कैटेगरी की टॉप 20 पर्सेंटाइल कटऑफ 500 में से 360 अंक (यानी 72%) जाती है, और आपके 73% अंक हैं, तो आप 75% न होने के बावजूद भी एनआईटी और आईआईटी में प्रवेश के लिए पूरी तरह पात्र माने जाएंगे।
5-Subject Aggregate Calculation for Engineering Admissions
75% या टॉप 20 पर्सेंटाइल की गणना करते समय पूरे विषयों के अंक नहीं जोड़े जाते, बल्कि JoSAA नियमों के अनुसार केवल 5 मुख्य विषयों के अंकों को शामिल किया जाता है:
भौतिक विज्ञान (Physics)
गणित (Mathematics)
रसायन विज्ञान (Chemistry), जीव विज्ञान (Biology), बायोटेक्नोलॉजी या कोई तकनीकी व्यावसायिक विषय
कोई एक भाषा (Language Subject) (जैसे हिंदी या अंग्रेजी)
कोई अन्य पांचवां विषय (Any Other Subject) जिसमें छात्र के सर्वाधिक अंक हों
यदि किसी छात्र ने 6 विषय लिए हैं, तो फिजिक्स, मैथ्स, केमिस्ट्री और लैंग्वेज के अलावा बचे हुए दो विषयों में से जिसमें सबसे ज्यादा नंबर होंगे, उसी को पांचवें विषय के रूप में गिना जाएगा।
Special Guide for UP Board Students (80:20 Pattern Impact)
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षाओं में ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं:
नया 80:20 मार्किंग सिस्टम: गैर-प्रैक्टिकल विषयों (जैसे हिंदी, अंग्रेजी और गणित) में अब 80 अंक की लिखित परीक्षा और 20 अंक स्कूल स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) के होंगे। वहीं फिजिक्स और केमिस्ट्री में 70 अंक लिखित व 30 अंक प्रैक्टिकल का पुराना नियम जारी रहेगा।
इंटरनल असेसमेंट का लाभ: 20 अंकों के आंतरिक मूल्यांकन से यूपी बोर्ड के छात्रों का कुल प्रतिशत सुधरेगा, जिससे 75% का आंकड़ा छूना पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा।
कटऑफ पर नजर: यूपी बोर्ड के छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बोर्ड द्वारा जारी टॉप 20 पर्सेंटाइल कटऑफ को समय पर चेक करें। यदि किसी कारणवश आपके 75% नहीं बन पाते हैं, तो टॉप 20 पर्सेंटाइल आपके लिए लाइफलाइन का काम करता है।
What to Do if You Score Less Than 75% in Class 12th?
यदि किसी अभ्यर्थी के 12वीं में 75% अंक नहीं बन पाते हैं और वह टॉप 20 पर्सेंटाइल में भी नहीं आता है, तो उसके पास निम्नलिखित विकल्प होते हैं:
इम्प्रूवमेंट परीक्षा (Improvement Exam): छात्र अपने संबंधित बोर्ड से इम्प्रूवमेंट परीक्षा देकर अपने अंक बढ़ा सकता है। हालांकि, JoSAA नियमों के अनुसार यदि आप टॉप 20 पर्सेंटाइल का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको सभी विषयों की इम्प्रूवमेंट परीक्षा एक ही वर्ष में देनी होती है।
अन्य प्रतिष्ठित संस्थान: कई बेहतरीन तकनीकी संस्थान (जैसे राज्य सरकार के इंजीनियरिंग कॉलेज, DTU, NSUT, कई ट्रिपल आईटी और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज) 60% या केवल पासिंग मार्क्स पर जेईई मेन की रैंक के आधार पर प्रवेश देते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रश्न 1: क्या 12वीं में 75% से कम अंक होने पर जेईई मेन 2027 का फॉर्म भर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, बिल्कुल। NTA बुलेटिन के अनुसार परीक्षा में बैठने के लिए केवल 12वीं उत्तीर्ण होना या 2027 में परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। परीक्षा देने के लिए कोई न्यूनतम अंक सीमा नहीं है।
प्रश्न 2: एससी और एसटी वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम कितने प्रतिशत अंक आवश्यक हैं?
उत्तर: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग (PwBD) वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 65% कुल अंक या अपने बोर्ड की टॉप 20 पर्सेंटाइल में आना अनिवार्य है।
प्रश्न 3: क्या ओबीसी (OBC-NCL) और ईडब्ल्यूएस (EWS) को 75% में कोई छूट मिलती है?
उत्तर: नहीं, ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों को सामान्य वर्ग के समान ही कम से कम 75% अंक या टॉप 20 पर्सेंटाइल की शर्त पूरी करनी होती है।
प्रश्न 4: टॉप 20 पर्सेंटाइल का मतलब क्या 80% अंक लाना होता है?
उत्तर: नहीं, इसका मतलब यह है कि आपका स्कोर आपके राज्य बोर्ड के सफल छात्रों के शीर्ष 20 प्रतिशत के कटऑफ अंक के बराबर या उससे अधिक होना चाहिए, जो अक्सर 75% से कम ही रहता है।
JEE Mains 2027 Eligibility Criteria: Jaanein 12th passing year eligibility 2027, JEE Main age limit, drop year rules, 2024 pass-outs kyu eligible nahi hain aur attempt limit ke niyam.
JEE Mains 2027 Eligibility Criteria
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी आधिकारिक इन्फॉर्मेशन बुलेटिन के अनुसार, देश के शीर्ष इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर संस्थानों (NITs, IIITs, CFTIs) में प्रवेश के लिए जेईई मेन 2027 की पात्रता और योग्यता शर्तें तय की गई हैं।
जेईई मेन परीक्षा का फॉर्म भरने से पहले हर छात्र के लिए यह जानना सबसे जरूरी है कि क्या वह इस परीक्षा में बैठने के योग्य है या नहीं। कई बार छात्र 12वीं उत्तीर्ण करने के वर्ष (Passing Year), ड्रॉप ईयर (Drop Year) और उम्र की सीमा को लेकर उलझन में रहते हैं। बुलेटिन में स्पष्ट किया गया है कि केवल वे उम्मीदवार जो निर्धारित वर्षों में 12वीं उत्तीर्ण कर चुके हैं या कर रहे हैं, वही इसमें शामिल हो सकते हैं। नीचे पात्रता और योग्यता से जुड़े सभी नियमों को सरल शब्दों में समझाया गया है।
JEE Mains 2027 Eligibility Criteria: Age Limit, and 12th Qualification
Eligibility Criteria
Official Rules (NTA Bulletin)
Status
Age Limit
No age limit for appearing in JEE (Main) – 2027
No Bar
Appearing in Class 12th (2027)
Students appearing for board exams in 2027
Eligible
Passed Class 12th in 2026
First drop year candidates passed in 2026
Eligible
Passed Class 12th in 2025
Second drop year candidates passed in 2025
Eligible
Passed Class 12th in 2024 or Earlier
Candidates who passed class 12th in 2024 or before
Not Eligible
State of Eligibility
Determined by the State where Class 12th was passed
School Based
Age Limit Criteria for JEE Main 2027
एनटीए के सूचना बुलेटिन के अनुसार जेईई मेन 2027 परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों की कोई आयु सीमा (Age Limit) निर्धारित नहीं की गई है।
उम्मीदवार की उम्र चाहे जो भी हो, यदि वह शैक्षणिक योग्यता के नियमों को पूरा करता है, तो वह परीक्षा में बैठ सकता है।
हालांकि, बुलेटिन में यह स्पष्ट किया गया है कि जिस संस्थान (Institute/University) में अभ्यर्थी प्रवेश लेना चाहता है, उस संस्थान के अपने विशेष आयु संबंधी नियम हो सकते हैं, जिनका पालन करना उम्मीदवार के लिए आवश्यक होगा।
Year of Passing in Qualifying Examination (Class 12th)
जेईई मेन 2027 के लिए 12वीं उत्तीर्ण करने के वर्ष को लेकर कड़े नियम लागू किए गए हैं:
पात्र छात्र: केवल वे अभ्यर्थी जिन्होंने वर्ष 2025 या 2026 में कक्षा 12वीं या उसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की है, अथवा जो वर्ष 2027 में 12वीं की परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं (Appearing), वे ही जेईई मेन 2027 के लिए पात्र हैं।
अपात्र छात्र: जिन उम्मीदवारों ने कक्षा 12वीं या समकक्ष परीक्षा वर्ष 2024 या उससे पहले पास की है, वे जेईई मेन 2027 परीक्षा में बैठने के पात्र नहीं हैं।
2027 में परीक्षा देने वाले छात्र: जो छात्र वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, वे आवेदन पत्र भरते समय अपने रोल नंबर, पंजीकरण संख्या या नामांकन संख्या दर्ज कर सकते हैं।
First Attempt Definition & Improvement Exam Rules
बुलेटिन में यह विशेष रूप से स्पष्ट किया गया है कि 12वीं उत्तीर्ण करने का वर्ष किसे माना जाएगा:
प्रथम उत्तीर्ण वर्ष (First Pass Result): 12वीं कक्षा (या समकक्ष परीक्षा) के उत्तीर्ण वर्ष का अर्थ वह वर्ष है, जिसमें उम्मीदवार का परिणाम पहली बार ‘पास’ (Pass) घोषित किया गया था।
अतिरिक्त विषय का उदाहरण: यदि किसी छात्र ने वर्ष 2025 में भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान (PCB) के साथ 12वीं पास की और बाद में वर्ष 2026 में अतिरिक्त गणित (Mathematics) विषय के साथ 12वीं पास की, तो जेईई मेन के लिए उस छात्र का उत्तीर्ण वर्ष 2025 ही माना जाएगा।
इम्प्रूवमेंट परीक्षा (Improvement Attempt): 12वीं के अंकों या प्रतिशत में सुधार के लिए दिए गए किसी भी इम्प्रूवमेंट प्रयास को पहला प्रयास नहीं माना जाएगा। उत्तीर्ण वर्ष वही रहेगा जब उम्मीदवार मूल रूप से पहली बार पास हुआ था।
Drop Year Rules and Total Attempt Limits
जेईई मेन परीक्षा के प्रयासों और ड्रॉप ईयर को लेकर नियम स्पष्ट हैं:
लगातार 3 वर्षों का नियम: कोई भी अभ्यर्थी अपनी 12वीं उत्तीर्ण करने वाले वर्ष से लेकर लगातार 3 वर्षों तक ही जेईई मेन की परीक्षा दे सकता है।
ड्रॉप ईयर की गणना:
वर्ष 2027 Appearing: यह छात्रों का पहला वर्ष (First Attempt) होगा।
वर्ष 2026 Pass-out (1st Drop Year): ये छात्र पूरी तरह पात्र हैं।
वर्ष 2025 Pass-out (2nd Drop Year): ये छात्र भी जेईई मेन 2027 के लिए पात्र हैं और यह उनका अंतिम प्रयास होगा।
वर्ष 2024 Pass-out (3rd Drop Year): ये छात्र अब जेईई मेन 2027 नहीं दे सकते क्योंकि इनके 3 वर्ष पूरे हो चुके हैं।
सत्र 1 और सत्र 2: एक ही शैक्षणिक वर्ष में आयोजित होने वाले दोनों सत्र (जनवरी और अप्रैल) मिलकर केवल 1 वर्ष का प्रयास माने जाते हैं। अभ्यर्थी दोनों सत्र दे सकते हैं, और मेरिट लिस्ट के लिए दोनों में से बेस्ट स्कोर चुना जाता है।
State Code of Eligibility: Rules You Must Know
आवेदन पत्र भरते समय ‘स्टेट कोड ऑफ एलिजिबिलिटी’ का चयन ध्यानपूर्वक करना आवश्यक है:
स्कूल का राज्य: स्टेट कोड ऑफ एलिजिबिलिटी उस राज्य का कोड होता है जहाँ से उम्मीदवार ने कक्षा 12वीं (या समकक्ष) परीक्षा उत्तीर्ण की है।
निवास स्थान पर निर्भर नहीं: यह कोड अभ्यर्थी के मूल निवास स्थान (Native Place) या रहने के पते (Permanent/Present Residence) पर बिल्कुल भी निर्भर नहीं करता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई छात्र बिहार का रहने वाला है लेकिन उसने 12वीं की परीक्षा उत्तर प्रदेश के स्कूल से पास की है, तो उसका स्टेट कोड ऑफ एलिजिबिलिटी उत्तर प्रदेश ही होगा।
एनआईटी होम स्टेट कोटा: यही स्टेट कोड एनआईटी (NITs) और अन्य केंद्रीय संस्थानों में 50% होम स्टेट कोटे के तहत सीट आवंटन के लिए उपयोग किया जाता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रश्न 1: जेईई मेन 2027 परीक्षा देने के लिए क्या कोई अधिकतम आयु सीमा है?
उत्तर: नहीं, NTA द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार जेईई मेन 2027 परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों की कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं है।
प्रश्न 2: क्या वर्ष 2024 में 12वीं पास करने वाले छात्र जेईई मेन 2027 दे सकते हैं?
उत्तर: नहीं, आधिकारिक नियमावली के अनुसार 2024 या उससे पहले 12वीं पास कर चुके छात्र जेईई मेन 2027 के लिए पात्र नहीं हैं।
प्रश्न 3: जेईई मेन परीक्षा कुल कितने वर्षों तक दी जा सकती है?
उत्तर: उम्मीदवार 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के वर्ष सहित लगातार 3 वर्षों तक जेईई मेन परीक्षा में बैठ सकते हैं।
प्रश्न 4: मैंने 2026 में 12वीं पास की और 2027 में इम्प्रूवमेंट दे रहा हूँ, मेरा पासिंग ईयर क्या होगा?
उत्तर: आपका पासिंग ईयर 2026 ही माना जाएगा, क्योंकि NTA नियमों के अनुसार पहली बार ‘पास’ घोषित होने वाले वर्ष को ही उत्तीर्ण वर्ष माना जाता है और इम्प्रूवमेंट को पहला प्रयास नहीं माना जाता।
प्रश्न 5: क्या 2027 में 12वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, जो छात्र वर्ष 2027 में 12वीं बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित हो रहे हैं, वे फॉर्म में अपना रोल नंबर या पंजीकरण संख्या दर्ज करके आवेदन कर सकते हैं।
प्रश्न 6: स्टेट कोड ऑफ एलिजिबिलिटी क्या मेरे आधार कार्ड के पते से तय होता है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं, स्टेट कोड ऑफ एलिजिबिलिटी केवल उस राज्य से तय होता है जहाँ से आपने 12वीं बोर्ड की परीक्षा उत्तीर्ण की है, न कि आपके रहने के स्थान या निवास प्रमाण पत्र से।
NTA JEE Main 2027 registration me APAAR ID aur DigiLocker verification kaise kare? Janein MeriPehchaan portal, non-Aadhaar verification ke alternate options aur step-by-step aasan tarika.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जेईई मेन 2027 के रजिस्ट्रेशन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और आसान बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सिंगल साइन-ऑन (SSO) प्लेटफॉर्म ‘मेरी पहचान’ (MeriPehchaan) को एकीकृत किया है। इस नई व्यवस्था के तहत छात्रों को बार-बार अपनी पहचान साबित करने की जरूरत नहीं पड़ती।
फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों को डिजिटल पहचान सत्यापन (Authentication) के लिए कई विकल्प दिए गए हैं, जिनमें DigiLocker, JanParichay, e-Pramaan और APAAR ID प्रमुख हैं। हालांकि, कई हिंदी माध्यम के छात्रों को यह समझ नहीं आता कि APAAR ID क्या है, इसे कैसे बनाना है, या अगर उनके पास DigiLocker खाता नहीं है तो वे बिना किसी परेशानी के फॉर्म कैसे भर सकते हैं। इस गाइड में आपके इन सभी सवालों के आसान जवाब दिए गए हैं।
What is APAAR ID / ABC ID and Why is it Required?
भारत सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत ‘अपार आईडी’ (APAAR ID – Automated Permanent Academic Account Registry) की शुरुआत की गई है, जिसे पहले एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC ID) के रूप में भी जाना जाता था। यह देश भर के प्रत्येक छात्र के लिए 12 अंकों की एक यूनिक डिजिटल पहचान संख्या होती है।
एकल डिजिटल पहचान: यह छात्र के स्कूल से लेकर कॉलेज तक के सभी शैक्षणिक रिकॉर्ड, मार्कशीट और प्रमाण पत्रों को डिजिटल रूप से एक जगह सुरक्षित रखती है।
जेईई मेन में उपयोग: जेईई मेन 2027 के ऑनलाइन फॉर्म के स्टेप्स में ‘Register APAAR ID’ का एक अलग सेक्शन दिया गया है, जहां अभ्यर्थियों से पूछा जाता है कि क्या उनके पास APAAR ID उपलब्ध है।
सुगम सत्यापन: अपार आईडी होने से उच्च शिक्षण संस्थानों (जैसे NITs, IIITs) में काउंसलिंग और एडमिशन के समय आपके डॉक्यूमेंट्स का सत्यापन बेहद तेजी से और बिना किसी कागजी झंझट के हो जाता है।
Authentication Modes in JEE Main 2027
NTA द्वारा विभिन्न पहचान माध्यमों के तहत छात्रों को सुविधा दी गई है:
Authentication Mode
Details & Requirements
Recommended For
DigiLocker Login
MeriPehchaan portal se direct e-KYC dwara data fetch hota hai
Fastest & Preferred
APAAR ID / ABC ID
Academic account se linked 12-digit digital student identity
School / College Registered
Standard Government e-KYC
Aadhaar card, PAN card ya Driving License dwara verification
Commonly Used
Non-Aadhaar Verification
Valid passport ya authorized identity document ke dwara login
Foreign / Non-Aadhaar Candidates
How to Create APAAR ID (Step-by-Step Process)
यदि आपके स्कूल या कॉलेज ने अभी तक आपकी APAAR ID नहीं बनाई है, तो आप इसे खुद भी DigiLocker के माध्यम से कुछ ही मिनटों में बना सकते हैं:
डिजीलॉकर पोर्टल खोलें: सबसे पहले digilocker.gov.in पर जाएं या डिजीलॉकर मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।
सर्च बार में जाएं: सर्च ऑप्शन में जाकर ‘Academic Bank of Credits’ या ‘APAAR’ टाइप करें।
‘APAAR ID / ABC ID’ कार्ड चुनें: शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) द्वारा जारी कार्ड पर क्लिक करें।
विवरण दर्ज करें: अपना पूरा नाम, जन्म तिथि और लिंग दर्ज करें (यह आपके आधार और 10वीं की मार्कशीट से मेल खाना चाहिए)।
इंस्टीट्यूशन विवरण चुनें: अपने स्कूल/बोर्ड का नाम और रोल नंबर दर्ज करें।
आईडी जनरेट करें: ‘Get Document’ पर क्लिक करें। आपका 12 अंकों का APAAR ID जनरेट हो जाएगा, जिसे आप भविष्य के लिए नोट करके रख सकते हैं।
Step-by-Step DigiLocker Login in JEE Main Registration
मेरी पहचान (MeriPehchaan) राष्ट्रीय सिंगल साइन-ऑन प्लेटफॉर्म के जरिए डिजीलॉकर से आवेदन करने का तरीका बहुत सीधा है:
आधिकारिक पोर्टल पर जाएं: NTA JEE Main की आधिकारिक वेबसाइट (jeemain.nta.nic.in) पर जाएं और “New Candidate Register Here” पर क्लिक करें।
पहचान विकल्प चुनें: पंजीकरण पेज पर ‘Login through MeriPehchaan / DigiLocker’ का विकल्प चुनें।
लॉगिन और प्रमाणीकरण: अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर और पिन दर्ज करके लॉग-इन करें।
ओटीपी सत्यापन: आपके मोबाइल पर आने वाले 6 अंकों के सुरक्षा कोड (OTP) को दर्ज करके अनुमति (Consent) दें।
डेटा ऑटो-फैच: आपका नाम, जन्म तिथि और बुनियादी जानकारी सिस्टम द्वारा स्वतः ले ली जाएगी।
पासवर्ड बनाएं: अब 8 से 13 अक्षरों का एक मजबूत पासवर्ड बनाएं जिसमें कैपिटल लेटर, स्मॉल लेटर, नंबर और स्पेशल कैरेक्टर शामिल हों।
Non-Aadhaar Verification & Alternate Options
यदि किसी छात्र के पास आधार कार्ड या डिजीलॉकर खाता नहीं है, तो घबराने की कोई बात नहीं है। NTA ऐसे छात्रों के लिए भी स्पष्ट विकल्प प्रदान करता है:
वैकल्पिक पहचान पत्र: छात्र पैन कार्ड (PAN Card), ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License), पासपोर्ट (Passport) या अन्य वैध सरकारी फोटो पहचान पत्र के माध्यम से अपना सत्यापन पूरा कर सकते हैं।
विदेशी या ओसीआई उम्मीदवार: विदेशी नागरिक या OCI छात्र अपने नॉन-इंडियन पासपोर्ट (Non-Indian Passport) का उपयोग करके सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए 50 kB से 300 kB साइज की पीडीएफ फाइल अपलोड करनी होती है।
परीक्षा केंद्र पर जल्दी पहुंचना अनिवार्य: यदि आप गैर-आधार माध्यम से फॉर्म भरते हैं, तो परीक्षा के दिन बायोमेट्रिक जांच और भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के लिए आपको परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से लगभग एक घंटा पहले पहुंचना होगा ताकि कोई असुविधा न हो।
Common Student Doubts & Solutions
क्या APAAR ID के बिना फॉर्म रिजेक्ट हो जाएगा?नहीं, फॉर्म में APAAR ID दर्ज करने का विकल्प दिया गया है। यदि आपके पास वर्तमान में आईडी नहीं है, तो आप ‘No’ विकल्प चुनकर भी आगे बढ़ सकते हैं। फॉर्म केवल इस वजह से रिजेक्ट नहीं होगा।
डिजीलॉकर और 10वीं की मार्कशीट के नाम में अंतर होने पर क्या करें?NTA के अनुसार, आपका नाम और जन्म तिथि कक्षा 10वीं के प्रमाण पत्र के अनुसार ही दर्ज होनी चाहिए। यदि डिजीलॉकर या आधार में कोई स्पेलिंग गलत है, तो तुरंत अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर उसे अपडेट करवा लें।
ओटीपी न आने की समस्या:सुनिश्चित करें कि आपका आधार या डिजीलॉकर उसी मोबाइल नंबर से जुड़ा हो जो चालू है। ओटीपी 10 मिनट के लिए मान्य रहता है। यदि नेटवर्क की समस्या है, तो कुछ मिनट रुककर “Resend Fresh OTP” पर क्लिक करें।
मल्टीपल रजिस्ट्रेशन की गलती न करें:दो अलग-अलग आईडी या नंबर से दो अलग-अलग फॉर्म कभी न भरें। एक उम्मीदवार को केवल एक ही आवेदन पत्र भरने की अनुमति है; अन्यथा इसे अनुचित साधन (UFM) मानकर उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रश्न 1: क्या जेईई मेन 2027 के लिए डिजीलॉकर अनिवार्य है?
उत्तर: नहीं, डिजीलॉकर अनिवार्य नहीं बल्कि एक सुविधाजनक विकल्प है। यदि आपके पास डिजीलॉकर खाता नहीं है, तो आप अन्य पहचान प्रमाण पत्रों के जरिए भी सत्यापन कर सकते हैं
प्रश्न 2: जेईई मेन फॉर्म में मेरी पहचान (MeriPehchaan) क्या है?
उत्तर: यह भारत सरकार का नेशनल सिंगल साइन-ऑन प्लेटफॉर्म है, जो डिजीलॉकर, जनपरिचय और ई-प्रमाण को एक साथ जोड़ता है ताकि छात्रों को सुरक्षित और बिना बार-बार लॉगिन किए सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके
प्रश्न 3: क्या 12वीं में पढ़ रहे छात्र भी APAAR ID बना सकते हैं?
उत्तर: हाँ, 12वीं में पढ़ रहे छात्र अपने स्कूल या सीधे डिजीलॉकर पोर्टल के जरिए अपनी अपार आईडी बहुत आसानी से जनरेट कर सकते हैं।
प्रश्न 4: नॉन-आधार उम्मीदवारों को परीक्षा के दिन क्या ध्यान रखना होगा?
उत्तर: जिन छात्रों ने बिना आधार के फॉर्म भरा है, उन्हें परीक्षा केंद्र पर पहचान के पुख्ता सत्यापन के लिए सामान्य समय से पहले पहुंचना होगा और अपना वही मूल पहचान पत्र साथ ले जाना होगा जो फॉर्म में चुना गया था
प्रश्न 5: क्या अपार आईडी गलत दर्ज होने पर सुधार विंडो में ठीक की जा सकती है?
उत्तर: हाँ, NTA द्वारा खोली जाने वाली आवेदन सुधार विंडो (Correction Window) के दौरान निर्धारित नियमों के अनुसार विवरण में सुधार किया जा सकता है
JEE Main 2027 Documents: JEE Main 2027 application form bharte waqt live photograph capture karne ke niyam, scanned photo, signature, Class 10 certificate format, file size aur upload rules ki poori saral jankari yahan padhein.
JEE Main 2027 Document Upload Process
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी आधिकारिक इन्फॉर्मेशन बुलेटिन के अनुसार, इस बार जेईई मेन ऑनलाइन आवेदन पत्र भरते समय दस्तावेज़ और फोटोग्राफ अपलोड करने की प्रक्रिया पर खास ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। फॉर्म भरते समय सबसे ज्यादा गलतियाँ अक्सर फोटो, हस्ताक्षर या सर्टिफिकेट के सही फॉर्मेट और साइज में न होने के कारण होती हैं।
इस बार उम्मीदवारों को फॉर्म भरते समय कंप्यूटर या लैपटॉप के वेबकैम (Webcam) अथवा मोबाइल फोन के माध्यम से सीधे अपनी लाइव फोटोग्राफ (Live Photograph) खींचनी होगी। इसके साथ ही हाल ही में खिंचवाई गई कलर्ड पासपोर्ट साइज फोटो, सिग्नेचर और अन्य जरूरी दस्तावेज भी तय किए गए साइज में अपलोड करने होंगे। अगर आप भी इस फॉर्म को भर रहे हैं, तो नीचे दिए गए नियमों को ध्यान से समझें ताकि फॉर्म भरते समय कोई परेशानी न हो।
Documents For JEE Main 2027 Registration: Complete Document Specifications & File Size Limit
NTA द्वारा निर्धारित फोटो, सिग्नेचर और अन्य जरूरी प्रमाण पत्रों के लिए फाइल फॉर्मेट और साइज की सीमाएं तय की गई हैं:
Required Document / Upload Item
File Format
Prescribed Size Limit
Live Photograph
Webcam / Phone Capture
Direct Real-Time Capture
Scanned Passport Size Photograph
JPG / JPEG
10 kB to 200 kB
Candidate’s Signature
JPG / JPEG
10 kB to 100 kB
Class 10 Certificate / Marks-sheet
PDF
50 kB to 300 kB
Disability / UDID Certificate (if applicable)
PDF
50 kB to 300 kB
Physical Limitation to Write Certificate
PDF
50 kB to 300 kB
Non-Indian Passport (for Foreign/OCI)
PDF
50 kB to 300 kB
JEE Main 2027 Documents For Registration: NTA Guidelines for Capturing Live Photograph
जेईई मेन आवेदन पत्र के स्टेप 2 के दौरान उम्मीदवारों को लाइव फोटो कैप्चर करने का विकल्प मिलता है:
कैमरा या वेबकैम का प्रयोग: यदि आप कंप्यूटर या लैपटॉप से फॉर्म भर रहे हैं, तो अपने डिवाइस का वेबकैम ऑन करें या एक्सटर्नल वेबकैम कनेक्ट करें।
मोबाइल फोन से फोटो खींचने का विकल्प (QR Code Option): यदि आपके कंप्यूटर में कैमरा नहीं है या वह ठीक से काम नहीं कर रहा है, तो स्क्रीन पर दिए गए क्यूआर कोड (QR Code) को अपने स्मार्टफोन या टैबलेट से स्कैन करें। इसके बाद मोबाइल से लाइव फोटो खींचकर सबमिट की जा सकती है। मोबाइल पर फोटो अपलोड करने के बाद स्क्रीन पर “Refresh Captured Photo” बटन पर क्लिक करना होगा।
चेहरे का विजिबिलिटी नियम: फोटो में चेहरे का कम से कम 80% हिस्सा (कानों सहित) पूरी तरह साफ दिखाई देना चाहिए। चेहरे पर किसी भी तरह का मास्क नहीं होना चाहिए।
बैकग्राउंड और लाइटिंग: फोटो लेते समय पीछे का बैकग्राउंड सफेद या हल्का (Light background) होना चाहिए। कमरे में पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए ताकि चेहरे पर कोई परछाई (शैडो) न पड़े।
एकल चेहरा: फ्रेम में केवल उम्मीदवार का ही एक चेहरा होना चाहिए।
Guidelines for Scanned Passport Size Photograph & Signature
लाइव फोटो के साथ-साथ पोर्टल पर स्कैन की गई पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर भी अपलोड करने होते हैं:
पासपोर्ट साइज फोटो: यह हाल ही की रंगीन फोटो होनी चाहिए। इसमें भी सफेद बैकग्राउंड के साथ 80% चेहरा (कानों सहित) बिना मास्क के स्पष्ट दिखना चाहिए। फाइल का साइज 10 kB से 200 kB के बीच और फॉर्मेट JPG/JPEG होना जरूरी है।
हस्ताक्षर (Signature): उम्मीदवार को सफेद कागज पर काली या नीली स्याही से साफ हस्ताक्षर करके स्कैन करना चाहिए। इसका साइज 10 kB से 100 kB के बीच JPG/JPEG फॉर्मेट में होना चाहिए। हस्ताक्षर कैपिटल अक्षरों में नहीं होने चाहिए।
दस्तावेजों की स्पष्टता: सभी स्कैन किए गए डॉक्यूमेंट्स (जैसे 10वीं की मार्कशीट या UDID सर्टिफिकेट) पूरी तरह से पढ़ने योग्य (Clearly legible) होने चाहिए। यदि फाइल धुंधली होगी, तो आवेदन पत्र की जांच में दिक्कत आ सकती है।
Common Mistakes Students Face & How to Avoid Them
छात्रों को आमतौर पर फॉर्म भरते समय इन समस्याओं का सामना करना पड़ता है:
लाइव फोटो और पहचान पत्र की फोटो का मेल न खाना (Mismatch Issue): फॉर्म भरते समय जब सिस्टम लाइव फोटो कैप्चर करता है, तो वह आपके आईडी प्रूफ की फोटो से उसका मिलान करता है। यदि फोटो मैच नहीं होती है, तो स्क्रीन पर “Recapture the live photo” का विकल्प मिलता है। ऐसी स्थिति में अच्छी रोशनी में दोबारा सही एंगल से फोटो लें।
सफेद बैकग्राउंड की कमी: कई छात्र अपने कमरे के गहरे रंग वाले पर्दों या दीवारों के सामने बैठकर फोटो खींच लेते हैं। हमेशा किसी सादे सफेद या हल्के रंग की दीवार के सामने खड़े होकर ही फोटो कैप्चर करें।
फाइल साइज अधिक होना: कई बार मोबाइल से स्कैन करने पर पीडीएफ 1 MB से ऊपर चली जाती है। याद रखें कि 10वीं की मार्कशीट और अन्य सर्टिफिकेट की पीडीएफ का साइज 50 kB से 300 kB के बीच ही होना चाहिए।
पहचान पत्र पर पुरानी फोटो होना: NTA ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने सरकारी पहचान पत्र में अपनी हाल की फोटो, नाम और जन्म तिथि को अपडेट रखें।
दूसरों की फोटो अपलोड करना: बुलेटिन में स्पष्ट किया गया है कि उम्मीदवार केवल अपनी ही फोटो और दस्तावेज अपलोड करें। यदि किसी अन्य व्यक्ति के फोटो या सिग्नेचर का उपयोग पाया जाता है, तो इसे अनुचित साधन (UFM) माना जाएगा और उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रश्न 1: जेईई मेन 2027 फॉर्म में लाइव फोटो कैसे खींची जाएगी?
उत्तर: आप अपने लैपटॉप या डेस्कटॉप के वेबकैम से लाइव फोटो ले सकते हैं। यदि वेबकैम उपलब्ध नहीं है, तो स्क्रीन पर दिखने वाले क्यूआर कोड को अपने स्मार्टफोन से स्कैन करके सीधे मोबाइल कैमरे से फोटो अपलोड की जा सकती है।
प्रश्न 2: क्या लाइव फोटो के अलावा स्कैन की गई फोटो भी अपलोड करनी होगी?
उत्तर: हाँ, NTA के नियमानुसार उम्मीदवार को लाइव फोटो कैप्चर करने के साथ-साथ हाल ही की स्कैन की गई कलर्ड पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ (10 kB से 200 kB) भी अपलोड करनी होगी।
प्रश्न 3: फोटो में चेहरा कितना दिखना अनिवार्य है?
उत्तर: फोटो में उम्मीदवार का 80% चेहरा (दोनों कानों सहित) स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए और चेहरे पर कोई मास्क नहीं होना चाहिए। बैकग्राउंड सफेद या हल्का होना जरूरी है।
प्रश्न 4: कक्षा 10वीं की मार्कशीट किस साइज और फॉर्मेट में अपलोड करनी है?
उत्तर: 10वीं का प्रमाण पत्र या अंकतालिका पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में होनी चाहिए और इसका फाइल साइज 50 kB से 300 kB के बीच होना चाहिए।
प्रश्न 5: क्या फॉर्म भरने के बाद अपने दस्तावेज डाक या ईमेल से NTA को भेजने होंगे?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। जेईई मेन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। छात्रों को अपने कन्फर्मेशन पेज या किसी भी दस्तावेज की हार्ड कॉपी पोस्ट, फैक्स या ईमेल के जरिए NTA को भेजने की जरूरत नहीं है।
कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 1 ‘रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरण’ के सम्पूर्ण पुनरीक्षण नोट्स, संतुलित रासायनिक समीकरण, NCERT अभ्यास प्रश्न और बोर्ड परीक्षा उपयोगी सम्पूर्ण हल सरल हिंदी में।
भाग 1: सम्पूर्ण पुनरीक्षण नोट्स (Complete Revision Notes)
1.1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं उनके लक्षण (Chemical Reactions & Characteristics)
परिभाषा एवं अवधारणा (Definition)
जब कोई रासायनिक परिवर्तन घटित होता है, तो उसे रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Reaction) कहा जाता है। इस प्रक्रिया में मूल अथवा प्रारंभिक पदार्थ की रासायनिक प्रकृति तथा पहचान पूर्णतः बदल जाती है और सर्वथा नए भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्मों वाले नए पदार्थों की उत्पत्ति होती है।
दैनिक जीवन में रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रमुख उदाहरण:
गर्मियों के दिनों में कमरे के सामान्य तापमान पर दूध का खट्टा होना या फट जाना।
लोहे के तवे, कील अथवा तसले को नम वायुमंडल (आर्द्रता) में खुला छोड़ देने पर उन पर जंग लगना।
अंगूर के रस का किण्वन (Fermentation) होना।
रसोई में भोजन का पकाया जाना तथा जीवधारियों के शरीर में पाचन तंत्र द्वारा भोजन का पचना।
श्वसन (Respiration) की प्रक्रिया, जिसमें कोशिकाओं में ग्लूकोज का विखंडन होता है।
रासायनिक अभिक्रिया के प्रमुख प्रेक्षण (Characteristics)
किसी भी प्रक्रिया में रासायनिक अभिक्रिया घटित हुई है या नहीं, इसका निर्धारण निम्नलिखित चार भौतिक व रासायनिक प्रेक्षणों के आधार पर किया जाता है:
अवस्था में परिवर्तन (Change in State): पदार्थों की भौतिक अवस्था (ठोस, द्रव, गैस) का बदलना।
रंग में परिवर्तन (Change in Colour): अभिकारकों और उत्पादों के रंग में अंतर आना।
गैस का उत्सर्जन (Evolution of Gas): रासायनिक प्रक्रिया के दौरान किसी नई गैस का निष्कासन।
तापमान में परिवर्तन (Change in Temperature): तंत्र द्वारा ऊष्मा का उत्सर्जन अथवा अवशोषण।
महत्वपूर्ण क्रियाकलाप (NCERT Laboratory Activities)
क्रियाकलाप 1.1: मैग्नीशियम रिबन का दहन (Combustion of Magnesium Ribbon)लगभग 3-4 cm लंबे मैग्नीशियम रिबन को बर्नर की लौ में जलाने से पूर्व रेगमाल (sandpaper) से भली-भांति रगड़कर साफ़ किया जाता है। इसका कारण यह है कि सामान्य वायुमंडल में मैग्नीशियम की सतह पर एक सुरक्षात्मक मैग्नीशियम ऑक्साइड ($\text{MgO}$) की पतली परत जम जाती है, जिसे हटाना आवश्यक होता है। जब साफ़ किए गए रिबन को चिमटे से पकड़कर बर्नर पर गर्म किया जाता है, तो यह अत्यंत चमकदार श्वेत (Dazzling White) लौ के साथ जलता है और एक श्वेत रंग का महीन चूर्ण बनाता है, जो मैग्नीशियम ऑक्साइड होता है:$$\text{2Mg(s)} + \text{O}_2\text{(g)} \rightarrow \text{2MgO(s)}$$
क्रियाकलाप 1.3: दानेदार जस्ते (जिंक) पर तनु अम्ल की क्रियाएक शंक्वाकार फ्लास्क में कुछ दानेदार जिंक ($\text{Zn}$) लेकर उसमें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल ($\text{H}_2\text{SO}_4$) मिलाया जाता है। अभिक्रिया प्रारंभ होते ही जस्ते के टुकड़ों के चारों ओर तीव्र बुदबुदाहट के साथ हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) के बुलबुले निकलते हैं। यदि फ्लास्क को बाहर से स्पर्श किया जाए, तो वह गर्म महसूस होता है, जो तापमान में वृद्धि (ऊष्माक्षेपी प्रकृति) को दर्शाता है:$$\text{Zn(s)} + \text{H}_2\text{SO}_4\text{(aq)} \rightarrow \text{ZnSO}_4\text{(aq)} + \text{H}_2\text{(g)}\uparrow$$
1.2 रासायनिक समीकरण एवं संतुलन (Chemical Equations & Balancing)
रासायनिक समीकरण (Chemical Equation)
किसी रासायनिक अभिक्रिया का प्रतीकों, रासायनिक सूत्रों और अवस्था संकेतों द्वारा संक्षिप्त व सटीक निरूपण रासायनिक समीकरण कहलाता है।
अभिकारक (Reactants): वे रासायनिक पदार्थ जो रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेते हैं अथवा जिनमें रासायनिक बदलाव होता है। इन्हें रासायनिक समीकरण में तीर के बाईं ओर (Left Hand Side – LHS) लिखा जाता है।
उत्पाद (Products): रासायनिक अभिक्रिया के फलस्वरूप निर्मित होने वाले नए गुणधर्मों वाले पदार्थ। इन्हें तीर के दाईं ओर (Right Hand Side – RHS) लिखा जाता है।
कंकाली (ढांचा) समीकरण (Skeletal Equation): यदि तीर के दोनों ओर (LHS तथा RHS) विभिन्न तत्वों के परमाणुओं की संख्या समान न हो, तो ऐसा समीकरण ढांचा या असंतुलित समीकरण कहलाता है।उदाहरण: $\text{Mg} + \text{O}_2 \rightarrow \text{MgO}$।
द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass)
भौतिकी एवं रसायन विज्ञान के मूलभूत नियमानुसार, किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान का न तो सृजन (निर्माण) किया जा सकता है और न ही विनाश (विघटन)।
इसका तात्पर्य यह है कि किसी रासायनिक अभिक्रिया में उत्पादों का कुल द्रव्यमान अभिकारकों के कुल द्रव्यमान के सदैव बराबर होना चाहिए। अतः अभिक्रिया के पहले और उसके पश्चात प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की कुल संख्या समान रहनी चाहिए, इसी कारणवश रासायनिक समीकरणों को संतुलित करना अनिवार्य होता है।
हिट एंड ट्रायल विधि द्वारा समीकरण संतुलन (Step-by-step Balancing)
अभिक्रिया का उदाहरण: $\text{Fe} + \text{H}_2\text{O} \rightarrow \text{Fe}_3\text{O}_4 + \text{H}_2$
चरण 1: रासायनिक सूत्रों के चारों ओर बॉक्स बनानासंतुलन करते समय रासायनिक सूत्रों के मूल संघटन में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता, इसलिए प्रत्येक सूत्र के चारों ओर बॉक्स बना लें:$$[\text{Fe}] + [\text{H}_2\text{O}] \rightarrow [\text{Fe}_3\text{O}_4] + [\text{H}_2]$$
चरण 2: तत्वों के परमाणुओं की संख्या की सूची तैयार करना
लोहा ($\text{Fe}$): LHS = $1$, RHS = $3$
हाइड्रोजन ($\text{H}$): LHS = $2$, RHS = $2$
ऑक्सीजन ($\text{O}$): LHS = $1$, RHS = $4$
चरण 3: सर्वाधिक परमाणु वाले तत्व (ऑक्सीजन) को संतुलित करनाLHS में $\text{O}$ का केवल $1$ परमाणु है, जबकि RHS में $4$ हैं। अतः LHS में $\text{H}_2\text{O}$ के आगे गुणांक $4$ लगाते हैं:$$\text{Fe} + 4\text{H}_2\text{O} \rightarrow \text{Fe}_3\text{O}_4 + \text{H}_2$$
चरण 4: हाइड्रोजन ($\text{H}$) परमाणुओं का संतुलनअब LHS में $4 \times 2 = 8$ हाइड्रोजन परमाणु हो गए हैं, जबकि RHS में केवल $2$ हैं। RHS के $\text{H}_2$ को $4$ से गुणा करते हैं:$$\text{Fe} + 4\text{H}_2\text{O} \rightarrow \text{Fe}_3\text{O}_4 + 4\text{H}_2$$
चरण 5: आयरन ($\text{Fe}$) परमाणुओं का संतुलनRHS में लोहे के $3$ परमाणु उपस्थित हैं। अतः LHS में $\text{Fe}$ के आगे गुणांक $3$ जोड़ते हैं:$$3\text{Fe} + 4\text{H}_2\text{O} \rightarrow \text{Fe}_3\text{O}_4 + 4\text{H}_2$$
चरण 6: भौतिक अवस्थाओं के संकेत जोड़नासमीकरण को अधिक सूचनाप्रद बनाने के लिए पदार्थों की भौतिक अवस्थाओं ठोस (s), द्रव (l), गैस (g) तथा जलीय विलयन (aq) को दर्शाया जाता है:$$3\text{Fe(s)} + 4\text{H}_2\text{O(g)} \rightarrow \text{Fe}_3\text{O}_4\text{(s)} + 4\text{H}_2\text{(g)}$$(नोट: यहाँ $\text{H}_2\text{O(g)}$ का प्रयोग यह स्पष्ट करता है कि अभिक्रिया में जल द्रव रूप में नहीं, बल्कि भाप (Steam) के रूप में प्रयुक्त हुआ है।)
1.3 रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार (Types of Chemical Reactions)
1. संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction)
ऐसी रासायनिक अभिक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक अभिकारक परस्पर संयोग करके एकल उत्पाद (Single Product) का निर्माण करते हैं, संयोजन अभिक्रिया कहलाती है।
बिना बुझा चूना तथा जल की क्रिया:$$\text{CaO(s)} + \text{H}_2\text{O(l)} \rightarrow \text{Ca(OH)}_2\text{(aq)} + \text{ऊष्मा}$$यहाँ कैल्सियम ऑक्साइड ($\text{CaO}$) जल से तीव्रता से क्रिया करके बुझा हुआ चूना [कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड – $\text{Ca(OH)}_2$] बनाता है।
कोयले (कार्बन) का दहन:$$\text{C(s)} + \text{O}_2\text{(g)} \rightarrow \text{CO}_2\text{(g)}$$
जल का संश्लेषण:$$2\text{H}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)} \rightarrow 2\text{H}_2\text{O(l)}$$
दीवारों पर सफेदी का रासायनिक विज्ञान:
दीवारों पर पुताई के लिए बुझे हुए चूने के विलयन [$\text{Ca(OH)}_2$] का उपयोग किया जाता है। पुताई के बाद यह वायुमंडल में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड गैस ($\text{CO}_2$) के साथ धीमी गति से क्रिया करता है। दो से तीन दिनों में दीवारों पर कैल्सियम कार्बोनेट ($\text{CaCO}_3$) की एक पतली, चमकदार और कड़ी परत बन जाती है, जिससे दीवारों में चमक आ जाती है। उल्लेखनीय है कि संगमरमर (Marble) का रासायनिक सूत्र भी $\text{CaCO}_3$ ही होता है।
जिन रासायनिक अभिक्रियाओं में उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ प्रचुर मात्रा में ऊष्मा (ऊर्जा) भी विमुक्त होती है, उन्हें ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएं कहते हैं।
प्राकृतिक गैस (मीथेन) का दहन:$$\text{CH}_4\text{(g)} + 2\text{O}_2\text{(g)} \rightarrow \text{CO}_2\text{(g)} + 2\text{H}_2\text{O(g)} + \text{ऊर्जा}$$
श्वसन (Respiration) प्रक्रिया:पाचन क्रिया के दौरान खाए गए खाद्य पदार्थ ग्लूकोज में टूटते हैं। यह ग्लूकोज हमारे शरीर की कोशिकाओं में उपस्थित ऑक्सीजन से मिलकर ऊर्जा मुक्त करता है:$$\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6\text{(aq)} + 6\text{O}_2\text{(aq)} \rightarrow 6\text{CO}_2\text{(aq)} + 6\text{H}_2\text{O(l)} + \text{ऊर्जा}$$
शाक-सब्जियों व वनस्पतियों का विघटित होकर कंपोस्ट खाद बनना भी ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया का एक आदर्श उदाहरण है।
2. वियोजन या अपघटन अभिक्रिया (Decomposition Reaction)
वह रासायनिक प्रक्रिया जिसमें एक एकल अभिकारक ऊष्मा, विद्युत अथवा प्रकाश ऊर्जा पाकर टूटता है और दो या दो से अधिक सरल उत्पादों का निर्माण करता है, वियोजन अभिक्रिया कहलाती है। यह अभिक्रिया संयोजन के सर्वथा विपरीत होती है।
ऊर्जा के स्रोत के आधार पर वियोजन तीन प्रकार का होता है:
(क) ऊष्मीय वियोजन (Thermal Decomposition)
जब किसी पदार्थ का अपघटन ऊष्मा (ताप) देने से होता है:
फेरस सल्फेट का तापन:$$2\text{FeSO}_4\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} \text{Fe}_2\text{O}_3\text{(s)} + \text{SO}_2\text{(g)} + \text{SO}_3\text{(g)}$$(हरे रंग के फेरस सल्फेट क्रिस्टल गर्म करने पर भूरे फेरिक ऑक्साइड में बदल जाते हैं तथा जलते हुए सल्फर जैसी विशिष्ट गंधयुक्त गैसें निकलती हैं।)
चूना पत्थर (कैल्सियम कार्बोनेट) का अपघटन:$$\text{CaCO}_3\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} \text{CaO(s)} + \text{CO}_2\text{(g)}$$
लेड नाइट्रेट का तापन:$$2\text{Pb(NO}_3)_2\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} 2\text{PbO(s)} + 4\text{NO}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)}$$(गर्म करने पर परखनली से भूरे रंग का नाइट्रोजन डाइऑक्साइड ($\text{NO}_2$) का धुआँ निकलता है।)
जब किसी यौगिक के द्रवित या जलीय रूप में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर उसका अपघटन होता है:
जल का वैद्युत अपघटन:$$2\text{H}_2\text{O(l)} \xrightarrow{\text{विद्युत धारा}} 2\text{H}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)}$$विद्युत अपघटन के दौरान कैथोड (ऋण ध्रुव) पर हाइड्रोजन गैस तथा एनोड (धन ध्रुव) पर ऑक्सीजन गैस एकत्रित होती है। जल के अणु में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का अनुपात $2:1$ होने के कारण कैथोड पर एकत्रित गैस की मात्रा एनोड की तुलना में ठीक दोगुनी होती है।
जब अपघटन की प्रक्रिया सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा द्वारा संपन्न होती है:
सिल्वर क्लोराइड का अपघटन:$$2\text{AgCl(s)} \xrightarrow{\text{सूर्य का प्रकाश}} 2\text{Ag(s)} + \text{Cl}_2\text{(g)}$$(सूर्य के प्रकाश में खुला रखने पर श्वेत रंग का सिल्वर क्लोराइड धूसर/ग्रे रंग के धात्विक सिल्वर में परिवर्तित हो जाता है।)
सिल्वर ब्रोमाइड का अपघटन:$$2\text{AgBr(s)} \xrightarrow{\text{सूर्य का प्रकाश}} 2\text{Ag(s)} + \text{Br}_2\text{(g)}$$महत्वपूर्ण अनुप्रयोग: इस प्रकाश-रासायनिक अभिक्रिया का उपयोग पारंपरिक श्याम-श्वेत (Black & White) फोटोग्राफी में किया जाता है।
ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ (Endothermic Reactions)
जिन रासायनिक अभिक्रियाओं में अभिकारकों के रासायनिक बंधों को तोड़ने के लिए ऊर्जा (ऊष्मा, प्रकाश अथवा विद्युत के रूप में) का अवशोषण होता है, उन्हें ऊष्माशोषी अभिक्रियाएं कहते हैं। सभी वियोजन अभिक्रियाएं सामान्यतः ऊष्माशोषी प्रक्रम होती हैं।
3. विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)
ऐसी अभिक्रिया जिसमें अधिक अभिक्रियाशील तत्व किसी कम अभिक्रियाशील तत्व को उसके जलीय लवण विलयन में से विस्थापित (हटा) देता है, विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।
लोहे की कील और कॉपर सल्फेट की अभिक्रिया:$$\text{Fe(s)} + \text{CuSO}_4\text{(aq)} \rightarrow \text{FeSO}_4\text{(aq)} + \text{Cu(s)}$$जब कॉपर सल्फेट के गहरे नीले विलयन में लोहे की कील डाली जाती है, तो लोहा कॉपर से अधिक सक्रिय होने के कारण उसे हटा देता है। विलयन का रंग नीले से बदलकर हल्का हरा (फेरस सल्फेट बनने के कारण) हो जाता है और कील पर लाल-भूरे रंग के तांबे की परत जम जाती है।
जिंक और कॉपर सल्फेट की अभिक्रिया:$$\text{Zn(s)} + \text{CuSO}_4\text{(aq)} \rightarrow \text{ZnSO}_4\text{(aq)} + \text{Cu(s)}$$
लेड और कॉपर क्लोराइड की अभिक्रिया:$$\text{Pb(s)} + \text{CuCl}_2\text{(aq)} \rightarrow \text{PbCl}_2\text{(aq)} + \text{Cu(s)}$$
वे रासायनिक अभिक्रियाएँ जिनमें अभिकारकों के बीच आयनों का परस्पर विनिमय (आदान-प्रदान) होता है, द्विविस्थापन अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
अवक्षेपण अभिक्रिया (Precipitation Reaction):द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में प्रायः एक ऐसा उत्पाद बनता है जो जल में अघुलनशील होता है। इस अघुलनशील ठोस पदार्थ को अवक्षेप (Precipitate) कहते हैं और ऐसी अभिक्रिया को अवक्षेपण अभिक्रिया कहा जाता है।$$\text{Na}_2\text{SO}_4\text{(aq)} + \text{BaCl}_2\text{(aq)} \rightarrow \text{BaSO}_4\text{(s)}\downarrow + 2\text{NaCl(aq)}$$(सोडियम सल्फेट तथा बेरियम क्लोराइड के जलीय विलयनों को मिलाने पर बेरियम सल्फेट [$\text{BaSO}_4$] का अविलेय श्वेत अवक्षेप प्राप्त होता है।)
किसी पदार्थ से हाइड्रोजन ($\text{H}$) का ह्रास (निष्कासन) होना।उदाहरण: कॉपर के चूर्ण को गर्म करने पर ऑक्सीजन जुड़ने से काली परत बनती है:$$2\text{Cu} + \text{O}_2 \xrightarrow{\text{तापन}} 2\text{CuO}$$
अपचयन (Reduction):
किसी पदार्थ में ऑक्सीजन ($\text{O}$) का ह्रास होना।
किसी पदार्थ में हाइड्रोजन ($\text{H}$) का योग होना।उदाहरण: गर्म $\text{CuO}$ पर हाइड्रोजन गैस प्रवाहित करने पर कॉपर पुनः प्राप्त होता है:$$\text{CuO} + \text{H}_2 \xrightarrow{\text{तापन}} \text{Cu} + \text{H}_2\text{O}$$
रेडॉक्स अभिक्रिया (Redox Reaction):ऐसी रासायनिक अभिक्रिया जिसमें एक अभिकारक का उपचयन (ऑक्सीकरण) तथा दूसरे अभिकारक का अपचयन एक साथ घटित होता है, उपचयन-अपचयन अथवा रेडॉक्स अभिक्रिया कहलाती है।$$\text{CuO} + \text{H}_2 \rightarrow \text{Cu} + \text{H}_2\text{O}$$
यहाँ $\text{CuO}$ से ऑक्सीजन हट रही है $\rightarrow$ इसका अपचयन कॉपर ($\text{Cu}$) में हो रहा है।
$\text{H}_2$ में ऑक्सीजन का योग हो रहा है $\rightarrow$ इसका उपचयन जल ($\text{H}_2\text{O}$) में हो रहा है।
अन्य प्रमुख रेडॉक्स उदाहरण:
$\text{ZnO} + \text{C} \rightarrow \text{Zn} + \text{CO}$($\text{ZnO}$ अपचयित होकर $\text{Zn}$ बनाता है तथा कार्बन $\text{C}$ उपचयित होकर $\text{CO}$ बनाता है।)
$\text{MnO}_2 + 4\text{HCl} \rightarrow \text{MnCl}_2 + 2\text{H}_2\text{O} + \text{Cl}_2$($\text{MnO}_2$ का अपचयन $\text{MnCl}_2$ में तथा $\text{HCl}$ का उपचयन $\text{Cl}_2$ में होता है।)
1.4 दैनिक जीवन में उपचयन अभिक्रियाओं के प्रभाव (Effects of Oxidation)
1. संक्षारण (Corrosion)
जब कोई धातु अपने आस-पास के वायुमंडल की नमी (आर्द्रता), ऑक्सीजन, अम्लों या गैसों के संपर्क में आती है, तो उसकी ऊपरी सतह धीरे-धीरे उपचयित होकर क्षयग्रस्त होने लगती है। इस विनाशकारी प्रक्रम को संक्षारण कहा जाता है।
दैनिक जीवन में संक्षारण के उदाहरण:
लोहे पर लालिमायुक्त भूरे रंग की परत का जमना (जंग लगना – Rusting)।
खुली हवा में रखने पर चांदी के आभूषणों पर काली परत ($\text{Ag}_2\text{S}$) का चढ़ना।
नम वातावरण में तांबे के बर्तनों पर क्षारीय कॉपर कार्बोनेट की हरी परत का जमना।
संक्षारण से बचाव के उपाय: धातुओं की सतह पर पेंट करना, तेल अथवा ग्रीस लगाना, विद्युत लेपन (Electroplating) करना तथा यशदलेपन (Galvanisation)—अर्थात लोहे और इस्पात को जंग से सुरक्षित रखने के लिए उन पर जस्ते (जिंक) की बारीक परत चढ़ाना।
2. विकृतगंधिता (Rancidity)
वसायुक्त तथा तैलीय खाद्य पदार्थ जब लंबे समय तक वायु के संपर्क में रहते हैं, तो वायु की ऑक्सीजन द्वारा उनका उपचयन (ऑक्सीकरण) हो जाता है। इस प्रक्रिया के फलस्वरूप उनके स्वाद और गंध में अप्रिय बदलाव आ जाता है और वे खाने योग्य नहीं रहते; इसे विकृतगंधिता कहते हैं।
विकृतगंधिता से बचाव के प्रमुख तरीके:
प्रति-ऑक्सीकारक (Antioxidants) मिलाना: जो ऑक्सीकरण की दर को अत्यंत धीमा कर देते हैं।
अक्रिय गैस का उपयोग: आलू के चिप्स और नमकीन की थैलियों में से ऑक्सीजन निकालकर नाइट्रोजन ($\text{N}_2$) जैसी कम सक्रिय गैस भरी जाती है, जिससे चिप्स का उपचयन नहीं होता।
वायुरोधी डिब्बों का प्रयोग: खाद्य सामग्री को एयर-टाइट कंटेनरों में रखने से उपचयन की गति धीमी हो जाती है।
रेफ्रिजरेटर में कम तापमान पर खाद्य पदार्थों का भंडारण करना।
भाग 2: पाठ्यनिहित एवं अभ्यास प्रश्नों के सम्पूर्ण हल (NCERT Solutions)
2.1 NCERT पाठ्यनिहित प्रश्नों के उत्तर (In-Text Questions & Answers)
प्रश्नावली – पृष्ठ संख्या 6
प्रश्न 1: वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ़ क्यों किया जाता है?
उत्तर: मैग्नीशियम एक अत्यधिक क्रियाशील धातु है। जब यह सामान्य वायु के संपर्क में रहती है, तो वायुमंडलीय ऑक्सीजन से धीमी क्रिया करके अपने ऊपर एक पतली एवं स्थिर मैग्नीशियम ऑक्साइड ($\text{MgO}$) की सुरक्षात्मक परत बना लेती है। यह ऑक्साइड परत मैग्नीशियम को ऑक्सीजन के प्रत्यक्ष संपर्क में आने से रोकती है, जिससे रिबन का जलना कठिन हो जाता है। अतः इसे जलाने से पूर्व रेगमाल से रगड़कर साफ किया जाता है ताकि यह परत हट सके और मैग्नीशियम सुगमतापूर्वक जल सके।
प्रश्न 2: निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए:
प्रश्न 3: निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए उनकी अवस्था के संकेतों के साथ संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए:
जल में बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फेट के विलयन परस्पर अभिक्रिया करके अविलेय बेरियम सल्फेट का अवक्षेप तथा सोडियम क्लोराइड का विलयन बनाते हैं:$$\text{BaCl}_2\text{(aq)} + \text{Na}_2\text{SO}_4\text{(aq)} \rightarrow \text{BaSO}_4\text{(s)}\downarrow + 2\text{NaCl(aq)}$$
सोडियम हाइड्रॉक्साइड का जलीय विलयन हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के जलीय विलयन से क्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा जल बनाते हैं:$$\text{NaOH(aq)} + \text{HCl(aq)} \rightarrow \text{NaCl(aq)} + \text{H}_2\text{O(l)}$$
प्रश्नावली – पृष्ठ संख्या 11
प्रश्न 1: किसी पदार्थ ‘X’ के विलयन का उपयोग सफेदी करने के लिए होता है:
पदार्थ ‘X’ का नाम तथा इसका सूत्र लिखिए।उत्तर: पदार्थ ‘X’ का रासायनिक नाम कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना – Quicklime) है। इसका रासायनिक सूत्र $\text{CaO}$ है।
पदार्थ ‘X’ की जल के साथ अभिक्रिया लिखिए।उत्तर: कैल्सियम ऑक्साइड जल के साथ तीव्रता से क्रिया करके बुझा हुआ चूना [कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड – $\text{Ca(OH)}_2$] बनाता है तथा अत्यधिक मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करता है:$$\text{CaO(s)} + \text{H}_2\text{O(l)} \rightarrow \text{Ca(OH)}_2\text{(aq)} + \text{ऊष्मा}$$
प्रश्न 2: क्रियाकलाप 1.7 (जल का वैद्युत अपघटन) में एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी क्यों होती है? उस गैस का नाम लिखिए।
उत्तर: जल का रासायनिक सूत्र $\text{H}_2\text{O}$ होता है, जिसका अर्थ है कि जल के निर्माण में हाइड्रोजन के दो परमाणु और ऑक्सीजन का एक परमाणु परस्पर संयुक्त होते हैं ($2:1$ का स्थिर परमाण्विक अनुपात)।
जब जल में अम्लीकृत विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो इसका वैद्युत अपघटन होता है:
समीकरण के अनुसार, जल के $2$ अणु विघटित होकर हाइड्रोजन गैस के $2$ आयतन तथा ऑक्सीजन गैस का केवल $1$ आयतन उत्पन्न करते हैं। यही कारण है कि कैथोड पर एकत्रित होने वाली हाइड्रोजन गैस ($\text{H}_2$) का आयतन एनोड पर एकत्रित होने वाली ऑक्सीजन गैस की तुलना में ठीक दोगुना होता है।
प्रश्नावली – पृष्ठ संख्या 15
प्रश्न 1: जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है, तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?
उत्तर: विद्युत रासायनिक सक्रियता श्रेणी के अनुसार, लोहा ($\text{Fe}$) कॉपर ($\text{Cu}$) की तुलना में अधिक अभिक्रियाशील तत्व है। जब लोहे की कील को नीले रंग के कॉपर सल्फेट ($\text{CuSO}_4$) विलयन में रखा जाता है, तो लोहा कॉपर को विलयन से विस्थापित कर देता है और हल्के हरे रंग का फेरस सल्फेट ($\text{FeSO}_4$) बना लेता है। कॉपर आयनों के हटने और फेरस आयनों के बनने के कारण विलयन का नीला रंग गायब होकर हल्का हरा हो जाता है:
प्रश्न 2: द्विविस्थापन अभिक्रिया का कोई एक अन्य उदाहरण दीजिए (बेरियम सल्फेट निर्माण के अतिरिक्त)।
उत्तर: जब सिल्वर नाइट्रेट के विलयन में सोडियम क्लोराइड का विलयन मिलाया जाता है, तो आयनों के परस्पर विनिमय से सिल्वर क्लोराइड का सफेद अवक्षेप तथा सोडियम नाइट्रेट का विलयन प्राप्त होता है:
विकल्प: (i) (a) एवं (b) | (ii) (a) एवं (c) | (iii) (a), (b) एवं (c) | (iv) सभी
उत्तर: (i) (a) एवं (b)
स्पष्टीकरण: अभिक्रिया में $\text{PbO}$ (लेड ऑक्साइड) अपचयित होकर $\text{Pb}$ बना रहा है और कार्बन ($\text{C}$) उपचयित होकर $\text{CO}_2$ बना रहा है। अतः कथन (a) और (b) असत्य हैं।
प्रश्न 2: $\text{Fe}_2\text{O}_3 + 2\text{Al} \rightarrow \text{Al}_2\text{O}_3 + 2\text{Fe}$ ऊपर दी गई अभिक्रिया किस प्रकार की है?
(a) संयोजन अभिक्रिया
(b) द्विविस्थापन अभिक्रिया
(c) वियोजन अभिक्रिया
(d) विस्थापन अभिक्रिया
उत्तर: (d) विस्थापन अभिक्रिया
स्पष्टीकरण: यहाँ एल्युमिनियम ($\text{Al}$) आयरन ($\text{Fe}$) से अधिक क्रियाशील होने के कारण उसे आयरन ऑक्साइड से विस्थापित कर रहा है।
प्रश्न 3: लौह-चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? सही उत्तर पर निशान लगाइए।
(a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।
(b) क्लोरीन गैस एवं आयरन हाइड्रॉक्साइड बनता है।
(c) कोई अभिक्रिया नहीं होती।
(d) आयरन लवण एवं जल बनता है।
उत्तर: (a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।
रासायनिक समीकरण: $\text{Fe(s)} + 2\text{HCl(aq)} \rightarrow \text{FeCl}_2\text{(aq)} + \text{H}_2\text{(g)}\uparrow$
प्रश्न 4: संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
संतुलित रासायनिक समीकरण: वह रासायनिक समीकरण जिसमें तीर के दोनों ओर (अभिकारक एवं उत्पाद पक्षों में) प्रत्येक तत्व के परमाणुओं की संख्या पूर्णतः समान होती है, संतुलित रासायनिक समीकरण कहलाता है।
संतुलन की आवश्यकता:द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार, किसी भी रासायनिक प्रक्रम में द्रव्यमान का न तो सृजन हो सकता है और न ही विनाश। अतः दोनों पक्षों का कुल द्रव्यमान समान रखने के लिए अभिकारकों और उत्पादों के परमाणुओं की संख्या को संतुलित करना आवश्यक होता है।
प्रश्न 5: निम्न कथनों को रासायनिक समीकरण के रूप में परिवर्तित कर उन्हें संतुलित कीजिए:
(a) नाइट्रोजन गैस हाइड्रोजन गैस से संयोग करके अमोनिया बनाती है:
प्रश्न 9: ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया का क्या अर्थ है? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया: वे अभिक्रियाएँ जिनमें उत्पादों के बनने के साथ ऊष्मा ऊर्जा बाहर निकलती है।उदाहरण: प्राकृतिक गैस का दहन:$$\text{CH}_4\text{(g)} + 2\text{O}_2\text{(g)} \rightarrow \text{CO}_2\text{(g)} + 2\text{H}_2\text{O(g)} + \text{ऊष्मा}$$
ऊष्माशोषी अभिक्रिया: वे अभिक्रियाएँ जिनमें अभिकारकों को तोड़ने के लिए बाह्य ऊष्मा ऊर्जा का अवशोषण होता है।उदाहरण: चूना पत्थर का अपघटन:$$\text{CaCO}_3\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} \text{CaO(s)} + \text{CO}_2\text{(g)}$$
प्रश्न 10: श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए।
उत्तर: जीवित रहने के लिए हमें ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जो हमें भोजन से मिलती है। पाचन के दौरान चावल, आलू जैसी कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य सामग्रियां टूटकर ग्लूकोज ($\text{C}_6\text{H}_{12}\text{O}_6$) बनाती हैं। यह ग्लूकोज हमारे शरीर की कोशिकाओं में उपस्थित श्वसन द्वारा ग्रहण की गई ऑक्सीजन से संयोजित होकर धीरे-धीरे जलकर विघटित होता है और प्रचुर मात्रा में जैविक ऊर्जा मुक्त करता है:
अतः दोनों अभिक्रियाओं की क्रियाविधि एक-दूसरे के सर्वथा उल्टी होने के कारण इन्हें परस्पर विपरीत माना जाता है।
प्रश्न 12: उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखिए जिनमें ऊष्मा, प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है:
ऊष्मा द्वारा वियोजन (ऊष्मीय अपघटन):$$\text{CaCO}_3\text{(s)} \xrightarrow{\text{ऊष्मा}} \text{CaO(s)} + \text{CO}_2\text{(g)}$$
प्रकाश द्वारा वियोजन (प्रकाश अपघटन):$$2\text{AgCl(s)} \xrightarrow{\text{सूर्य का प्रकाश}} 2\text{Ag(s)} + \text{Cl}_2\text{(g)}$$
विद्युत द्वारा वियोजन (वैद्युत अपघटन):$$2\text{H}_2\text{O(l)} \xrightarrow{\text{विद्युत}} 2\text{H}_2\text{(g)} + \text{O}_2\text{(g)}$$
प्रश्न 13: विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।
उत्तर:
विस्थापन अभिक्रिया: इसमें एक अधिक सक्रिय तत्व किसी अन्य कम सक्रिय तत्व को उसके लवण विलयन से हटाकर स्वयं उसका स्थान ले लेता है। इसमें केवल एकल प्रतिस्थापन होता है।$$\text{Fe(s)} + \text{CuSO}_4\text{(aq)} \rightarrow \text{FeSO}_4\text{(aq)} + \text{Cu(s)}$$
द्विविस्थापन अभिक्रिया: इसमें दो अलग-अलग यौगिक अपने घटकों/आयनों का पारस्परिक विनिमय (Mutual Exchange) करके दो सर्वथा नए यौगिक बनाते हैं।$$\text{Na}_2\text{SO}_4\text{(aq)} + \text{BaCl}_2\text{(aq)} \rightarrow \text{BaSO}_4\text{(s)}\downarrow + 2\text{NaCl(aq)}$$
प्रश्न 14: सिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर: कॉपर ($\text{Cu}$) सिल्वर ($\text{Ag}$) से अधिक क्रियाशील होने के कारण उसे विस्थापित कर देता है:
प्रश्न 15: अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर: जब दो द्रवों अथवा जलीय विलयनों को मिलाने पर रासायनिक अभिक्रिया के फलस्वरूप एक ऐसा ठोस उत्पाद बनता है जो जल में अविलेय (अघुलनशील) होकर नीचे बैठ जाता है, तो उसे अवक्षेप कहते हैं और इस पूरी अभिक्रिया को अवक्षेपण अभिक्रिया कहा जाता है।
प्रश्न 16: ऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर निम्न पदों की व्याख्या कीजिए। प्रत्येक के लिए दो उदाहरण दीजिए:
(a) उपचयन (Oxidation): जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का योग होता है।उदाहरण 1: $2\text{Cu} + \text{O}_2 \xrightarrow{\text{तापन}} 2\text{CuO}$उदाहरण 2: $\text{C} + \text{O}_2 \rightarrow \text{CO}_2$
(b) अपचयन (Reduction): जब किसी रासायनिक अभिक्रिया में किसी यौगिक से ऑक्सीजन का ह्रास (निकलना) होता है।उदाहरण 1: $\text{CuO} + \text{H}_2 \xrightarrow{\text{तापन}} \text{Cu} + \text{H}_2\text{O}$उदाहरण 2: $\text{ZnO} + \text{C} \rightarrow \text{Zn} + \text{CO}$
प्रश्न 17: एक भूरे रंग का चमकदार तत्व ‘X’ को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है। इस तत्व ‘X’ एवं उस काले रंग के यौगिक का नाम बताइए।
उत्तर:
चमकदार भूरे रंग का तत्व ‘X’ कॉपर धातु ($\text{Cu}$) है।
जब कॉपर को हवा में गर्म किया जाता है, तो यह ऑक्सीजन से क्रिया करके उपचयित होता है और उस पर काले रंग की कॉपर ऑक्साइड की परत जम जाती है।
काले रंग का बनने वाला यौगिक कॉपर (II) ऑक्साइड ($\text{CuO}$) है।$$\text{समीकरण:} \quad 2\text{Cu(s)} + \text{O}_2\text{(g)} \xrightarrow{\text{तापन}} 2\text{CuO(s)}$$
प्रश्न 18: लोहे की वस्तुओं को हम पेंट क्यों करते हैं?
उत्तर: लोहे की धातु वायुमंडल में उपस्थित नमी (आर्द्रता) तथा ऑक्सीजन के सीधे संपर्क में आकर उपचयित हो जाती है, जिससे उस पर जंग लग जाता है और लोहा धीरे-धीरे नष्ट होने लगता है। जब लोहे की सतह पर पेंट का लेप कर दिया जाता है, तो पेंट की परत लोहे और वायुमंडलीय नमी व गैसों के बीच एक सुरक्षात्मक अवरोधक (Barrier) का कार्य करती है। इससे लोहा संपर्क में नहीं आ पाता और जंग लगने से सुरक्षित रहता है।
प्रश्न 19: तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से प्रभावित क्यों किया जाता है?
उत्तर: तेल और वसायुक्त खाद्य पदार्थ यदि वायुमंडल की ऑक्सीजन के संपर्क में रहें, तो वे आसानी से उपचयित (ऑक्सीकृत) हो जाते हैं, जिससे उनका स्वाद व गंध बिगड़ जाती है (विकृतगंधिता)। नाइट्रोजन एक अत्यंत कम क्रियाशील (अक्रिय) गैस है। जब पैकिंग थैलियों में ऑक्सीजन को हटाकर नाइट्रोजन गैस भर दी जाती है, तो खाद्य सामग्री का उपचयन नहीं हो पाता और वे लंबे समय तक ताजे व कुरकुरे बने रहते हैं।
प्रश्न 20: निम्न पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए:
(a) संक्षारण (Corrosion): जब कोई धातु अपने आस-पास के वातावरण में उपस्थित नमी, अम्ल अथवा वायु के संपर्क में आकर धीरे-धीरे रासायनिक रूप से नष्ट होती है।उदाहरण: लोहे की कीलों या औजारों पर नमी के कारण लाल-भूरे रंग का जंग लगना।
(b) विकृतगंधिता (Rancidity): तेल एवं वसा से निर्मित भोजन का वायु की ऑक्सीजन द्वारा उपचयित हो जाना, जिससे उसमें दुर्गंध आने लगती है तथा स्वाद खट्टा या कसैला हो जाता है।उदाहरण: खुले में रखे मक्खन या कई दिनों तक खुले पैकेट में रखे चिप्स का स्वाद व महक बिगड़ जाना।