75% Criteria JEE Mains 2027: क्या 75% से कम अंक वाले छात्र JEE Main दे सकते हैं? जानें टॉप 20 पर्सेंटाइल नियम

Brijesh K YadavBrijesh K Yadav|Updated: 27 Oct, 2026

75% Criteria JEE Mains 2027: क्या 12वीं में 75% से कम नंबर होने पर जेईई मेन फॉर्म भर सकते हैं? जानिए परीक्षा में बैठने और एनआईटी/आईआईटी एडमिशन नियमों में अंतर, टॉप 20 पर्सेंटाइल कटऑफ और सुधार परीक्षा के विकल्प।

75% Criteria JEE Mains 2027 vs Top 20 Percentile Rule

जेईई मेन 2027 की तैयारी कर रहे छात्रों, विशेषकर यूपी बोर्ड और अन्य स्टेट बोर्ड्स के हिंदी माध्यम विद्यार्थियों के मन में 12वीं के बोर्ड अंकों को लेकर काफी असमंजस रहता है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी आधिकारिक इन्फॉर्मेशन बुलेटिन के अनुसार, केवल जेईई मेन परीक्षा में बैठने (Appearing) के लिए 12वीं में कोई न्यूनतम प्रतिशत बाध्यता नहीं है।

लेकिन जब बात राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs), भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIITs) और अन्य केंद्रीय वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों (CFTIs) में सीट आवंटन और अंतिम प्रवेश की आती है, तब केंद्रीय सीट आवंटन बोर्ड (CSAB) और जोसा (JoSAA) की पात्रता शर्तें लागू होती हैं। इन संस्थानों में बी.टेक और बी.ई. में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को कक्षा 12वीं में या तो कम से कम 75% कुल अंक (Aggregate Marks) लाने होते हैं या फिर अपने संबंधित बोर्ड की टॉप 20 पर्सेंटाइल (Top 20 Percentile) सूची में स्थान प्राप्त करना होता है। आइए इस पूरे नियम को आसान और व्यावहारिक भाषा में समझें।

JEE Main 2027 Complete Eligibility Matrix for Admission (NITs / IIITs / CFTIs)

Candidate Category Minimum Aggregate Marks Alternative Board Criteria
General / GEN-EWS 75% Aggregate in Class 12th Within Top 20 Percentile of Respective Board
OBC (NCL) 75% Aggregate in Class 12th Within Top 20 Percentile of Respective Board
SC / ST Category 65% Aggregate in Class 12th Within Top 20 Percentile of Respective Board
PwD / PwBD Category 65% Aggregate in Class 12th Within Top 20 Percentile of Respective Board

Exam Eligibility vs Admission Eligibility (The Real Difference)

कई छात्रों को यह गलतफहमी होती है कि यदि उनके 12वीं में 75% अंक नहीं हैं, तो वे जेईई मेन 2027 का फॉर्म ही नहीं भर सकते।

  • परीक्षा में बैठने के नियम (To Appear in Exam): NTA के अनुसार जेईई मेन 2027 परीक्षा में शामिल होने के लिए 12वीं में कोई न्यूनतम प्रतिशत अनिवार्य नहीं है। यदि आप 12वीं केवल 33% अंकों के साथ पास हैं या 2027 में 12वीं की परीक्षा दे रहे हैं, तो भी आप परीक्षा में बैठ सकते हैं और अपनी रैंक ला सकते हैं।
  • एडमिशन के नियम (For Final Admission): 75% का नियम केवल JoSAA/CSAB काउंसलिंग के समय NITs, IIITs और CFTIs में सीट लॉक करते समय लागू होता है। राज्य सरकार के कई इंजीनियरिंग कॉलेज और निजी विश्वविद्यालय (Private Universities) केवल जेईई मेन के स्कोर/रैंक के आधार पर एडमिशन देते हैं, जहां 75% की बाध्यता नहीं होती।

What is the Top 20 Percentile Rule and How is it Calculated?

टॉप 20 पर्सेंटाइल नियम मुख्य रूप से स्टेट बोर्ड्स (जैसे यूपी बोर्ड, बिहार बोर्ड, राजस्थान बोर्ड) के छात्रों को राहत देने के लिए बनाया गया है। केंद्रीय बोर्ड्स (जैसे CBSE या ISC) की तुलना में कई राज्य बोर्ड्स में मार्किंग सख्त होती है, जहाँ छात्रों के लिए 75% अंक लाना बेहद कठिन हो जाता है।

  • पर्सेंटाइल की परिभाषा: टॉप 20 पर्सेंटाइल का अर्थ यह नहीं है कि आपको 80% नंबर लाने हैं। इसका अर्थ यह है कि संबंधित शैक्षणिक वर्ष में आपके बोर्ड से जितने भी छात्र पास हुए हैं, उनमें से शीर्ष 20% छात्रों के बराबर या उससे अधिक अंक आपके होने चाहिए।
  • कटऑफ का निर्धारण: प्रत्येक बोर्ड हर साल श्रेणीवार (General, OBC-NCL, SC, ST) टॉप 20 पर्सेंटाइल के कटऑफ अंक जारी करता है।
  • पात्रता का उदाहरण: यदि यूपी बोर्ड में किसी वर्ष जनरल कैटेगरी की टॉप 20 पर्सेंटाइल कटऑफ 500 में से 360 अंक (यानी 72%) जाती है, और आपके 73% अंक हैं, तो आप 75% न होने के बावजूद भी एनआईटी और आईआईटी में प्रवेश के लिए पूरी तरह पात्र माने जाएंगे।

5-Subject Aggregate Calculation for Engineering Admissions

75% या टॉप 20 पर्सेंटाइल की गणना करते समय पूरे विषयों के अंक नहीं जोड़े जाते, बल्कि JoSAA नियमों के अनुसार केवल 5 मुख्य विषयों के अंकों को शामिल किया जाता है:

  1. भौतिक विज्ञान (Physics)
  2. गणित (Mathematics)
  3. रसायन विज्ञान (Chemistry), जीव विज्ञान (Biology), बायोटेक्नोलॉजी या कोई तकनीकी व्यावसायिक विषय
  4. कोई एक भाषा (Language Subject) (जैसे हिंदी या अंग्रेजी)
  5. कोई अन्य पांचवां विषय (Any Other Subject) जिसमें छात्र के सर्वाधिक अंक हों

यदि किसी छात्र ने 6 विषय लिए हैं, तो फिजिक्स, मैथ्स, केमिस्ट्री और लैंग्वेज के अलावा बचे हुए दो विषयों में से जिसमें सबसे ज्यादा नंबर होंगे, उसी को पांचवें विषय के रूप में गिना जाएगा।

Special Guide for UP Board Students (80:20 Pattern Impact)

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षाओं में ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं:

  • नया 80:20 मार्किंग सिस्टम: गैर-प्रैक्टिकल विषयों (जैसे हिंदी, अंग्रेजी और गणित) में अब 80 अंक की लिखित परीक्षा और 20 अंक स्कूल स्तर पर आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) के होंगे। वहीं फिजिक्स और केमिस्ट्री में 70 अंक लिखित व 30 अंक प्रैक्टिकल का पुराना नियम जारी रहेगा।
  • इंटरनल असेसमेंट का लाभ: 20 अंकों के आंतरिक मूल्यांकन से यूपी बोर्ड के छात्रों का कुल प्रतिशत सुधरेगा, जिससे 75% का आंकड़ा छूना पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा।
  • कटऑफ पर नजर: यूपी बोर्ड के छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बोर्ड द्वारा जारी टॉप 20 पर्सेंटाइल कटऑफ को समय पर चेक करें। यदि किसी कारणवश आपके 75% नहीं बन पाते हैं, तो टॉप 20 पर्सेंटाइल आपके लिए लाइफलाइन का काम करता है।

What to Do if You Score Less Than 75% in Class 12th?

यदि किसी अभ्यर्थी के 12वीं में 75% अंक नहीं बन पाते हैं और वह टॉप 20 पर्सेंटाइल में भी नहीं आता है, तो उसके पास निम्नलिखित विकल्प होते हैं:

  • इम्प्रूवमेंट परीक्षा (Improvement Exam): छात्र अपने संबंधित बोर्ड से इम्प्रूवमेंट परीक्षा देकर अपने अंक बढ़ा सकता है। हालांकि, JoSAA नियमों के अनुसार यदि आप टॉप 20 पर्सेंटाइल का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको सभी विषयों की इम्प्रूवमेंट परीक्षा एक ही वर्ष में देनी होती है।
  • अन्य प्रतिष्ठित संस्थान: कई बेहतरीन तकनीकी संस्थान (जैसे राज्य सरकार के इंजीनियरिंग कॉलेज, DTU, NSUT, कई ट्रिपल आईटी और प्राइवेट यूनिवर्सिटीज) 60% या केवल पासिंग मार्क्स पर जेईई मेन की रैंक के आधार पर प्रवेश देते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

प्रश्न 1: क्या 12वीं में 75% से कम अंक होने पर जेईई मेन 2027 का फॉर्म भर सकते हैं?

उत्तर: हाँ, बिल्कुल। NTA बुलेटिन के अनुसार परीक्षा में बैठने के लिए केवल 12वीं उत्तीर्ण होना या 2027 में परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। परीक्षा देने के लिए कोई न्यूनतम अंक सीमा नहीं है।

प्रश्न 2: एससी और एसटी वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम कितने प्रतिशत अंक आवश्यक हैं?

उत्तर: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग (PwBD) वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 65% कुल अंक या अपने बोर्ड की टॉप 20 पर्सेंटाइल में आना अनिवार्य है।

प्रश्न 3: क्या ओबीसी (OBC-NCL) और ईडब्ल्यूएस (EWS) को 75% में कोई छूट मिलती है?

उत्तर: नहीं, ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस वर्ग के छात्रों को सामान्य वर्ग के समान ही कम से कम 75% अंक या टॉप 20 पर्सेंटाइल की शर्त पूरी करनी होती है।

प्रश्न 4: टॉप 20 पर्सेंटाइल का मतलब क्या 80% अंक लाना होता है?

उत्तर: नहीं, इसका मतलब यह है कि आपका स्कोर आपके राज्य बोर्ड के सफल छात्रों के शीर्ष 20 प्रतिशत के कटऑफ अंक के बराबर या उससे अधिक होना चाहिए, जो अक्सर 75% से कम ही रहता है।

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Brijesh K Yadav
Author & Educator

Brijesh K Yadav

Brijesh Kumar Yadav is an experienced teacher and content creator with over 10 years of professional experience. He is the founder of BestFunda.com, a platform dedicated to guiding students from 10th, 12th, and graduation levels. Brijesh provides valuable career advice through blogs, videos, and social media. As an entrepreneur and career coach, he is passionate about helping students make informed decisions and build successful futures.

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